मुख्यालय के नये भवन की सौगात ...!
भोपाल। नए साल 2026 में नगर निगम के मुख्यालय के नये भवन की सौगात मिलने की पूरी संभावना है। निगम से जुड़े सूत्रों का कहना कि जनवरी के पहले सप्ताह से इसका सामान जाना प्रारंभ हो जाएगा और दूसरे सप्ताह तक इसे लोकार्पण किया जा सकता है।
अच्छी बात है कि अब भोपाल नगर निगम के सभी दफ्तर एक ही छत के नीचे लगेंगे। निगम मुख्यालय की बिल्डिंग का काम पूरा हो गया है। भोपाल नगर निगम मुख्यालय अभी 10 जगहों पर बंटा है।
गौर तलब है कि निगम मुख्यालय की बिल्डिंग का काम लगभग पूरा हो गया है। राजधानी भोपाल के लिंक रोड नंबर 2 पर सेंट मैरी स्कूल के सामने नगर निगम के हेडक्वार्टर निर्माण किया गया है। भोपाल महापौर मालती राय ने दावा किया है कि जनवरी माह में इसे पूरी तरह शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए
वेटिकन। दुनियाभर में लोगों ने 25 दिसंबर को क्रिसमस पर्व मनाया। ईसाई धर्म के अनुयायी यीशु मसीह के जन्म के मौके पर प्रार्थना के लिए चर्च पहुंचे। घरों से लेकर शहरों के मुख्य चौराहों और गलियों को सजाया गया है। येरूशलम के नजदीक मौजूद यीशु मसीह के जन्म स्थान बेथलेहम में इस बार पूरे दो साल बाद उत्सव धूमधाम से मनाया गया। चर्च ऑफ द नेटिविटी के पास स्थित मैंगर स्क्वायर में बड़ा क्रिसमस ट्री लगाया गया। इसी तरह चीन, केन्या, यूक्रेन और पाकिस्तान में भी क्रिसमस मनाया गया।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ईसाइयों के सर्वोच्च धर्मगुरु 14वें पोप लियो मई में चुने जाने के बाद पहली बार क्रिसमस सेलिब्रेशन की अध्यक्षता कर रहे हैं। पोप ने वेटिकन सिटी में 24 दिसंबर की रात सेंट पीटर बेसिलका चर्च का पवित्र दरवाजा खोलकर क्रिसकम के जश्न की शुरुआत की। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और मेलानिया ट्रम्प ने फ्लोरिडा के मार-ए-लागो में बच्चों के साथ नोराड सैंटा क्लॉज ट्रैकर कॉल में भाग लिया। नोराड हर साल क्रिसमस ईव पर सांता क्लॉज की यात्रा ट्रैक करता है।
वहीं युद्ध के बीच यूक्रेन की 33वीं अलग मैकेनाइज्ड ब्रिगेड के सैन्य पादरी लेफ्टिनेंट मायकोला बागिरोव ने 25 दिसंबर को क्रिसमस के दिन फ्रंटलाइन पर सैनिकों से मुलाकात की। यूक्रेनी सैनिकों ने एक पुराने अस्तबल में प्रार्थना सभा की। इस दौरान वे अपने साथ क्रिसमस स्टार लेकर गए थे, जो ईसा मसीह के जन्म और बेथलहम के तारे का प्रतीक है। गाजा पट्टी में स्थित लैटिन मठ के चर्च में क्रिसमस की पूर्व संध्या पर प्रार्थना सभा की गई। इस सभा में लोगों ने जंग से उबरने की प्रार्थना की और क्षेत्र में शांति की दुआ मांगी।
इस्लामाबाद में क्रिसमस के लिए कई जगहों पर खूबसूरत क्रिसमस ट्री सजाए गए। पाकिस्तान में भी ईसाई समुदाय क्रिसमस धूमधाम से मनाया गया। इस साल इस्लामाबाद के सेरेना होटल में भव्य ट्री लाइटिंग सेरेमनी हुई, जहां कैरोल गायन और प्रार्थना हुई। उत्तरी आयरलैंड के हेलेन बे में, लोग क्रिसमस की पूर्व संध्या पर बेलफास्ट लॉफ के ठंडे पानी में वार्षिक तैराकी के लिए समुद्र में उतरे। यह आयोजन डिमेंशिया एनआई और एयर एम्बुलेंस एनआई के लिए धन जुटाने के उद्देश्य से किया गया था।
