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कभी-कभी खुद पर हंसना भी सीखना चाहिए: मनोज बाजपेयी

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता मनोज बाजपेयी ने कहा कि अगर किसी बात को आपसी सहजता और मजाक के तौर पर कहा जा रहा है तो उसे लेकर अनावश्यक विवाद नहीं होना चाहिए। यह बात उन्होंने कॉमेडियन समय रैना के चर्चित शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के दूसरे सीजन में बिहार के लोगों को लेकर किए गए मजाक पर विवाद बढ़ने को लेकर कही।

हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हास्य के दौरान दूसरे व्यक्ति और उसकी पृष्ठभूमि के प्रति सम्मान बनाए रखना बेहद जरूरी है। अपनी आगामी फिल्म ‘लास्ट मैन इन टॉवर’ के प्रचार के दौरान बातचीत में मनोज बाजपेयी ने कहा कि लोगों को कभी- कभी खुद पर और एक-दूसरे पर हंसना सीखना चाहिए। उनके अनुसार, स्वस्थ हास्य वही है जिसमें किसी की भावनाओं को जानबूझकर ठेस न पहुंचाई जाए और मजाक के पीछे आपसी सम्मान कायम रहे।

दरअसल, शो के एक एपिसोड में समय रैना और शेरोन वर्मा के बीच मजाकिया बातचीत के दौरान बिहार को लेकर टिप्पणी की गई थी। समय रैना ने मजाक में शेरोन वर्मा के बिहार से मुंबई नौकरी की तलाश में आने की बात कही, जिस पर शेरोन ने भी पलटकर जवाब दिया। 

सोशल मीडिया पर इस बातचीत के बाद कुछ लोगों ने बिहारियों को लेकर किए गए मजाक पर आपत्ति जताई और मामला चर्चा में आ गया। मनोज बाजपेयी ने कहा कि अगर दो लोग एक-दूसरे के साथ सहज हैं तो वे अक्सर आपस में मजाक करते हैं और एक-दूसरे पर हंसते भी हैं। लेकिन इस दौरान यह समझना जरूरी है कि हास्य की सीमा कहां तक है। उन्होंने कहा कि इंसान के भीतर खुद को लेकर हास्यबोध होना चाहिए, लेकिन साथ ही अपने और सामने बैठे व्यक्ति के सम्मान का भी ध्यान रखना चाहिए।

अभिनेता ने अपने शुरुआती दिनों का एक किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष की उम्र में जब वह दिल्ली में नए थे, तब बस के नियमों से अनजान होने के कारण सामने वाले दरवाजे से बस में चढ़ने की कोशिश कर रहे थे। इस पर बस चालक ने उन्हें डांटते हुए ‘ए बिहारी, पीछे के गेट से चढ़ो’ कहा। 

मनोज बाजपेयी के मुताबिक, चालक को शायद यह नहीं पता था कि वह वास्तव में बिहार से ही हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें उस घटना का बुरा नहीं लगा, क्योंकि वह शहर में नए थे और बस के नियमों से परिचित नहीं थे।

बाद में अलग-अलग राज्यों के लोगों से दोस्ती के दौरान वे एक-दूसरे की पृष्ठभूमि को लेकर मजाक भी करते रहे, लेकिन आपसी समझ के कारण किसी को ठेस नहीं पहुंचती थी। मनोज बाजपेयी ने कहा कि असली समस्या तब पैदा होती है जब किसी समुदाय या व्यक्ति को जानबूझकर अपमानित किया जाए या उसे परेशानी पहुंचाने की कोशिश हो।



भोपाल में सीलिंग की कार्रवाई का विरोध:कोलार में बाजार बंद, डी-मार्ट और शराब दुकानें भी नहीं खुलीं; आज भी सड़क पर उतरेंगे व्यापारी

भोपाल में चल रही सीलिंग कार्रवाई के विरोध में कोलार व्यापारी महासंघ के आव्हान पर आज पूरा बाजार बंद है। यहां तक कि डी-मार्ट और शराब की दुकानें भी बंद रखी गई हैं। कोलार तिराहे से गोल जोड़ तक सभी प्रतिष्ठान बंद हैं। इमरजेंसी सेवाएं जैसे मेडिकल, पेट्रोल पंप को बंद से छूट दी गई है। महासंघ के अध्यक्ष सुनील सिंह ने कहा कि सीलिंग की कार्रवाई गलत है। इससे व्यापारी सड़क पर आ गए हैं। इसलिए आज प्रदर्शन किया जाएगा।

