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महिला एशिया कप क्रिकेट सेमीफाइनल में आज बांग्लादेश से होगा भारतीय टीम का मुकाबला ।

दुबई। भारतीय महिला क्रिकेट टीम आज बांग्लादेश के खिलाफ महिला एशिया कप के पहले सेमीफाइनल में उतरेगी। गत विजेता भारतीय टीम इस मैच में जीत की प्रबल दावेदार है। भारतीय टीम हालांकि किसी किसी की ढ़िलायी इस मैच में न दिखाते हुए अपनी ओर से सभी प्रयास करेगी। इस टूर्नामेंट का दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला 11 सितंबर को पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच खेला जाएगा।

टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने अब तक बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अपने सभी मैच जीते हैं। और ग्रुप मैच में वह नंबर एक पर है। ग्रुप ए में भारतीय टीम नंबर एक स्थान पर है। भारत ने अब तक रिकॉर्ड सात बार यह टूर्नामेंट जीता है, जबकि बांग्लादेश ने एक-एक ही बार खिताब पर कब्जा किया थ। बांग्लादेश को साल 2018 में जीत मिली थी। 

इस मुकाबले में मैदान के बाहर के तनाव का प्रभाव भी दिख सकता है। बांग्लादेश में राजनीतिक बदलावों के बाद से ही दोनो के बीच संबंध संबंध तनावपूर्ण रहे हैं। भारतीय टीम के पास स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा जैसी बेहतरीन बल्लेबाज हैं। कप्तान हरमनप्रीत कौर और विकेटकीपर बल्लेबाज रिचा घोष मध्य और अंतिम ओवरों में पारी को संभालने का काम करती हैं। 

इसके अलावा गेंदबाजी में भी भारतीय टीम के पास विविधता और गहराई है। दीप्ति शर्मा के साथ ही राधा यादव और श्री चरणी जैसी स्पिनर उसके पास हैं। दूसरी ओर, निगार सुल्ताना की कप्तानी वाली बांग्लादेश की टीम ने यूएई को 34 रन से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई है पर इस मैच में उसके छह विकेट मात्र 55 रन पर गिर गये थे जिससे उसके शीर्ष क्रम की विफलता दिखी हैं।

अंत में शरमीन अख्तर और निगार के रन बनाने से वह जीती। बांग्लादेश की बल्लेबाज भारतीय स्पिन और तेज आक्रमण के सामने कितना टिक पाती हैं ये देखना होगा। भारत की अनुभवी टीम इस दबाव वाले मैच में अपनी पूरी क्षमता के साथ मैदान पर उतरेगी ।

भारतीय दल : हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), भारती फुलमाली, ऋचा घोष (विकेटकीपर), गुनालन कमलिनी (विकेटकीपर), प्रतिका रावल, शेफाली वर्मा, दीप्ति शर्मा, क्रांति गौड़, प्रेमा रावत, अरुंधति रेड्डी, रेणुका सिंह ठाकुर, नंदनी शर्मा, श्री चरणी, राधा यादव।

बांग्लादेश दल: निगार सुल्ताना (कप्तान), नाहिदा अख्तर (उपकप्तान), दिलारा अख्तर, फरजाना एस्मिन, जुएरिया फिरदौस, शरमीन अख्तर सुप्ता, सरमीन सुल्ताना, शोभना मोस्तारी, शोरना अख्तर, रितु मोनी, फाहिमा खातून, राबिया खान, मारूफा अख्तर, सुल्ताना खातून, शंजीदा अख्तर।



6 अक्टूबर को ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज से वापसी करेंगे पांड्या !

मुम्बई। भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने कहा है कि अनुभवी ऑलरांउडर हार्दिक पांड्या अगल माह 6 अक्टूबर से खेल में वापस करेंगे। बीसीसीआई के अनुसार पंड्या अगर फिट हुए तो 6 अक्टूबर को ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज में इंडिया ए टीम की ओर से उतरेंगे। पांड्या फिट नहीं होने के कारण लंबे समय से टीम से बाहर हैं, ऐसे में उनकी वापसी की अटकलों से प्रशंसकों में उत्साह की लहर दौड़ गयी है। 

बोर्ड ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ घरेलू सीरीज के लिए इंडिया ए टीम की घोषणा की थी। इसमें पांड्या का नाम भी शामिल था। गौरतलब है कि पांड्या ने साल 2018 के बाद से ही कोई टेस्ट मैच नहीं खेला है। पिछले आठ साल में सफेद गेंद क्रिकेट में उन्होंने अपने को विश्व के शीर्ष तेज-गेंदबाजी ऑलराउंडर के रूप में साबित किया है पर लगातार चोटिल होने के कारण वह टीम से अंदर-बाहर होते रहे हैं। टी20 विश्व कप के बाद से टीम से बाहर हैं।