ओटावा। कनाडा के पीएम मार्क कार्नी ने कहा है कि उनका देश भारत के साथ ट्रेड वार्ता शुरू कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि कनाडा, चीन के साथ रिश्ते बेहतर करने की कोशिश कर रहा है। कार्नी के मुताबिक ट्रम्प को लगता है कि जो देश अपने हितों के लिए मजबूत कदम उठाता है, वह सम्मान का हकदार होता है।
7 स्क्रैप फर्मों पर कार्रवाई, 2 करोड़ की टैक्स चोरी का खुलासा
जबलपुर,। स्क्रैप कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी, करोड़ों की टैक्स चोरी का खुलासा,हड़कंप
जबलपुर, । केंद्रीय जीएसटी आयुक्तालय जबलपुर ने टैक्स चोरी और फर्जी बिलिंग के खिलाफ अपनी मुहिम तेज कर दी है। आयुक्त लोकेश कुमार लिल्हारे के कुशल नेतृत्व में एंटी-इवेजन टीम ने शहर के सात प्रमुख स्क्रैप व्यापारियों के ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। इस कार्रवाई से पूरे व्यापारिक जगत में हड़कंप मच गया है।
विभाग को लंबे समय से इन फर्मों द्वारा फर्जी बिलों के माध्यम से इनपुट टैक्स क्रेडिट का गलत लाभ उठाने की सूचना मिल रही थी। जिन फर्मों पर कार्रवाई की गई है, उनमें शमा स्टील, केएनआर मेटल, मनन ट्रेडर्स, मानस एंटरप्राइजेज, वर्धमान एंटरप्राइजेज, सिल्वर स्टील इंडस्ट्रीज और महावीर इंडस्ट्रीज शामिल हैं।
फर्जी बिलिंग के जरिए 2 करोड़ की राजस्व चोरी
विभागीय जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि स्क्रैप और धातु कारोबार से जुड़ी इन फर्मों ने बड़े पैमाने पर कागजी लेनदेन के जरिए सरकार को राजस्व का चूना लगाया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, रू/ह्य केएनआर मेटल्स में अकेले लगभग 10 करोड़ के फर्जी बिलों का पता चला है। इन बिलों के माध्यम से करीब 2 करोड़ से अधिक के इनपुट टैक्स क्रेडिट की चोरी का अनुमान लगाया गया है। जांच के दौरान विभाग ने पाया कि कई लेनदेन केवल कागजों पर दिखाए गए थे, ताकि टैक्स लायबिलिटी को कम किया जा सके। विभाग अब इन फर्जी बिलों के स्रोत और इनके पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटा है।
-मौके पर ही 20 लाख से अधिक की वसूली...........
जीएसटी विभाग के सख्त रुख को देखते हुए दो प्रमुख फर्मों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए तत्काल टैक्स जमा किया है। कार्रवाई के दौरान केएनआर मेटल्स ने 11.84 लाख और शमा स्टील ने 9 लाख की जीएसटी राशि मौके पर ही सरकारी खजाने में जमा कर दी है। इस प्रकार विभाग ने अब तक कुल 20 लाख से अधिक की राशि तुरंत वसूल कर ली है।सातों फर्मों के प्रोपराइटरों ने विभाग को आश्वासन दिया है कि वे जल्द ही सभी संबंधित दस्तावेज और खरीद-बिक्री का विवरण प्रस्तुत करेंगे। व्यापारियों ने यह भी स्वीकार किया है कि यदि जांच के बाद किसी भी प्रकार की अनियमितता या टैक्स की कमी पाई जाती है, तो वे पूरी देय राशि ब्याज और जुर्माने सहित जमा करेंगे।
कम्प्यूटर डेटा की छानबीन...........
