नई दिल्ली । ऑस्ट्रेलिया भारत के तेजी से बढ़ते अंतरिक्ष क्षेत्र में वाणिज्यिक सहयोग बढ़ाने का इच्छुक है, जिसका उद्देश्य पृथ्वी अवलोकन, छोटे उपग्रह निर्माण और जैव-प्रौद्योगिकी जैसे विविध क्षेत्रों में भागीदारी करना है। ऑस्ट्रेड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अगले सप्ताह बेंगलुरु स्पेस एक्सपो में भारतीय कंपनियों के साथ तीन से पांच समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।
ऑस्ट्रेड के व्यापार एवं निवेश आयुक्त नाथन डेविस ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया पृथ्वी अवलोकन, छोटे उपग्रहों के निर्माण व प्रक्षेपण सेवाओं, ट्रैकिंग और जैव-प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में भारत के निजी अंतरिक्ष उद्योग के साथ मिलकर काम करना चाहता है। विशेष रूप से फार्मास्यूटिकल्स में माइक्रोग्रैविटी अनुसंधान भी एक संभावित क्षेत्र है। अगले सप्ताह बेंगलुरु स्पेस एक्सपो में ऑस्ट्रेलिया प्रौद्योगिकी देश भागीदार के रूप में भाग लेगा, जिसमें नौ कंपनियों और तीन विश्वविद्यालयों सहित 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल शामिल होगा।
सिडनी स्थित स्पेस मशीन्स और लैटकनेक्ट 60 जैसी कंपनियां पहले ही भारतीय स्टार्टअप के साथ साझेदारी कर चुकी हैं, जबकि रिसर्चसैट जैसी कंपनियां भारत में भागीदार तलाश रही हैं। ऑस्ट्रेलिया का अंतरिक्ष क्षेत्र वर्तमान में $4.6 अरब का वार्षिक टर्नओवर और 17,000 रोजगार प्रदान करता है, जिसका लक्ष्य इसे कुछ वर्षों में $12-13 अरब तक बढ़ाना है।
दोनों देश भारत के महत्वाकांक्षी गगनयान मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन के लिए पहले से ही सहयोग कर रहे हैं, जिसमें ऑस्ट्रेलिया टेलीमेट्री ट्रैकिंग और क्रू-मॉड्यूल रिकवरी क्षमताओं में योगदान दे रहा है। भारतीय कंपनियां ऑस्ट्रेलिया की प्रक्षेपण सुविधाओं का उपयोग कर सकती हैं, जबकि ऑस्ट्रेलियाई कंपनियां भारत के बढ़ते प्रक्षेपण पारिस्थितिकी तंत्र का लाभ उठा सकती हैं।
नई दिल्ली। भारत और जापान के बीच क्रिकेट इतिहास का एक नया अध्याय लिखे जाने जा रहा है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने शुक्रवार, 4 सितंबर को जापान के खिलाफ होने वाले ऐतिहासिक टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले के कार्यक्रम की घोषणा की। दोनों देशों की पुरुष क्रिकेट टीमें 22 सितंबर 2026 को जापान के तोचिगी प्रांत स्थित सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड में आमने-सामने होंगी।
यह मुकाबला भारत और जापान के राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के समारोह की शुरुआत के अवसर पर आयोजित किया जाएगा। बीसीसीआई और जापान क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को खेल के माध्यम से और मजबूत करने के उद्देश्य से यह विशेष टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच आयोजित किया जा रहा है।
भारत और जापान के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी भी प्रारूप में यह पहला क्रिकेट मुकाबला होगा। एक ओर विश्व क्रिकेट की मजबूत टीमों में शामिल भारतीय टीम होगी, जबकि दूसरी ओर जापान की टीम अपने क्रिकेट सफर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की कोशिश करेगी। यह मुकाबला ‘स्पोर्ट 75’ पहल का पहला कदम भी बताया गया है।
इस पहल का उद्देश्य खेल के क्षेत्र में भारत और जापान के बीच आपसी सहयोग और खिलाड़ियों तथा लोगों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है। यह पहल दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच हुई सहमति के बाद शुरू की गई है। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने इस अवसर को क्रिकेट के लिए महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि भारतीय टीम का जापान में खेलना खेल के विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे जापान और पूर्वी एशिया में क्रिकेट की लोकप्रियता बढ़ाने का अवसर मिलेगा। 22 सितंबर को होने वाला यह मुकाबला केवल एक क्रिकेट मैच नहीं, बल्कि भारत और जापान के बीच खेल, संस्कृति और कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करने वाला ऐतिहासिक अवसर माना जा रहा है।
भोपाल में शिक्षक दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में बदलावों को लेकर अहम घोषणा की।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश में पहली बार शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) ऑफलाइन भी आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर करने, शिक्षकों को सुविधाएं देने और विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार बदलाव कर रही है।
आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित समारोह में राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की भूमिका को देश के भविष्य से जोड़ते हुए कहा कि देश का नक्शा भले कागज पर बनता है, लेकिन देश की किस्मत कक्षाओं में बनती है।