कुछ दिन पहले ही बताया गया था कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) उन्हें फिटनेस क्लीयरेंस देने के करीब है पर तभी अचानक एक और बुरी  खबर आई कि ट्रेनिंग के दौरान उन्हें फिर से पैर में चोट लग गई थी। इसी वजह से उन्हें अफगानिस्तान सीरीज से बाहर कर दिया गय। अब ऑस्ट्रेलिया ए सीरीज में शामिल किये जाने पर उनकी उम्मीदें टिकी हें। 

ऑस्ट्रेलिया ए का भारत दौरा 22 सितंबर से शुरू होगा, दोनों टीमों के बीच पहले दो मल्टी-डे मैच खेले जाएंगे। हार्दिक इन फर्स्ट-क्लास मैचों का हिस्सा नहीं होंगे, बल्कि उनकी वापसी एकदिवसीय मुकाबले से होगी जो मंगलवार, 6 अक्टूबर से शुरू होगी।

बीसीसीआई ने ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ सीरीज के लिए इंडिया ए स्क्वाड का एलान किया था, जिसमें 15 खिलाड़ियों की सूची में हार्दिक पांड्या का नाम भी शामिल रहा। इस आगामी वनडे सीरीज में इंडिया ए की कप्तानी ऋतुराज गायकवाड़ करेंगे जबकि देवदत्त पडिक्कल को उपकप्तान बनाया गया है।



आदेश का पालन करने वाले एएसआई और आरक्षक लाइन अटैच

आदेश देने वाले पर कार्यवाही क्यों नहीं 

भोपाल । पुलिस विभाग में वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश का पालन करना एएसआई और आरक्षक को भारी पड़ गया। डॉक्टर पर वाटर कैनन का उपयोग मामले में एएसआई और आरक्षक को लाइन अटैच कर दिया गया है ।

कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में सवाल उठ रहे हैं, जिस आदेश के आधार पर दोनों पुलिसकर्मियों ने कार्रवाई की, वह आदेश जिस अधिकारी ने दिया था? आदेश देने वाले अधिकारी की जिम्मेदारी तय करने के बजाय कार्रवाई का सामना अधीनस्थ कर्मचारियों को करना पड़ रहा है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार दोनों कर्मचारियों ने अपने स्तर से कोई निर्णय नहीं लिया था। वरिष्ठ स्तर से मिले निर्देशों का पालन किया था। इसके बावजूद लाइन अटैच किए जाने से पुलिसकर्मियों में असंतोष है। मामले में अब आदेश देने वाले अधिकारी की पहचान और जिम्मेदारी तय करने की मांग उठ रही है।



नई दिल्ली- सत्य निकेतन हादसे के बाद पीजी खाली कर रहे छात्र अभिभावक चिंतित

नई दिल्ली । दिल्ली में सत्य निकेतन हादसे के बाद छात्रों और उनके अभिभावकों में दहशत है। इसलिए बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पीजी खाली कर सुरक्षित जगह पर शिफ्ट हो रहे हैं। दिल्ली के सत्य निकेतन में बीते रविवार (6 सितंबर) को पीजी की बिल्डिंग गिरने के बाद पूरे इलाके में डर का माहौल बन चुका है। इस हादसे में सात लोगों की मौत हुई थी, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं।

अब बड़ी संख्या में छात्र यहां से पीजी खाली कर रहे हैं। देश के अलग-अलग इलाकों से पहुंचे अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और वे हॉस्टल-पीजी बदल रहे हैं। सत्य निकेतन इलाके में संकरी गलियां, तारों के जाल और जलभराव जैसी चीजें पहले से चर्चा में थीं, अब हादसे के बाद पूरे इलाके की बिल्डिंग पर सवाल खड़े हो रहे हैं, लिहाजा छात्र और छात्राएं यहां से शिफ्ट हो रहे हैं।

जिस दिन सत्य निकेतन में हादसा हुआ, उस वक्त दो छात्राएं इसी इलाके के एक पीजी में रह रही थीं। हादसे के समय ही उन्होंने पीजी खाली किया और अब एक अलग फ्लैट में शिफ्ट हो गई हैं।दोनों पहले एक-एक बेड के लिए करीब 15 से 16 हजार रुपये किराया देती थीं।अब दोनों मायापुरी में एक 2 बीएचके फ्लैट में रह रही हैं और दोनों मिलकर करीब 10 हजार रुपये किराया दे रही हैं। उनके मुताबिक अभिषेक ,पवन और युवराज उनके दोस्त थे, जो इस हादसे में अपनी जान गंवा चुके हैं।


ताजा खबर

महिला एशिया कप क्रिकेट सेमीफाइनल में आज बांग्लादेश से होगा भारतीय टीम का मुकाबला ।