निगम तीसरे दिन भी कार्रवाई करेगा

इधर, नगर निगम तीसरे दिन भी प्रतिष्ठान सील करने की कार्रवाई करेगा। अब तक कुल 170 प्रतिष्ठान बंद कराए जा चुके हैं। हालांकि, इसे लेकर व्यापारी विरोध भी कर रहे हैं। व्यापारियों ने मंगलवार को करीब चार घंटे तक रोशनपुरा चौराहे पर प्रदर्शन किया था।


पंड्या फिर चोटिल होने के कारण अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज से बाहर हुए

मुम्बई । अनुभवी ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी एक बार फिर से टल गयी है। पंड्या अभ्यास सत्र के दौरान चोटिल होने के बाद  अफगानिस्तान के खिलाफ इसी माह 13 सितंबर से शुरु हो रही होने वाली सीरीज से बाहर हो गये हैं। पंड्या को अफगान टीम के खिलाफ टी20 सीरीज से वापसी करनी थी, पर अभ्यास सत्र के दौरान पैर में चोट लगने से वह बाहर हो गये। 

गौरतलब है कि इससे एक बार पंड्या के प्रशंसकों को निराशा हुई है। वह फिट नहीं होने के करण लंबे समय से ही अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से वापस चल रहे थे। उनका चोटों से पुराना नाता रहा है, इसलिए टीम प्रबंधन उनके साथ किसी भी तरह की जल्दबाजी नहीं करना चाहता है। 

हार्दिक के बाहर होने से टीम के संतुलन पर असर पड़त है, क्योंकि वह तेज गेंदबाजी के साथ-साथ निचले क्रम में अच्छी बल्लेबाजी भी करते हैं। उनकी गैरमौजूदगी में नीतीश कुमार रेड्डी या शिवम दुबे जैसे उभरते हुए ऑलराउंडर्स को अवसर मिलने की संभावना है।

बार-बार होने वाली इन चोटों से हार्दिक के कार्यभार प्रबंधन और लगातार खेलने की क्षमता पर भी सवाल उठ रह हैं, इससे चयनकर्ताओं की भी मुश्किलें बढ़ रही हैं। मेडिकल टीम के अनुसार, यह चोट बेहद गंभीर नहीं है, लेकिन एहतियात के तौर पर उन्हें दो से तीन हफ्ते के आराम और रिहैब की सलाह दी गई है। 



सोने और चांदी की कीमतों में नरमी

नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में नरमी आई है। सोना तीन हफ्तों से अधिक के निचले स्तर पर पहुँच गया है, जहाँ मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर यह लगभग 2000 रुपये की गिरावट के साथ ही 1,49,904 प्रति ग्राम पर कारोबार कर रहा है। दूसरी ओर चांदी के भाव 3,549 रुपये नीचे आकर  2,26,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गये। इस तेज गिरावट के साथ ही सोना 1.50 लाख के स्तर पर पहुंच गया। 

इस  गिरावट के पीछे वैश्विक आर्थिक कारक और भू-राजनीतिक तनाव प्रमुख कारण रहे हैं। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण भी कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने की आशंका गहरा गई है।

इसके परिणामस्वरूप, अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना भी मजबूत हुई है, जिसका सीधा असर सोने की कीमतों पर पड़ा है। आमतौर पर महंगाई बढ़ने पर सोने को सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन जब ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो सोने में निवेश कम हो जाता है, क्योंकि इससे कोई ब्याज या नियमित आय प्राप्त नहीं होती।

घरेलू सर्राफा बाजारों में भी सोने और चांदी की कीमतों पर इसका असर साफ देखा गया। दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव 15,423 प्रति ग्राम, 22 कैरेट का भाव 14,319 प्रति ग्राम और 18 कैरेट का दाम 11,571 प्रति ग्राम पर आ गया है।

वहीं, 22 कैरेट 10 ग्राम सोने की कीमत 1,63,108 रुपये पर दर्ज की गई। चांदी की बात करें तो, दिल्ली में यह 245 प्रति ग्राम पर आ गई है, जिसमें 5 की गिरावट है, जबकि प्रति किलोग्राम 2,45,000 रुपये पर कारोबार कर रही है, जो 5,000 की बड़ी गिरावट दर्शाता है।

सिर्फ सोना-चांदी ही नहीं, बल्कि प्लैटिनम और पैलेडियम जैसी अन्य कीमती धातुओं पर भी वैश्विक स्तर पर दबाव देखा गया, जिनकी कीमतों में लगभग 1 फीसदी तक की गिरावट आई है।