फिलहाल, एंटी-इवेजन टीम द्वारा जब्त किए गए दस्तावेजों और कंप्यूटर डेटा की गहन समीक्षा की जा रही है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यह जांच का शुरुआती चरण है और आने वाले दिनों में कुछ अन्य फर्मों के नाम भी इस सिंडिकेट में सामने आ सकते हैं। टैक्स चोरी की पुष्टि होने पर संबंधित व्यापारियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई और जेल तक की नौबत आ सकती है।
7 स्क्रैप फर्मों पर कार्रवाई, 2 करोड़ की टैक्स चोरी का खुलासा
जबलपुर,। स्क्रैप कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी, करोड़ों की टैक्स चोरी का खुलासा,हड़कंप
जबलपुर, । केंद्रीय जीएसटी आयुक्तालय जबलपुर ने टैक्स चोरी और फर्जी बिलिंग के खिलाफ अपनी मुहिम तेज कर दी है। आयुक्त लोकेश कुमार लिल्हारे के कुशल नेतृत्व में एंटी-इवेजन टीम ने शहर के सात प्रमुख स्क्रैप व्यापारियों के ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। इस कार्रवाई से पूरे व्यापारिक जगत में हड़कंप मच गया है।
विभाग को लंबे समय से इन फर्मों द्वारा फर्जी बिलों के माध्यम से इनपुट टैक्स क्रेडिट का गलत लाभ उठाने की सूचना मिल रही थी। जिन फर्मों पर कार्रवाई की गई है, उनमें शमा स्टील, केएनआर मेटल, मनन ट्रेडर्स, मानस एंटरप्राइजेज, वर्धमान एंटरप्राइजेज, सिल्वर स्टील इंडस्ट्रीज और महावीर इंडस्ट्रीज शामिल हैं।
फर्जी बिलिंग के जरिए 2 करोड़ की राजस्व चोरी
विभागीय जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि स्क्रैप और धातु कारोबार से जुड़ी इन फर्मों ने बड़े पैमाने पर कागजी लेनदेन के जरिए सरकार को राजस्व का चूना लगाया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, रू/ह्य केएनआर मेटल्स में अकेले लगभग 10 करोड़ के फर्जी बिलों का पता चला है। इन बिलों के माध्यम से करीब 2 करोड़ से अधिक के इनपुट टैक्स क्रेडिट की चोरी का अनुमान लगाया गया है। जांच के दौरान विभाग ने पाया कि कई लेनदेन केवल कागजों पर दिखाए गए थे, ताकि टैक्स लायबिलिटी को कम किया जा सके। विभाग अब इन फर्जी बिलों के स्रोत और इनके पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटा है।
-मौके पर ही 20 लाख से अधिक की वसूली...........
जीएसटी विभाग के सख्त रुख को देखते हुए दो प्रमुख फर्मों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए तत्काल टैक्स जमा किया है। कार्रवाई के दौरान केएनआर मेटल्स ने 11.84 लाख और शमा स्टील ने 9 लाख की जीएसटी राशि मौके पर ही सरकारी खजाने में जमा कर दी है। इस प्रकार विभाग ने अब तक कुल 20 लाख से अधिक की राशि तुरंत वसूल कर ली है।सातों फर्मों के प्रोपराइटरों ने विभाग को आश्वासन दिया है कि वे जल्द ही सभी संबंधित दस्तावेज और खरीद-बिक्री का विवरण प्रस्तुत करेंगे। व्यापारियों ने यह भी स्वीकार किया है कि यदि जांच के बाद किसी भी प्रकार की अनियमितता या टैक्स की कमी पाई जाती है, तो वे पूरी देय राशि ब्याज और जुर्माने सहित जमा करेंगे।
कम्प्यूटर डेटा की छानबीन...........
