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अमेरिका-भारत के शेयर महंगे, यूरोप में ज्यादा आकर्षक एफसीएफ यील्ड: ‎रिपोर्ट

- यूरोपीय इक्विटी भारतीय-अमेरिकी बाजारों से अधिक आकर्षक, निवेशक अब ‘वैल्यू’ बाजारों पर केंद्रित

नई दिल्ली । एक ताजा वैश्विक रणनीति रिपोर्ट में कहा है कि जैसे-जैसे मूल्यांकन बढ़ रहे हैं, अमेरिका और भारत के शेयर बाजार, फ्री कैश फ्लो (एफसीएफ) यील्ड के मामले में कम आकर्षक होते जा रहे हैं जबकि यूरोप जैसे वैल्यू-ओरिएंटेड मार्केट काफी ज्यादा यील्ड दे रहे हैं। फ्री कैश फ्लो यील्ड असल में किसी कंपनी द्वारा अपने बाजार मूल्य के मुकाबले सृजित की गई वास्तविक नकदी का प्रतिशत में मापने का पैमाना होता है।  चूंकि अमेरिकी बाजार महंगे लगने लगे हैं, इसलिए निवेशक दूसरे बाजारों की ओर देख रहे हैं, जहां कंपनियां मुनाफा कमा रही हैं और मूल्यांकन के हिसाब से अभी भी आकर्षक हैं।

उनका ज्यादा ध्यान एशिया के बजाय यूरोप पर है। टेक-प्रधान एसऐंडपी 500 इंडेक्स का एफसीएफ यील्ड 2.7 फीसदी है जबकि यूरोपीय इक्विटी के बड़े इंडेक्स स्टॉक्स 600 का एफसीएफ यील्ड 5 फीसदी है। निफ्टी 50 के लिए भी यह आंकड़ा 2.7 फीसदी है, जो एसऐंडपी 500 के बराबर है, लेकिन इसमें एआई का कोई योगदान नहीं है। फ्री कैश फ्लो यील्ड एक वित्तीय पैमाना है, जो कंपनी के बाजार पूंजीकरण के मुकाबले नकदी सृजित करने की क्षमता बताता है।

यह संख्या जितनी ज्यादा होती है, नकदी पैदा करने की क्षमता उतनी ही बेहतर मानी जाती है। पिछले कुछ सालों में अमेरिका की बड़ी टेक कंपनियों के पूंजीगत खर्च में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। वित्तीय संकट के बाद के लगभग एक दशक में ये कंपनियां बहुत ज्यादा मुनाफा कमाने लगीं। उन्हें सॉफ्टवेयर और क्लाउड कंप्यूटिंग की बढ़ती मांग से फायदा हुआ और साथ ही डॉट कॉम दौर में किए गए पूंजी निवेश का भी लाभ मिला।

उन्हें कम पूंजी की जरूरत थी और शून्य ब्याज दरों की वजह से उन्हें अच्छे मूल्यांकन का फायदा मिला। रिपोर्ट में कहा गया है, कम नॉमिनल वृद्धि और कई पुरानी इकॉनमी वाले उद्योगों में जरूरत से ज्यादा क्षमता वाले दौर में टेक्नॉलजी सेक्टर के शानदार मार्जिन और आरओई में बढ़ोतरी ने इसे बहुत आकर्षक बना दिया। चैटजीपीटी के आने के बाद, दिग्गज टेक कंपनियों के पूंजीगत खर्च में जबरदस्त उछाल आई है, जिससे उनके प्रीमियम कैश फ्लो पर काफी असर पड़ा है।



सावन के आखिरी सोमवार पर शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब

-वाराणसी से उज्जैन और देवघर तक मंदिरों में लगीं लंबी कतारें

-काशी विश्वनाथ में सुबह 7 बजे तक 1.05 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

-देवघर में लगी 4 किमी तक श्रद्धालुओं की लंबी कतार 

नई दिल्ली,। सावन के चौथे और आखिरी सोमवार को देशभर के प्रमुख शिवालयों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। वाराणसी के काशी विश्वनाथ, उज्जैन के महाकालेश्वर, झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम और मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर सहित प्रमुख मंदिरों में रात से ही श्रद्धालुओं की कतारें लग गईं। बड़ी संख्या में कांवड़िए भी भगवान शिव का जलाभिषेक करने पहुंचे। मंदिरों में मंत्रोच्चार, रुद्राभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना के बीच भक्तों ने सुख-समृद्धि और खुशहाल जीवन की कामना की।

वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर के कपाट सुबह 4 बजे मंगला आरती के बाद श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए थे। भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए छह द्वारों से प्रवेश की व्यवस्था की गई। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं तथा ड्रोन से निगरानी की जा रही।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सुबह 7 बजे तक करीब 1.05 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। मंदिर को रुद्राक्ष और फूलों से सजाया गया है। जिला प्रशासन के अनुसार, तड़के से ही देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे श्रद्धालु लंबी कतारों में अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिए अतिरिक्त व्यवस्था की है।