ताजा खबर

कभी-कभी खुद पर हंसना भी सीखना चाहिए: मनोज बाजपेयी

नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में नरमी आई है। सोना तीन हफ्तों से अधिक के निचले स्तर पर पहुँच गया है, जहाँ मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर यह लगभग 2000 रुपये की गिरावट के साथ ही 1,49,904 प्रति ग्राम पर कारोबार कर रहा है। दूसरी ओर चांदी के भाव 3,549 रुपये नीचे आकर  2,26,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गये। इस तेज गिरावट के साथ ही सोना 1.50 लाख के स्तर पर पहुंच गया। 

इस  गिरावट के पीछे वैश्विक आर्थिक कारक और भू-राजनीतिक तनाव प्रमुख कारण रहे हैं। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण भी कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने की आशंका गहरा गई है।

इसके परिणामस्वरूप, अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना भी मजबूत हुई है, जिसका सीधा असर सोने की कीमतों पर पड़ा है। आमतौर पर महंगाई बढ़ने पर सोने को सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन जब ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो सोने में निवेश कम हो जाता है, क्योंकि इससे कोई ब्याज या नियमित आय प्राप्त नहीं होती।

घरेलू सर्राफा बाजारों में भी सोने और चांदी की कीमतों पर इसका असर साफ देखा गया। दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव 15,423 प्रति ग्राम, 22 कैरेट का भाव 14,319 प्रति ग्राम और 18 कैरेट का दाम 11,571 प्रति ग्राम पर आ गया है।

वहीं, 22 कैरेट 10 ग्राम सोने की कीमत 1,63,108 रुपये पर दर्ज की गई। चांदी की बात करें तो, दिल्ली में यह 245 प्रति ग्राम पर आ गई है, जिसमें 5 की गिरावट है, जबकि प्रति किलोग्राम 2,45,000 रुपये पर कारोबार कर रही है, जो 5,000 की बड़ी गिरावट दर्शाता है।

सिर्फ सोना-चांदी ही नहीं, बल्कि प्लैटिनम और पैलेडियम जैसी अन्य कीमती धातुओं पर भी वैश्विक स्तर पर दबाव देखा गया, जिनकी कीमतों में लगभग 1 फीसदी तक की गिरावट आई है।


भोपाल में सीलिंग की कार्रवाई का विरोध:कोलार में बाजार बंद, डी-मार्ट और शराब दुकानें भी नहीं खुलीं; आज भी सड़क पर उतरेंगे व्यापारी

नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में नरमी आई है। सोना तीन हफ्तों से अधिक के निचले स्तर पर पहुँच गया है, जहाँ मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर यह लगभग 2000 रुपये की गिरावट के साथ ही 1,49,904 प्रति ग्राम पर कारोबार कर रहा है। दूसरी ओर चांदी के भाव 3,549 रुपये नीचे आकर  2,26,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गये। इस तेज गिरावट के साथ ही सोना 1.50 लाख के स्तर पर पहुंच गया। 

इस  गिरावट के पीछे वैश्विक आर्थिक कारक और भू-राजनीतिक तनाव प्रमुख कारण रहे हैं। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण भी कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने की आशंका गहरा गई है।

इसके परिणामस्वरूप, अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना भी मजबूत हुई है, जिसका सीधा असर सोने की कीमतों पर पड़ा है। आमतौर पर महंगाई बढ़ने पर सोने को सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन जब ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो सोने में निवेश कम हो जाता है, क्योंकि इससे कोई ब्याज या नियमित आय प्राप्त नहीं होती।

घरेलू सर्राफा बाजारों में भी सोने और चांदी की कीमतों पर इसका असर साफ देखा गया। दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव 15,423 प्रति ग्राम, 22 कैरेट का भाव 14,319 प्रति ग्राम और 18 कैरेट का दाम 11,571 प्रति ग्राम पर आ गया है।

वहीं, 22 कैरेट 10 ग्राम सोने की कीमत 1,63,108 रुपये पर दर्ज की गई। चांदी की बात करें तो, दिल्ली में यह 245 प्रति ग्राम पर आ गई है, जिसमें 5 की गिरावट है, जबकि प्रति किलोग्राम 2,45,000 रुपये पर कारोबार कर रही है, जो 5,000 की बड़ी गिरावट दर्शाता है।

सिर्फ सोना-चांदी ही नहीं, बल्कि प्लैटिनम और पैलेडियम जैसी अन्य कीमती धातुओं पर भी वैश्विक स्तर पर दबाव देखा गया, जिनकी कीमतों में लगभग 1 फीसदी तक की गिरावट आई है।