फिलहाल, एंटी-इवेजन टीम द्वारा जब्त किए गए दस्तावेजों और कंप्यूटर डेटा की गहन समीक्षा की जा रही है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यह जांच का शुरुआती चरण है और आने वाले दिनों में कुछ अन्य फर्मों के नाम भी इस सिंडिकेट में सामने आ सकते हैं। टैक्स चोरी की पुष्टि होने पर संबंधित व्यापारियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई और जेल तक की नौबत आ सकती है।
7 स्क्रैप फर्मों पर कार्रवाई, 2 करोड़ की टैक्स चोरी का खुलासा
जबलपुर,। स्क्रैप कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी, करोड़ों की टैक्स चोरी का खुलासा,हड़कंप
जबलपुर, । केंद्रीय जीएसटी आयुक्तालय जबलपुर ने टैक्स चोरी और फर्जी बिलिंग के खिलाफ अपनी मुहिम तेज कर दी है। आयुक्त लोकेश कुमार लिल्हारे के कुशल नेतृत्व में एंटी-इवेजन टीम ने शहर के सात प्रमुख स्क्रैप व्यापारियों के ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। इस कार्रवाई से पूरे व्यापारिक जगत में हड़कंप मच गया है।
विभाग को लंबे समय से इन फर्मों द्वारा फर्जी बिलों के माध्यम से इनपुट टैक्स क्रेडिट का गलत लाभ उठाने की सूचना मिल रही थी। जिन फर्मों पर कार्रवाई की गई है, उनमें शमा स्टील, केएनआर मेटल, मनन ट्रेडर्स, मानस एंटरप्राइजेज, वर्धमान एंटरप्राइजेज, सिल्वर स्टील इंडस्ट्रीज और महावीर इंडस्ट्रीज शामिल हैं।
फर्जी बिलिंग के जरिए 2 करोड़ की राजस्व चोरी
विभागीय जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि स्क्रैप और धातु कारोबार से जुड़ी इन फर्मों ने बड़े पैमाने पर कागजी लेनदेन के जरिए सरकार को राजस्व का चूना लगाया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, रू/ह्य केएनआर मेटल्स में अकेले लगभग 10 करोड़ के फर्जी बिलों का पता चला है। इन बिलों के माध्यम से करीब 2 करोड़ से अधिक के इनपुट टैक्स क्रेडिट की चोरी का अनुमान लगाया गया है। जांच के दौरान विभाग ने पाया कि कई लेनदेन केवल कागजों पर दिखाए गए थे, ताकि टैक्स लायबिलिटी को कम किया जा सके। विभाग अब इन फर्जी बिलों के स्रोत और इनके पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटा है।
-मौके पर ही 20 लाख से अधिक की वसूली...........
जीएसटी विभाग के सख्त रुख को देखते हुए दो प्रमुख फर्मों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए तत्काल टैक्स जमा किया है। कार्रवाई के दौरान केएनआर मेटल्स ने 11.84 लाख और शमा स्टील ने 9 लाख की जीएसटी राशि मौके पर ही सरकारी खजाने में जमा कर दी है। इस प्रकार विभाग ने अब तक कुल 20 लाख से अधिक की राशि तुरंत वसूल कर ली है।सातों फर्मों के प्रोपराइटरों ने विभाग को आश्वासन दिया है कि वे जल्द ही सभी संबंधित दस्तावेज और खरीद-बिक्री का विवरण प्रस्तुत करेंगे। व्यापारियों ने यह भी स्वीकार किया है कि यदि जांच के बाद किसी भी प्रकार की अनियमितता या टैक्स की कमी पाई जाती है, तो वे पूरी देय राशि ब्याज और जुर्माने सहित जमा करेंगे।
कम्प्यूटर डेटा की छानबीन...........