देवघर में चार किलोमीटर की लंबी कतार

झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। मंदिर के कपाट सुबह 3:15 बजे खुले। पूजा-अर्चना के बाद 4:10 बजे आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू किए गए। मंदिर परिसर के बाहर करीब चार किलोमीटर लंबी कतार लगी रही। कांवड़ियों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय और दूसरे राज्यों से आए श्रद्धालु भी जलाभिषेक के लिए पहुंचे। 

उज्जैन में भस्म आरती के लिए उमड़े भक्त

मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में भी आखिरी सोमवार को विशेष धार्मिक उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालु भस्म आरती और विशेष पूजा में शामिल हुए। मीडिया के सम्मुख एक भक्त ने कहा कि सावन का आखिरी सोमवार उनके लिए विशेष रहा, क्योंकि उन्हें सुबह महाकाल की भस्म आरती के दर्शन का अवसर मिला।

एटा, अहमदाबाद और मुजफ्फरपुर में भी भारी भीड़ 


उत्तर प्रदेश के एटा स्थित कैलाश मंदिर में भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया। गुजरात के अहमदाबाद में सरदारनगर स्थित शिव मंदिर में विशेष पूजा और रुद्राभिषेक का आयोजन हुआ। बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित बाबा गरीब नाथ धाम में भी सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ रही। 

पुरी पहुंचे हजारों कांवड़िया 

ओडिशा के पुरी में भी सावन के आखिरी सोमवार पर हजारों कांवड़िया श्रद्धालु पहुंचे। भक्तों ने महाप्रभु श्री जगन्नाथ के दर्शन किए। मंदिर में कपाट खुलने की रस्म ‘द्वारा फीता नीति’ पूरी की गई। देशभर के शिवालयों में दिनभर विशेष पूजा, जलाभिषेक और धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला जारी रहा।


रक्षाबंधन पर जवानों को मिलेगा बहनों का प्यार

-आसफवाला युद्ध स्मारक पर ‘राखी सरहद के नाम’ कार्यक्रम

-राज्यपाल कटारिया ने सैनिकों के प्रति सम्मान और आभार को बताया समाज की जिम्मेदारी

फाजिल्का,। रक्षाबंधन के अवसर पर देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले जवानों के प्रति सम्मान और आभार जताने के लिए पंजाब के फाजिल्का में विशेष पहल की गई। स्थानीय महिला कल्याण समिति की महिलाओं ने सैनिकों के लिए 1,100 विशेष राखियां तैयार कीं। ये राखियां आसफवाला युद्ध स्मारक पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम ‘राखी सरहद के नाम-राष्ट्रीय रक्षा का सम्मान, बहनों का गौरव’ के दौरान सेना को समर्पित की गईं।

कार्यक्रम में देशभक्ति, कृतज्ञता और सेना के प्रति सम्मान की भावना देखने को मिली। पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। रविवार को आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने महिला समिति की सदस्यों द्वारा तैयार राखियों की सराहना करते हुए कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों के प्रति समाज का सम्मान और आभार हमेशा कायम रहना चाहिए। 

सैनिकों के साहस और बलिदान को किया याद

कार्यक्रम में लेफ्टिनेंट जनरल शमशेर सिंह विर्क समेत सेना के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान सीमाओं पर कठिन परिस्थितियों में तैनात रहने वाले जवानों के साहस, समर्पण और बलिदान को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि सैनिक अपने परिवार और प्रियजनों से दूर रहकर देश की सुरक्षा में जुटे रहते हैं, जिससे देशवासी अपने परिवारों के साथ सुरक्षित जीवन जी पाते हैं।

आसफवाला युद्ध स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम का माहौल भावुक और देशभक्ति से ओतप्रोत रहा। महिला समिति की सदस्यों ने सैनिकों के प्रति स्नेह और सम्मान व्यक्त किया तथा देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी।

युवा पीढ़ी को सेना के बलिदान से जोड़ने का प्रयास

1,100 राखियों का सेना को समर्पण देश के रक्षकों के प्रति बहनों के प्यार, सम्मान और आभार का प्रतीक बना। आयोजकों ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य युवा पीढ़ी को सशस्त्र बलों के साहस, बलिदान और देशसेवा की भावना से जोड़ना भी है। कार्यक्रम में महिलाओं और समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि देश की रक्षा करने वाले सैनिकों के साथ पूरा समाज मजबूती से खड़ा है। आयोजकों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग के लिए केजीएफ टीम, आसफवाला वार मेमोरियल कमेटी और नागरिक प्रशासन का आभार जताया। 



