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मुंबई में बदला मौसम का मिजाज! सुबह कई इलाकों में बेमौसम बारिश

 - धुंध की चादर से घिरी मायानगरी, एक्यूआई 163 के साथ हवा की गुणवत्ता खराब

मुंबई, । मायानगरी मुंबई में शुक्रवार (30 अक्टूबर) की सुबह मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। शहर के कई इलाकों में बेमौसम बारिश की हल्की फुहारें पड़ीं, जबकि कई क्षेत्रों में धुंध और धुएं जैसी परत छाई रही। दादर, माटुंगा और गोरेगांव सहित पश्चिमी उपनगरों के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई। वहीं, वडाला सहित कई इलाकों में घनी धुंध के कारण दृश्यता कम हो गई। मौसम में आए इस बदलाव के बीच शहर की खराब वायु गुणवत्ता ने भी लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

शुक्रवार सुबह दादर रेलवे स्टेशन और माटुंगा के रिहायशी इलाकों में हल्की बारिश हुई। वडाला में धुंध की मोटी परत दिखाई दी, जिससे दृश्यता प्रभावित हुई। दक्षिण मुंबई के कुछ हिस्सों में भी धुएं जैसा वातावरण देखने को मिला। हालांकि, कुछ देर हुई बारिश से मौसम में हल्का बदलाव जरूर आया, लेकिन शहर में प्रदूषण की समस्या बरकरार रही।

- तापमान 33 से 35 डिग्री के बीच रहने का अनुमान

शुक्रवार सुबह मुंबई का न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, अगले 5 से 6 दिनों तक दिन का तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। इससे हाल के दिनों में पड़ रही गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, हालांकि हवा में नमी और उमस बनी रह सकती है। पिछले कई सप्ताह से मुंबई में गर्म और उमस भरा मौसम बना हुआ है। अभी तक शहर में सर्दियों की शुरुआत के संकेत नहीं मिले हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग, मुंबई के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार, तापमान में उल्लेखनीय गिरावट और सर्दी जैसे मौसम की संभावना दिसंबर से बन सकती है।

- मुंबई का एक्यूआई 163, हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में

एक ओर मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर मुंबई की हवा की गुणवत्ता अब भी चिंता का विषय बनी हुई है। शुक्रवार सुबह शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 163 दर्ज किया गया। इस स्तर के साथ मुंबई की हवा खराब श्रेणी में रही। बेमौसम बारिश के बावजूद शहर के समग्र एक्यूआई में कोई खास सुधार दर्ज नहीं हुआ। पिछले कुछ सप्ताह से मुंबई की हवा की गुणवत्ता खराब से अस्वास्थ्यकर स्तर के बीच बनी हुई है।

- जानिए एक्यूआई की अलग-अलग श्रेणियां

वायु गुणवत्ता सूचकांक के अनुसार, 0 से 50 तक एक्यूआई अच्छा, 51 से 100 संतोषजनक, 101 से 200 खराब, 201 से 300 बेहद खराब और 300 से अधिक गंभीर श्रेणी में माना जाता है। ऐसे में मुंबई का एक्यूआई 163 होना शहरवासियों के लिए चिंता का विषय है। प्रदूषण और धुंध के बीच लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी परेशानी वाले लोगों को बाहर निकलते समय सतर्क रहना चाहिए। मौसम में बदलाव के बावजूद फिलहाल मुंबईकरों को गर्मी, उमस और प्रदूषण तीनों का सामना करना पड़ रहा है।



इन्दौर जिला कोर्ट में वकीलों ने बांधी सफेद पट्टी, इलाहाबाद हाईकोर्ट वकीलों का किया समर्थन