सरकारी स्कूलों के परिणाम का दिया उदाहरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश के सरकारी विद्यालयों के शिक्षक अपने समर्पण और मेहनत से विद्यार्थियों को आगे बढ़ा रहे हैं। बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम इसका उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि मेरिट सूची में शामिल होने वाले विद्यार्थियों में आधे से अधिक बच्चे सरकारी स्कूलों से होते हैं।
उन्होंने कहा कि यह शिक्षकों की मेहनत, समर्पण और विद्यार्थियों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। सरकार शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए लगातार नए कदम उठा रही है।
शिक्षक विद्यार्थी की प्रतिभा पहचानें
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक अच्छे शिक्षक की सबसे बड़ी उपलब्धि तब होती है, जब उसका विद्यार्थी उससे आगे बढ़कर सफलता हासिल करे। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल पाठ पढ़ाने तक सीमित न रहें, बल्कि विद्यार्थियों की प्रतिभा पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें।
उन्होंने कहा, “जहां गुरुर खत्म होता है और जहां से गुण शुरू होता है, वहीं गुरु खड़ा होता है।” शिक्षक देश की दिशा और भविष्य तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सरकारी स्कूल निजी स्कूलों से कम नहीं होंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में किए जा रहे बदलावों का उद्देश्य शैक्षणिक गुणवत्ता को मजबूत करना है। सरकार का संकल्प है कि प्रदेश के सरकारी स्कूल किसी भी हालत में निजी स्कूलों से कम नहीं होंगे।
उन्होंने कहा कि हर विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और वह अपने सपनों को पूरा कर सके, इसके लिए शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाया जा रहा है।
शिक्षक वर्ग-एक, दो और तीन के उम्मीदवारों द्वारा 15 दिनों से की जा रही भूख हड़ताल और प्रदर्शन अब राजनीतिक रूप लेने लगा है। इन अभ्यर्थियों द्वारा केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का काफिला जन्माष्टमी पर रोके जाने के अगले दिन यानी आज पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह इनके प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे हैं।
वे पहले भी इस प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे और उन्होंने इन अभ्यर्थियों की मांग उचित बताते हुए प्रदर्शन में दोबारा शामिल होने की बात कही थी।
प्रदेश के शिक्षक वर्ग 2 और 3 के अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर पिछले 15 दिनों से भोपाल के जहांगीराबाद क्षेत्र में स्थित नीलम पार्क में भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनकी मांगों के समर्थन में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह आज शिक्षक दिवस के दिन अभ्यर्थियों के साथ धरने पर बैठने पहुंचे।
तीन साल से कर रहे संघर्ष, 5819 पदों पर काउंसलिंग का इंतजार
नीलम पार्क में आंदोलन कर रहे वर्ग-1 चयन परीक्षा 2023 के अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले तीन साल से पद बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा 2023 में 8720 पद स्वीकृत और विज्ञापित किए गए थे, लेकिन पहली काउंसलिंग में केवल 2901 पदों पर नियुक्तियां हुईं। इससे 5819 पद अब भी खाली हैं या उन पर काउंसलिंग नहीं कराई गई है।
शिक्षक वर्ग-एक, दो और तीन के उम्मीदवारों द्वारा 15 दिनों से की जा रही भूख हड़ताल और प्रदर्शन अब राजनीतिक रूप लेने लगा है। इन अभ्यर्थियों द्वारा केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का काफिला जन्माष्टमी पर रोके जाने के अगले दिन यानी आज पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह इनके प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे हैं।
वे पहले भी इस प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे और उन्होंने इन अभ्यर्थियों की मांग उचित बताते हुए प्रदर्शन में दोबारा शामिल होने की बात कही थी।
प्रदेश के शिक्षक वर्ग 2 और 3 के अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर पिछले 15 दिनों से भोपाल के जहांगीराबाद क्षेत्र में स्थित नीलम पार्क में भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनकी मांगों के समर्थन में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह आज शिक्षक दिवस के दिन अभ्यर्थियों के साथ धरने पर बैठने पहुंचे।
तीन साल से कर रहे संघर्ष, 5819 पदों पर काउंसलिंग का इंतजार