लाल परेड ग्राउंड पर फुल ड्रेस रिहर्सल

- परेड, मार्च पास्ट और सुरक्षा व्यवस्था परखी; 15 अगस्त को होगा राज्य स्तरीय समारोह
भोपाल । स्वतंत्रता दिवस के राज्य स्तरीय मुख्य समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए गुरुवार को लाल परेड ग्राउंड में फुल ड्रेस रिहर्सल हुई। इस दौरान 15 अगस्त को होने वाले कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा को वास्तविक समारोह की तरह दोहराया गया। परेड, मार्च पास्ट,
ध्वजारोहण और सुरक्षा समेत सभी व्यवस्थाओं का परीक्षण किया गया।
पूर्वाभ्यास में परेड में शामिल जवान पूरे गणवेश और तय अनुशासन के साथ शामिल हुए। जवानों की कदमताल, मार्च पास्ट और अन्य गतिविधियों को परखा गया। ध्वजारोहण के दौरान होने वाली प्रक्रियाओं का भी अभ्यास किया गया, ताकि मुख्य समारोह में किसी तरह की कमी न रहे।
सुरक्षा व्यवस्था का भी परीक्षण
पुलिस और प्रशासन ने समारोह स्थल की सुरक्षा व्यवस्था का अंतिम परीक्षण किया। पुलिस बल की तैनाती, प्रवेश व्यवस्था, सुरक्षा जांच और अन्य इंतजामों की समीक्षा की गई। रिहर्सल के दौरान सामने आई कमियों को मुख्य कार्यक्रम से पहले दूर करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में
फुल ड्रेस रिहर्सल के बाद प्रशासन और पुलिस ने स्वतंत्रता दिवस समारोह से जुड़ी व्यवस्थाओं की अंतिम समीक्षा शुरू कर दी है। 15 अगस्त को लाल परेड ग्राउंड में राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित होगा, जिसके लिए तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं।

ताजा खबर

अमेरिका-भारत के शेयर महंगे, यूरोप में ज्यादा आकर्षक एफसीएफ यील्ड: ‎रिपोर्ट

- परेड, मार्च पास्ट और सुरक्षा व्यवस्था परखी; 15 अगस्त को होगा राज्य स्तरीय समारोह
भोपाल । स्वतंत्रता दिवस के राज्य स्तरीय मुख्य समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए गुरुवार को लाल परेड ग्राउंड में फुल ड्रेस रिहर्सल हुई। इस दौरान 15 अगस्त को होने वाले कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा को वास्तविक समारोह की तरह दोहराया गया। परेड, मार्च पास्ट,
ध्वजारोहण और सुरक्षा समेत सभी व्यवस्थाओं का परीक्षण किया गया।
पूर्वाभ्यास में परेड में शामिल जवान पूरे गणवेश और तय अनुशासन के साथ शामिल हुए। जवानों की कदमताल, मार्च पास्ट और अन्य गतिविधियों को परखा गया। ध्वजारोहण के दौरान होने वाली प्रक्रियाओं का भी अभ्यास किया गया, ताकि मुख्य समारोह में किसी तरह की कमी न रहे।
सुरक्षा व्यवस्था का भी परीक्षण
पुलिस और प्रशासन ने समारोह स्थल की सुरक्षा व्यवस्था का अंतिम परीक्षण किया। पुलिस बल की तैनाती, प्रवेश व्यवस्था, सुरक्षा जांच और अन्य इंतजामों की समीक्षा की गई। रिहर्सल के दौरान सामने आई कमियों को मुख्य कार्यक्रम से पहले दूर करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में
फुल ड्रेस रिहर्सल के बाद प्रशासन और पुलिस ने स्वतंत्रता दिवस समारोह से जुड़ी व्यवस्थाओं की अंतिम समीक्षा शुरू कर दी है। 15 अगस्त को लाल परेड ग्राउंड में राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित होगा, जिसके लिए तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं।