फिलहाल, एंटी-इवेजन टीम द्वारा जब्त किए गए दस्तावेजों और कंप्यूटर डेटा की गहन समीक्षा की जा रही है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यह जांच का शुरुआती चरण है और आने वाले दिनों में कुछ अन्य फर्मों के नाम भी इस सिंडिकेट में सामने आ सकते हैं। टैक्स चोरी की पुष्टि होने पर संबंधित व्यापारियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई और जेल तक की नौबत आ सकती है।
7 स्क्रैप फर्मों पर कार्रवाई, 2 करोड़ की टैक्स चोरी का खुलासा
जबलपुर,। स्क्रैप कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी, करोड़ों की टैक्स चोरी का खुलासा,हड़कंप
जबलपुर, । केंद्रीय जीएसटी आयुक्तालय जबलपुर ने टैक्स चोरी और फर्जी बिलिंग के खिलाफ अपनी मुहिम तेज कर दी है। आयुक्त लोकेश कुमार लिल्हारे के कुशल नेतृत्व में एंटी-इवेजन टीम ने शहर के सात प्रमुख स्क्रैप व्यापारियों के ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। इस कार्रवाई से पूरे व्यापारिक जगत में हड़कंप मच गया है।
विभाग को लंबे समय से इन फर्मों द्वारा फर्जी बिलों के माध्यम से इनपुट टैक्स क्रेडिट का गलत लाभ उठाने की सूचना मिल रही थी। जिन फर्मों पर कार्रवाई की गई है, उनमें शमा स्टील, केएनआर मेटल, मनन ट्रेडर्स, मानस एंटरप्राइजेज, वर्धमान एंटरप्राइजेज, सिल्वर स्टील इंडस्ट्रीज और महावीर इंडस्ट्रीज शामिल हैं।
फर्जी बिलिंग के जरिए 2 करोड़ की राजस्व चोरी
विभागीय जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि स्क्रैप और धातु कारोबार से जुड़ी इन फर्मों ने बड़े पैमाने पर कागजी लेनदेन के जरिए सरकार को राजस्व का चूना लगाया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, रू/ह्य केएनआर मेटल्स में अकेले लगभग 10 करोड़ के फर्जी बिलों का पता चला है। इन बिलों के माध्यम से करीब 2 करोड़ से अधिक के इनपुट टैक्स क्रेडिट की चोरी का अनुमान लगाया गया है। जांच के दौरान विभाग ने पाया कि कई लेनदेन केवल कागजों पर दिखाए गए थे, ताकि टैक्स लायबिलिटी को कम किया जा सके। विभाग अब इन फर्जी बिलों के स्रोत और इनके पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटा है।
-मौके पर ही 20 लाख से अधिक की वसूली...........
जीएसटी विभाग के सख्त रुख को देखते हुए दो प्रमुख फर्मों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए तत्काल टैक्स जमा किया है। कार्रवाई के दौरान केएनआर मेटल्स ने 11.84 लाख और शमा स्टील ने 9 लाख की जीएसटी राशि मौके पर ही सरकारी खजाने में जमा कर दी है। इस प्रकार विभाग ने अब तक कुल 20 लाख से अधिक की राशि तुरंत वसूल कर ली है।सातों फर्मों के प्रोपराइटरों ने विभाग को आश्वासन दिया है कि वे जल्द ही सभी संबंधित दस्तावेज और खरीद-बिक्री का विवरण प्रस्तुत करेंगे। व्यापारियों ने यह भी स्वीकार किया है कि यदि जांच के बाद किसी भी प्रकार की अनियमितता या टैक्स की कमी पाई जाती है, तो वे पूरी देय राशि ब्याज और जुर्माने सहित जमा करेंगे।
कम्प्यूटर डेटा की छानबीन...........