नीलम पार्क में आंदोलन कर रहे वर्ग-1 चयन परीक्षा 2023 के अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले तीन साल से पद बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा 2023 में 8720 पद स्वीकृत और विज्ञापित किए गए थे, लेकिन पहली काउंसलिंग में केवल 2901 पदों पर नियुक्तियां हुईं। इससे 5819 पद अब भी खाली हैं या उन पर काउंसलिंग नहीं कराई गई है।
शिक्षक वर्ग-एक, दो और तीन के उम्मीदवारों द्वारा 15 दिनों से की जा रही भूख हड़ताल और प्रदर्शन अब राजनीतिक रूप लेने लगा है। इन अभ्यर्थियों द्वारा केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का काफिला जन्माष्टमी पर रोके जाने के अगले दिन यानी आज पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह इनके प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे हैं।
वे पहले भी इस प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे और उन्होंने इन अभ्यर्थियों की मांग उचित बताते हुए प्रदर्शन में दोबारा शामिल होने की बात कही थी।
प्रदेश के शिक्षक वर्ग 2 और 3 के अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर पिछले 15 दिनों से भोपाल के जहांगीराबाद क्षेत्र में स्थित नीलम पार्क में भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनकी मांगों के समर्थन में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह आज शिक्षक दिवस के दिन अभ्यर्थियों के साथ धरने पर बैठने पहुंचे।
तीन साल से कर रहे संघर्ष, 5819 पदों पर काउंसलिंग का इंतजार
नीलम पार्क में आंदोलन कर रहे वर्ग-1 चयन परीक्षा 2023 के अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले तीन साल से पद बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा 2023 में 8720 पद स्वीकृत और विज्ञापित किए गए थे, लेकिन पहली काउंसलिंग में केवल 2901 पदों पर नियुक्तियां हुईं। इससे 5819 पद अब भी खाली हैं या उन पर काउंसलिंग नहीं कराई गई है।
शिक्षक वर्ग-एक, दो और तीन के उम्मीदवारों द्वारा 15 दिनों से की जा रही भूख हड़ताल और प्रदर्शन अब राजनीतिक रूप लेने लगा है। इन अभ्यर्थियों द्वारा केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का काफिला जन्माष्टमी पर रोके जाने के अगले दिन यानी आज पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह इनके प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे हैं।
वे पहले भी इस प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे और उन्होंने इन अभ्यर्थियों की मांग उचित बताते हुए प्रदर्शन में दोबारा शामिल होने की बात कही थी।
प्रदेश के शिक्षक वर्ग 2 और 3 के अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर पिछले 15 दिनों से भोपाल के जहांगीराबाद क्षेत्र में स्थित नीलम पार्क में भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनकी मांगों के समर्थन में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह आज शिक्षक दिवस के दिन अभ्यर्थियों के साथ धरने पर बैठने पहुंचे।
तीन साल से कर रहे संघर्ष, 5819 पदों पर काउंसलिंग का इंतजार
नीलम पार्क में आंदोलन कर रहे वर्ग-1 चयन परीक्षा 2023 के अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले तीन साल से पद बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा 2023 में 8720 पद स्वीकृत और विज्ञापित किए गए थे, लेकिन पहली काउंसलिंग में केवल 2901 पदों पर नियुक्तियां हुईं। इससे 5819 पद अब भी खाली हैं या उन पर काउंसलिंग नहीं कराई गई है।
शिक्षक वर्ग-एक, दो और तीन के उम्मीदवारों द्वारा 15 दिनों से की जा रही भूख हड़ताल और प्रदर्शन अब राजनीतिक रूप लेने लगा है। इन अभ्यर्थियों द्वारा केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का काफिला जन्माष्टमी पर रोके जाने के अगले दिन यानी आज पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह इनके प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे हैं।
वे पहले भी इस प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे और उन्होंने इन अभ्यर्थियों की मांग उचित बताते हुए प्रदर्शन में दोबारा शामिल होने की बात कही थी।
प्रदेश के शिक्षक वर्ग 2 और 3 के अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर पिछले 15 दिनों से भोपाल के जहांगीराबाद क्षेत्र में स्थित नीलम पार्क में भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनकी मांगों के समर्थन में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह आज शिक्षक दिवस के दिन अभ्यर्थियों के साथ धरने पर बैठने पहुंचे।
तीन साल से कर रहे संघर्ष, 5819 पदों पर काउंसलिंग का इंतजार
नीलम पार्क में आंदोलन कर रहे वर्ग-1 चयन परीक्षा 2023 के अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले तीन साल से पद बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा 2023 में 8720 पद स्वीकृत और विज्ञापित किए गए थे, लेकिन पहली काउंसलिंग में केवल 2901 पदों पर नियुक्तियां हुईं। इससे 5819 पद अब भी खाली हैं या उन पर काउंसलिंग नहीं कराई गई है।