
इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में 22,919 करोड़ की प्रोत्साहन योजना में कंपनियों की दिलचस्पी
Mar 31, 2025
- दिग्गज कंपनियां प्रोत्साहन योजना में शामिल होने को बेताब
नई दिल्ली । अग्रिम पूंजी और उत्पादन मूल्य की सब्सिडी के साथ, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले हफ्ते गहन मंजूरी दी है इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के लिए उत्पादन से जुड़ी एक उद्यमिता मानदंडित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के लिए 22,919 करोड़ रुपये की बड़ी राशि। इस योजना में देशी और वैश्विक कंपनियों ने शिकस्त पकड़ी है। डिक्सन टेक्नोलॉजीज, अंबर एंटरप्राइजेज, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, जापानी कंपनी टीडीके कॉर्पोरेशन, ताइवान की होन हाई टेक्नोलॉजी समूह, ऑस्ट्रियाई एटीऐंडएस और जापानी मुराता मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में शामिल होने के लिए बेताब हैं। इस प्रोत्साहन योजना में लगभग 50 करोड़ से 1,000 करोड़ रुपये तक के निवेश का अनुमान है जिसमें प्रिंटेड सर्किट बोर्ड और कैपेसिटर जैसे पैसिव पुर्जे विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह योजना एक व्यापक उत्पादन को बढ़ावा देने की उम्मीद के साथ आएगी।
डिक्सन के वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं कि कंपनी डिस्प्ले मॉड्यूल, कैमरा मॉड्यूल और मैकेनिकल घटकों पर केंद्रित होगी, जिसमें 800 करोड़ रुपये का निवेश की योजना है। दिल्ली की अंबर एंटरप्राइजेज ने पीसीबी विनिर्माण के लिए आवेदन करने की योजना बताई है और कोरियान सर्किट कंपनी के साथ संयुक्त उद्यम बनाने की तैयारी की है। इस क्षेत्र में उत्कृष्ट मौके की बात करते हुए अंबर इंटरप्राइजेज के चेयरमैन ने 2,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बताई है और कहा कि यह योजना देश में पीसीबी के उत्पादन को बढ़ावा देने का माध्यम साबित हो सकती है। इन सभी विकसित और उद्यमशील कंपनियों के साथ भारत सरकार का प्रयास है कि इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में नई ऊर्जा और प्रेरणा का स्रोत बना सकें और देश को विश्वस्तरीय उत्पादन क्षमता में बढ़ावा प्रदान कर सकें। यह प्रोत्साहन योजना एक नया संकेत है कि भारत अपने इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में मील का पत्थर बनने के लिए कदम उठा रहा है।