सावन के आखिरी सोमवार पर शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब

- परेड, मार्च पास्ट और सुरक्षा व्यवस्था परखी; 15 अगस्त को होगा राज्य स्तरीय समारोह
भोपाल । स्वतंत्रता दिवस के राज्य स्तरीय मुख्य समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए गुरुवार को लाल परेड ग्राउंड में फुल ड्रेस रिहर्सल हुई। इस दौरान 15 अगस्त को होने वाले कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा को वास्तविक समारोह की तरह दोहराया गया। परेड, मार्च पास्ट,
ध्वजारोहण और सुरक्षा समेत सभी व्यवस्थाओं का परीक्षण किया गया।
पूर्वाभ्यास में परेड में शामिल जवान पूरे गणवेश और तय अनुशासन के साथ शामिल हुए। जवानों की कदमताल, मार्च पास्ट और अन्य गतिविधियों को परखा गया। ध्वजारोहण के दौरान होने वाली प्रक्रियाओं का भी अभ्यास किया गया, ताकि मुख्य समारोह में किसी तरह की कमी न रहे।
सुरक्षा व्यवस्था का भी परीक्षण
पुलिस और प्रशासन ने समारोह स्थल की सुरक्षा व्यवस्था का अंतिम परीक्षण किया। पुलिस बल की तैनाती, प्रवेश व्यवस्था, सुरक्षा जांच और अन्य इंतजामों की समीक्षा की गई। रिहर्सल के दौरान सामने आई कमियों को मुख्य कार्यक्रम से पहले दूर करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में
फुल ड्रेस रिहर्सल के बाद प्रशासन और पुलिस ने स्वतंत्रता दिवस समारोह से जुड़ी व्यवस्थाओं की अंतिम समीक्षा शुरू कर दी है। 15 अगस्त को लाल परेड ग्राउंड में राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित होगा, जिसके लिए तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं।

रक्षाबंधन पर जवानों को मिलेगा बहनों का प्यार

- परेड, मार्च पास्ट और सुरक्षा व्यवस्था परखी; 15 अगस्त को होगा राज्य स्तरीय समारोह
भोपाल । स्वतंत्रता दिवस के राज्य स्तरीय मुख्य समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए गुरुवार को लाल परेड ग्राउंड में फुल ड्रेस रिहर्सल हुई। इस दौरान 15 अगस्त को होने वाले कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा को वास्तविक समारोह की तरह दोहराया गया। परेड, मार्च पास्ट,
ध्वजारोहण और सुरक्षा समेत सभी व्यवस्थाओं का परीक्षण किया गया।
पूर्वाभ्यास में परेड में शामिल जवान पूरे गणवेश और तय अनुशासन के साथ शामिल हुए। जवानों की कदमताल, मार्च पास्ट और अन्य गतिविधियों को परखा गया। ध्वजारोहण के दौरान होने वाली प्रक्रियाओं का भी अभ्यास किया गया, ताकि मुख्य समारोह में किसी तरह की कमी न रहे।
सुरक्षा व्यवस्था का भी परीक्षण
पुलिस और प्रशासन ने समारोह स्थल की सुरक्षा व्यवस्था का अंतिम परीक्षण किया। पुलिस बल की तैनाती, प्रवेश व्यवस्था, सुरक्षा जांच और अन्य इंतजामों की समीक्षा की गई। रिहर्सल के दौरान सामने आई कमियों को मुख्य कार्यक्रम से पहले दूर करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में
फुल ड्रेस रिहर्सल के बाद प्रशासन और पुलिस ने स्वतंत्रता दिवस समारोह से जुड़ी व्यवस्थाओं की अंतिम समीक्षा शुरू कर दी है। 15 अगस्त को लाल परेड ग्राउंड में राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित होगा, जिसके लिए तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं।

लाल परेड ग्राउंड पर फुल ड्रेस रिहर्सल

- परेड, मार्च पास्ट और सुरक्षा व्यवस्था परखी; 15 अगस्त को होगा राज्य स्तरीय समारोह
भोपाल । स्वतंत्रता दिवस के राज्य स्तरीय मुख्य समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए गुरुवार को लाल परेड ग्राउंड में फुल ड्रेस रिहर्सल हुई। इस दौरान 15 अगस्त को होने वाले कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा को वास्तविक समारोह की तरह दोहराया गया। परेड, मार्च पास्ट,
ध्वजारोहण और सुरक्षा समेत सभी व्यवस्थाओं का परीक्षण किया गया।
पूर्वाभ्यास में परेड में शामिल जवान पूरे गणवेश और तय अनुशासन के साथ शामिल हुए। जवानों की कदमताल, मार्च पास्ट और अन्य गतिविधियों को परखा गया। ध्वजारोहण के दौरान होने वाली प्रक्रियाओं का भी अभ्यास किया गया, ताकि मुख्य समारोह में किसी तरह की कमी न रहे।
सुरक्षा व्यवस्था का भी परीक्षण
पुलिस और प्रशासन ने समारोह स्थल की सुरक्षा व्यवस्था का अंतिम परीक्षण किया। पुलिस बल की तैनाती, प्रवेश व्यवस्था, सुरक्षा जांच और अन्य इंतजामों की समीक्षा की गई। रिहर्सल के दौरान सामने आई कमियों को मुख्य कार्यक्रम से पहले दूर करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में
फुल ड्रेस रिहर्सल के बाद प्रशासन और पुलिस ने स्वतंत्रता दिवस समारोह से जुड़ी व्यवस्थाओं की अंतिम समीक्षा शुरू कर दी है। 15 अगस्त को लाल परेड ग्राउंड में राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित होगा, जिसके लिए तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं।

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