इन्दौर ।  जिला कोर्ट के वकीलों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के वकीलों के समर्थन में हाथ पर सफेद पट्टी बांधकर काम करते विरोध प्रदर्शन किया। इंदौर जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पाल के अनुसार इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकीलों के बैठने की जगह पर पुलिस अधिकारी को बैठाने और एक वकील द्वारा पुलिस अधिकारी से माफी मंगवाने की घटना के बाद देशभर के वकीलों में रोष है।

इसके चलते ही जिला बार एसोसिएशन के आव्हान पर जिला कोर्ट में वकीलों ने हाथों पर सफेद पट्टी बांध विरोध दर्ज कराया। बता दें कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकीलों के साथ हुई इस कथित अभद्रता के बाद वकीलों ने विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी की थी। इस दौरान तोड़फोड़ के वीडियो भी सोशल साइट्स पर वायरल हुएं थे, जिसके बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वकीलों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। घटना के बारे में पाल का कहना है कि वकील भी न्याय प्रणाली का हिस्सा है और उनका सम्मान भी न्यायाधिकारियों के समान होना चाहिए। इंदौर के वकीलों ने सफेद पट्टी बांधकर वकीलों की गरिमा बनाए रखने की मांग की है। 


अभिषेक किसी भी प्रकार के हालातों मे खेलने में सक्षम : कैफ

सपाट पिच के आलोचकों को उसकी बल्लेबाजी से मिला जवाब  

नई दिल्ली । पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने भारतीय टी20 टीम के आक्रामक सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की जमकर प्रशंसा करते हुए कहा है कि वह किसी भी प्रकार के हालातों में खेल सकता है। कैफ ने कहा कि जिस प्रकार से अभिषेक ने हाल के दिनों में खेला है उससे उनकी आलोचना करने वालों को जवाब मिल गया है।

कैफ ने कहा कि जो लोग अभिषेक को सपाट पिच का खिलाड़ी कहते थे अब उन्हें ये अवसर नहीं मिलेगा। जिस प्रकार से उसने न्यूजीलैंड के गेंदबाजों उन्हीं की धरती पर पीटा है। उससे साबित हुआ है कि वह किसी भी प्रकार की पिच पर खेल सकता है। कैफ का मानना है कि अभिषेक ने पिछले एक महीने के भीतर यह साबित कर दिया है कि वह कठिन और अलग-अलग हालातों में भी बड़ी व प्रभावशाली पारियां खेलने में सक्षम हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ उनकी 35 गेंदों में शतक और 15 गेंदों में अर्धशतक की पारी इसका उदाहरण है, खासकर तब जब न्यूजीलैंड की परिस्थितियाँ बल्लेबाजी के अनुकूल नहीं मानी जातीं।

कैफ ने साफ शब्दों में कहा, सबसे पहले, लोग यह कहना बंद कर दें कि अभिषेक शर्मा फ्लैट ट्रैक का खिलाड़ी है।  उन्होंने जोर देकर कहा कि वास्तविकता इससे कोसों दूर है। कैफ ने बीते एक महीने में अभिषेक द्वारा खेली गई दो महत्वपूर्ण पारियों का जिक्र किया।

उन्होंने कहा, जापान में हुए एशियाई खेल के फाइनल में आपको याद होगा, उन्होंने मुश्किल पिच पर रन बनाए थे। वहां स्पिनर हावी थे और उन्हें पिच से मदद मिल रही थी, फिर भी अभिषेक ने एक मैच विजेता पारी खेली थी।

वहीं न्यूजीलैंड की परिस्थितियों पर बात करते हुए कैफ ने आलोचकों को घेरा, अब आ जाओ न्यूजीलैंड पर तो यहां भी लोग बात करते हैं कि यहां बैटिंग कंडीशन्स हैं। अरे भाई यहां बैटिंग कंडीशन नहीं हैं! उन्होंने बताया कि अभिषेक ने दो बिल्कुल अलग-अलग हालातों में अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवाया है, जो उनकी अनुकूलन क्षमता को दर्शाता है। कैफ ने कहा,  वह हालातों के अनुसार प्रभावी पारियां खेल सकते हैं।