पंड्या फिर चोटिल होने के कारण अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज से बाहर हुए

नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में नरमी आई है। सोना तीन हफ्तों से अधिक के निचले स्तर पर पहुँच गया है, जहाँ मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर यह लगभग 2000 रुपये की गिरावट के साथ ही 1,49,904 प्रति ग्राम पर कारोबार कर रहा है। दूसरी ओर चांदी के भाव 3,549 रुपये नीचे आकर  2,26,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गये। इस तेज गिरावट के साथ ही सोना 1.50 लाख के स्तर पर पहुंच गया। 

इस  गिरावट के पीछे वैश्विक आर्थिक कारक और भू-राजनीतिक तनाव प्रमुख कारण रहे हैं। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण भी कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने की आशंका गहरा गई है।

इसके परिणामस्वरूप, अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना भी मजबूत हुई है, जिसका सीधा असर सोने की कीमतों पर पड़ा है। आमतौर पर महंगाई बढ़ने पर सोने को सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन जब ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो सोने में निवेश कम हो जाता है, क्योंकि इससे कोई ब्याज या नियमित आय प्राप्त नहीं होती।

घरेलू सर्राफा बाजारों में भी सोने और चांदी की कीमतों पर इसका असर साफ देखा गया। दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव 15,423 प्रति ग्राम, 22 कैरेट का भाव 14,319 प्रति ग्राम और 18 कैरेट का दाम 11,571 प्रति ग्राम पर आ गया है।

वहीं, 22 कैरेट 10 ग्राम सोने की कीमत 1,63,108 रुपये पर दर्ज की गई। चांदी की बात करें तो, दिल्ली में यह 245 प्रति ग्राम पर आ गई है, जिसमें 5 की गिरावट है, जबकि प्रति किलोग्राम 2,45,000 रुपये पर कारोबार कर रही है, जो 5,000 की बड़ी गिरावट दर्शाता है।

सिर्फ सोना-चांदी ही नहीं, बल्कि प्लैटिनम और पैलेडियम जैसी अन्य कीमती धातुओं पर भी वैश्विक स्तर पर दबाव देखा गया, जिनकी कीमतों में लगभग 1 फीसदी तक की गिरावट आई है।


सोने और चांदी की कीमतों में नरमी

नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में नरमी आई है। सोना तीन हफ्तों से अधिक के निचले स्तर पर पहुँच गया है, जहाँ मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर यह लगभग 2000 रुपये की गिरावट के साथ ही 1,49,904 प्रति ग्राम पर कारोबार कर रहा है। दूसरी ओर चांदी के भाव 3,549 रुपये नीचे आकर  2,26,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गये। इस तेज गिरावट के साथ ही सोना 1.50 लाख के स्तर पर पहुंच गया। 

इस  गिरावट के पीछे वैश्विक आर्थिक कारक और भू-राजनीतिक तनाव प्रमुख कारण रहे हैं। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण भी कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने की आशंका गहरा गई है।

इसके परिणामस्वरूप, अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना भी मजबूत हुई है, जिसका सीधा असर सोने की कीमतों पर पड़ा है। आमतौर पर महंगाई बढ़ने पर सोने को सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन जब ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो सोने में निवेश कम हो जाता है, क्योंकि इससे कोई ब्याज या नियमित आय प्राप्त नहीं होती।

घरेलू सर्राफा बाजारों में भी सोने और चांदी की कीमतों पर इसका असर साफ देखा गया। दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव 15,423 प्रति ग्राम, 22 कैरेट का भाव 14,319 प्रति ग्राम और 18 कैरेट का दाम 11,571 प्रति ग्राम पर आ गया है।

वहीं, 22 कैरेट 10 ग्राम सोने की कीमत 1,63,108 रुपये पर दर्ज की गई। चांदी की बात करें तो, दिल्ली में यह 245 प्रति ग्राम पर आ गई है, जिसमें 5 की गिरावट है, जबकि प्रति किलोग्राम 2,45,000 रुपये पर कारोबार कर रही है, जो 5,000 की बड़ी गिरावट दर्शाता है।

सिर्फ सोना-चांदी ही नहीं, बल्कि प्लैटिनम और पैलेडियम जैसी अन्य कीमती धातुओं पर भी वैश्विक स्तर पर दबाव देखा गया, जिनकी कीमतों में लगभग 1 फीसदी तक की गिरावट आई है।


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