नई दिल्ली । दिल्ली में सत्य निकेतन हादसे के बाद छात्रों और उनके अभिभावकों में दहशत है। इसलिए बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पीजी खाली कर सुरक्षित जगह पर शिफ्ट हो रहे हैं। दिल्ली के सत्य निकेतन में बीते रविवार (6 सितंबर) को पीजी की बिल्डिंग गिरने के बाद पूरे इलाके में डर का माहौल बन चुका है। इस हादसे में सात लोगों की मौत हुई थी, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं।

अब बड़ी संख्या में छात्र यहां से पीजी खाली कर रहे हैं। देश के अलग-अलग इलाकों से पहुंचे अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और वे हॉस्टल-पीजी बदल रहे हैं। सत्य निकेतन इलाके में संकरी गलियां, तारों के जाल और जलभराव जैसी चीजें पहले से चर्चा में थीं, अब हादसे के बाद पूरे इलाके की बिल्डिंग पर सवाल खड़े हो रहे हैं, लिहाजा छात्र और छात्राएं यहां से शिफ्ट हो रहे हैं।

जिस दिन सत्य निकेतन में हादसा हुआ, उस वक्त दो छात्राएं इसी इलाके के एक पीजी में रह रही थीं। हादसे के समय ही उन्होंने पीजी खाली किया और अब एक अलग फ्लैट में शिफ्ट हो गई हैं।दोनों पहले एक-एक बेड के लिए करीब 15 से 16 हजार रुपये किराया देती थीं।अब दोनों मायापुरी में एक 2 बीएचके फ्लैट में रह रही हैं और दोनों मिलकर करीब 10 हजार रुपये किराया दे रही हैं। उनके मुताबिक अभिषेक ,पवन और युवराज उनके दोस्त थे, जो इस हादसे में अपनी जान गंवा चुके हैं।


6 अक्टूबर को ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज से वापसी करेंगे पांड्या !

नई दिल्ली । दिल्ली में सत्य निकेतन हादसे के बाद छात्रों और उनके अभिभावकों में दहशत है। इसलिए बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पीजी खाली कर सुरक्षित जगह पर शिफ्ट हो रहे हैं। दिल्ली के सत्य निकेतन में बीते रविवार (6 सितंबर) को पीजी की बिल्डिंग गिरने के बाद पूरे इलाके में डर का माहौल बन चुका है। इस हादसे में सात लोगों की मौत हुई थी, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं।

अब बड़ी संख्या में छात्र यहां से पीजी खाली कर रहे हैं। देश के अलग-अलग इलाकों से पहुंचे अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और वे हॉस्टल-पीजी बदल रहे हैं। सत्य निकेतन इलाके में संकरी गलियां, तारों के जाल और जलभराव जैसी चीजें पहले से चर्चा में थीं, अब हादसे के बाद पूरे इलाके की बिल्डिंग पर सवाल खड़े हो रहे हैं, लिहाजा छात्र और छात्राएं यहां से शिफ्ट हो रहे हैं।

जिस दिन सत्य निकेतन में हादसा हुआ, उस वक्त दो छात्राएं इसी इलाके के एक पीजी में रह रही थीं। हादसे के समय ही उन्होंने पीजी खाली किया और अब एक अलग फ्लैट में शिफ्ट हो गई हैं।दोनों पहले एक-एक बेड के लिए करीब 15 से 16 हजार रुपये किराया देती थीं।अब दोनों मायापुरी में एक 2 बीएचके फ्लैट में रह रही हैं और दोनों मिलकर करीब 10 हजार रुपये किराया दे रही हैं। उनके मुताबिक अभिषेक ,पवन और युवराज उनके दोस्त थे, जो इस हादसे में अपनी जान गंवा चुके हैं।


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अब बड़ी संख्या में छात्र यहां से पीजी खाली कर रहे हैं। देश के अलग-अलग इलाकों से पहुंचे अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और वे हॉस्टल-पीजी बदल रहे हैं। सत्य निकेतन इलाके में संकरी गलियां, तारों के जाल और जलभराव जैसी चीजें पहले से चर्चा में थीं, अब हादसे के बाद पूरे इलाके की बिल्डिंग पर सवाल खड़े हो रहे हैं, लिहाजा छात्र और छात्राएं यहां से शिफ्ट हो रहे हैं।

जिस दिन सत्य निकेतन में हादसा हुआ, उस वक्त दो छात्राएं इसी इलाके के एक पीजी में रह रही थीं। हादसे के समय ही उन्होंने पीजी खाली किया और अब एक अलग फ्लैट में शिफ्ट हो गई हैं।दोनों पहले एक-एक बेड के लिए करीब 15 से 16 हजार रुपये किराया देती थीं।अब दोनों मायापुरी में एक 2 बीएचके फ्लैट में रह रही हैं और दोनों मिलकर करीब 10 हजार रुपये किराया दे रही हैं। उनके मुताबिक अभिषेक ,पवन और युवराज उनके दोस्त थे, जो इस हादसे में अपनी जान गंवा चुके हैं।


हाईकोर्ट में हलफनामा और शासन की अनुमति के बावजूद पदोन्नति अटकी

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