मैं तो हरगिज यह मानने के लिए तैयार नहीं हूं। बल्लेबाज को श्रेय देने की बात पर कैफ ने कहा, इसका श्रेय बल्लेबाज को मिलना चाहिए। उसने इतनी मेहनत की है और इसका फल मिल रहा है तो इसकी चर्चा और इसकी तारीफ होनी चाहिए।कैफ ने अभिषेक को एक बहुमुखी प्रतिभा वाला बल्लेबाज बताया है जो किसी एक प्रकार के हालातों में प्रभावी प्रदर्शन कर सकता है। 



धनतेरस पर निवेशक सोने-चांदी के गहनों के अलावा चुन सकते हैं अन्य विकल्प

धनतेरस पर निवेशक सोने-चांदी के गहनों के अलावा चुन सकते हैं अन्य विकल्प 

-निवेश से पहले उससे जुड़े शुल्क, शुद्धता और शर्तों को अच्छी तरह समझ लें 

नई दिल्ली,। धनतेरस पर सोने और चांदी की खरीदारी करना शुभ माना जाता है। इस दिन लोग गहने या सिक्के खरीदते हैं, लेकिन आधुनिक वित्तीय साधनों के जरिए इन कीमती धातुओं में निवेश करके बेहतर रिटर्न हासिल किया जा सकता है। अपनी जरूरतों और वित्तीय लक्ष्यों के मुताबिक निवेशक गहनों के अलावा कई अन्य विकल्पों का चुनाव कर सकते हैं। 

पहला विकल्प सोने-चांदी के गहने, सिक्के या छड़ें खरीदना है। यह पारंपरिक तरीका है, हालांकि गहने खरीदते समय मेकिंग चार्ज और करों का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ता है। यदि शुद्ध निवेश के नजरिए से देखा जाए तो सिक्के या छड़ें खरीदना ज्यादा उपयुक्त रहता है।

दूसरा विकल्प गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ है। ये शेयर बाजार में खरीदे और बेचे जाने वाले फंड हैं, जो सोने-चांदी की वास्तविक कीमतों पर आधारित होते हैं। इसमें धातु को भौतिक रूप में घर पर रखने या चोरी होने का जोखिम नहीं रहता।

तीसरा विकल्प गोल्ड और सिल्वर म्युचुअल फंड है। जो निवेशक बिना डीमैट खाते के निवेश करना चाहते हैं, वे इन फंड्स के जरिए पैसा लगा सकते हैं। ये फंड मुख्य रूप से ईटीएफ में निवेश करते हैं। चौथा विकल्प डिजिटल गोल्ड है, जिसमें कई मोबाइल ऐप्स के जरिए बेहद कम रकम से भी ऑनलाइन सोना खरीदा जा सकता है।

सेबी या आरबीआई का प्रत्यक्ष नियंत्रण न होने के कारण डिजिटल गोल्ड में निवेश करने से पहले संबंधित प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता अवश्य जांच लेनी चाहिए। पांचवां विकल्प इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट है। यह शेयर बाजार में मानकीकृत मात्रा में कारोबार करने वाला साधन है, जहां खरीदे गए सोने को सुरक्षित वॉल्ट में रखा जाता है।

निवेशक जरुरत पड़ने पर इसे भौतिक सोने में भी बदल सकते हैं। जानकारों के मुताबिक निवेश का कोई भी तरीका चुनने से पहले उससे जुड़े शुल्कों, शुद्धता और तरलता की शर्तों को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए ताकि त्योहार पर की गई खरीदारी वित्तीय रूप से भी लाभदायक सिद्ध हो सके।



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धनतेरस पर निवेशक सोने-चांदी के गहनों के अलावा चुन सकते हैं अन्य विकल्प 