फिलहाल, एंटी-इवेजन टीम द्वारा जब्त किए गए दस्तावेजों और कंप्यूटर डेटा की गहन समीक्षा की जा रही है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यह जांच का शुरुआती चरण है और आने वाले दिनों में कुछ अन्य फर्मों के नाम भी इस सिंडिकेट में सामने आ सकते हैं। टैक्स चोरी की पुष्टि होने पर संबंधित व्यापारियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई और जेल तक की नौबत आ सकती है।
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जबलपुर,। स्क्रैप कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी, करोड़ों की टैक्स चोरी का खुलासा,हड़कंप
जबलपुर, । केंद्रीय जीएसटी आयुक्तालय जबलपुर ने टैक्स चोरी और फर्जी बिलिंग के खिलाफ अपनी मुहिम तेज कर दी है। आयुक्त लोकेश कुमार लिल्हारे के कुशल नेतृत्व में एंटी-इवेजन टीम ने शहर के सात प्रमुख स्क्रैप व्यापारियों के ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। इस कार्रवाई से पूरे व्यापारिक जगत में हड़कंप मच गया है।
विभाग को लंबे समय से इन फर्मों द्वारा फर्जी बिलों के माध्यम से इनपुट टैक्स क्रेडिट का गलत लाभ उठाने की सूचना मिल रही थी। जिन फर्मों पर कार्रवाई की गई है, उनमें शमा स्टील, केएनआर मेटल, मनन ट्रेडर्स, मानस एंटरप्राइजेज, वर्धमान एंटरप्राइजेज, सिल्वर स्टील इंडस्ट्रीज और महावीर इंडस्ट्रीज शामिल हैं।
फर्जी बिलिंग के जरिए 2 करोड़ की राजस्व चोरी
विभागीय जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि स्क्रैप और धातु कारोबार से जुड़ी इन फर्मों ने बड़े पैमाने पर कागजी लेनदेन के जरिए सरकार को राजस्व का चूना लगाया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, रू/ह्य केएनआर मेटल्स में अकेले लगभग 10 करोड़ के फर्जी बिलों का पता चला है। इन बिलों के माध्यम से करीब 2 करोड़ से अधिक के इनपुट टैक्स क्रेडिट की चोरी का अनुमान लगाया गया है। जांच के दौरान विभाग ने पाया कि कई लेनदेन केवल कागजों पर दिखाए गए थे, ताकि टैक्स लायबिलिटी को कम किया जा सके। विभाग अब इन फर्जी बिलों के स्रोत और इनके पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटा है।
-मौके पर ही 20 लाख से अधिक की वसूली...........
जीएसटी विभाग के सख्त रुख को देखते हुए दो प्रमुख फर्मों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए तत्काल टैक्स जमा किया है। कार्रवाई के दौरान केएनआर मेटल्स ने 11.84 लाख और शमा स्टील ने 9 लाख की जीएसटी राशि मौके पर ही सरकारी खजाने में जमा कर दी है। इस प्रकार विभाग ने अब तक कुल 20 लाख से अधिक की राशि तुरंत वसूल कर ली है।सातों फर्मों के प्रोपराइटरों ने विभाग को आश्वासन दिया है कि वे जल्द ही सभी संबंधित दस्तावेज और खरीद-बिक्री का विवरण प्रस्तुत करेंगे। व्यापारियों ने यह भी स्वीकार किया है कि यदि जांच के बाद किसी भी प्रकार की अनियमितता या टैक्स की कमी पाई जाती है, तो वे पूरी देय राशि ब्याज और जुर्माने सहित जमा करेंगे।
कम्प्यूटर डेटा की छानबीन...........
फिलहाल, एंटी-इवेजन टीम द्वारा जब्त किए गए दस्तावेजों और कंप्यूटर डेटा की गहन समीक्षा की जा रही है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यह जांच का शुरुआती चरण है और आने वाले दिनों में कुछ अन्य फर्मों के नाम भी इस सिंडिकेट में सामने आ सकते हैं। टैक्स चोरी की पुष्टि होने पर संबंधित व्यापारियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई और जेल तक की नौबत आ सकती है।