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पहला विकल्प सोने-चांदी के गहने, सिक्के या छड़ें खरीदना है। यह पारंपरिक तरीका है, हालांकि गहने खरीदते समय मेकिंग चार्ज और करों का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ता है। यदि शुद्ध निवेश के नजरिए से देखा जाए तो सिक्के या छड़ें खरीदना ज्यादा उपयुक्त रहता है।

दूसरा विकल्प गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ है। ये शेयर बाजार में खरीदे और बेचे जाने वाले फंड हैं, जो सोने-चांदी की वास्तविक कीमतों पर आधारित होते हैं। इसमें धातु को भौतिक रूप में घर पर रखने या चोरी होने का जोखिम नहीं रहता।

तीसरा विकल्प गोल्ड और सिल्वर म्युचुअल फंड है। जो निवेशक बिना डीमैट खाते के निवेश करना चाहते हैं, वे इन फंड्स के जरिए पैसा लगा सकते हैं। ये फंड मुख्य रूप से ईटीएफ में निवेश करते हैं। चौथा विकल्प डिजिटल गोल्ड है, जिसमें कई मोबाइल ऐप्स के जरिए बेहद कम रकम से भी ऑनलाइन सोना खरीदा जा सकता है।

सेबी या आरबीआई का प्रत्यक्ष नियंत्रण न होने के कारण डिजिटल गोल्ड में निवेश करने से पहले संबंधित प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता अवश्य जांच लेनी चाहिए। पांचवां विकल्प इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट है। यह शेयर बाजार में मानकीकृत मात्रा में कारोबार करने वाला साधन है, जहां खरीदे गए सोने को सुरक्षित वॉल्ट में रखा जाता है।

निवेशक जरुरत पड़ने पर इसे भौतिक सोने में भी बदल सकते हैं। जानकारों के मुताबिक निवेश का कोई भी तरीका चुनने से पहले उससे जुड़े शुल्कों, शुद्धता और तरलता की शर्तों को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए ताकि त्योहार पर की गई खरीदारी वित्तीय रूप से भी लाभदायक सिद्ध हो सके।



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नई दिल्ली,। धनतेरस पर सोने और चांदी की खरीदारी करना शुभ माना जाता है। इस दिन लोग गहने या सिक्के खरीदते हैं, लेकिन आधुनिक वित्तीय साधनों के जरिए इन कीमती धातुओं में निवेश करके बेहतर रिटर्न हासिल किया जा सकता है। अपनी जरूरतों और वित्तीय लक्ष्यों के मुताबिक निवेशक गहनों के अलावा कई अन्य विकल्पों का चुनाव कर सकते हैं। 

पहला विकल्प सोने-चांदी के गहने, सिक्के या छड़ें खरीदना है। यह पारंपरिक तरीका है, हालांकि गहने खरीदते समय मेकिंग चार्ज और करों का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ता है। यदि शुद्ध निवेश के नजरिए से देखा जाए तो सिक्के या छड़ें खरीदना ज्यादा उपयुक्त रहता है।

दूसरा विकल्प गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ है। ये शेयर बाजार में खरीदे और बेचे जाने वाले फंड हैं, जो सोने-चांदी की वास्तविक कीमतों पर आधारित होते हैं। इसमें धातु को भौतिक रूप में घर पर रखने या चोरी होने का जोखिम नहीं रहता।

तीसरा विकल्प गोल्ड और सिल्वर म्युचुअल फंड है। जो निवेशक बिना डीमैट खाते के निवेश करना चाहते हैं, वे इन फंड्स के जरिए पैसा लगा सकते हैं। ये फंड मुख्य रूप से ईटीएफ में निवेश करते हैं। चौथा विकल्प डिजिटल गोल्ड है, जिसमें कई मोबाइल ऐप्स के जरिए बेहद कम रकम से भी ऑनलाइन सोना खरीदा जा सकता है।

सेबी या आरबीआई का प्रत्यक्ष नियंत्रण न होने के कारण डिजिटल गोल्ड में निवेश करने से पहले संबंधित प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता अवश्य जांच लेनी चाहिए। पांचवां विकल्प इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट है। यह शेयर बाजार में मानकीकृत मात्रा में कारोबार करने वाला साधन है, जहां खरीदे गए सोने को सुरक्षित वॉल्ट में रखा जाता है।

निवेशक जरुरत पड़ने पर इसे भौतिक सोने में भी बदल सकते हैं। जानकारों के मुताबिक निवेश का कोई भी तरीका चुनने से पहले उससे जुड़े शुल्कों, शुद्धता और तरलता की शर्तों को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए ताकि त्योहार पर की गई खरीदारी वित्तीय रूप से भी लाभदायक सिद्ध हो सके।



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निवेशक जरुरत पड़ने पर इसे भौतिक सोने में भी बदल सकते हैं। जानकारों के मुताबिक निवेश का कोई भी तरीका चुनने से पहले उससे जुड़े शुल्कों, शुद्धता और तरलता की शर्तों को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए ताकि त्योहार पर की गई खरीदारी वित्तीय रूप से भी लाभदायक सिद्ध हो सके।



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धनतेरस पर निवेशक सोने-चांदी के गहनों के अलावा चुन सकते हैं अन्य विकल्प 

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नई दिल्ली,। धनतेरस पर सोने और चांदी की खरीदारी करना शुभ माना जाता है। इस दिन लोग गहने या सिक्के खरीदते हैं, लेकिन आधुनिक वित्तीय साधनों के जरिए इन कीमती धातुओं में निवेश करके बेहतर रिटर्न हासिल किया जा सकता है। अपनी जरूरतों और वित्तीय लक्ष्यों के मुताबिक निवेशक गहनों के अलावा कई अन्य विकल्पों का चुनाव कर सकते हैं। 

पहला विकल्प सोने-चांदी के गहने, सिक्के या छड़ें खरीदना है। यह पारंपरिक तरीका है, हालांकि गहने खरीदते समय मेकिंग चार्ज और करों का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ता है। यदि शुद्ध निवेश के नजरिए से देखा जाए तो सिक्के या छड़ें खरीदना ज्यादा उपयुक्त रहता है।

दूसरा विकल्प गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ है। ये शेयर बाजार में खरीदे और बेचे जाने वाले फंड हैं, जो सोने-चांदी की वास्तविक कीमतों पर आधारित होते हैं। इसमें धातु को भौतिक रूप में घर पर रखने या चोरी होने का जोखिम नहीं रहता।

तीसरा विकल्प गोल्ड और सिल्वर म्युचुअल फंड है। जो निवेशक बिना डीमैट खाते के निवेश करना चाहते हैं, वे इन फंड्स के जरिए पैसा लगा सकते हैं। ये फंड मुख्य रूप से ईटीएफ में निवेश करते हैं। चौथा विकल्प डिजिटल गोल्ड है, जिसमें कई मोबाइल ऐप्स के जरिए बेहद कम रकम से भी ऑनलाइन सोना खरीदा जा सकता है।

सेबी या आरबीआई का प्रत्यक्ष नियंत्रण न होने के कारण डिजिटल गोल्ड में निवेश करने से पहले संबंधित प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता अवश्य जांच लेनी चाहिए। पांचवां विकल्प इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट है। यह शेयर बाजार में मानकीकृत मात्रा में कारोबार करने वाला साधन है, जहां खरीदे गए सोने को सुरक्षित वॉल्ट में रखा जाता है।

निवेशक जरुरत पड़ने पर इसे भौतिक सोने में भी बदल सकते हैं। जानकारों के मुताबिक निवेश का कोई भी तरीका चुनने से पहले उससे जुड़े शुल्कों, शुद्धता और तरलता की शर्तों को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए ताकि त्योहार पर की गई खरीदारी वित्तीय रूप से भी लाभदायक सिद्ध हो सके।



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