पाकिस्तान में पीपीपी, पीएमएल-एन मिलकर बनाएंगे सरकार?
Feb 10, 2024
-इमरान समर्थक उम्मीदवारों ने भी किया बहुमत का दावा, सौ से ज्यादा सांसद जीते
इस्लामाबाद,। पाकिस्तान में मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) की गठबंधन सरकार बनने जा रही है। हालांकि निर्दलीय के तौर पर इमरान की पार्टी पीटीआई समर्थित सौ से ज्यादा सांसदों ने जीत हासिल की है, ऐसे में वह भी अपना दावा जता रहे हैं। इससे पहले पाकिस्तान में मतगणना के दौरान फर्जीवाड़े के भी आरोप लगाए गए हैं। ताजा जानकारी के अनुसार पाकिस्तान के केंद्र और पंजाब में गठबंधन सरकार बनने जा रही हैं। यह खबर पीएमएल-एन अध्यक्ष शहबाज शरीफ की ओर से पीपीपी अध्यक्ष बिलावल भुट्टो और पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से मुलाकात के बाद सामने आई है। शहबाज ने पंजाब के कार्यवाहक मुख्यमंत्री मोहसिन नकवी के आवास पर पीपीपी के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की। पार्टी सूत्रों ने कहा कि शहबाज ने जरदारी के साथ भविष्य में सरकार गठन पर चर्चा की और पीएमएल-एन सुप्रीमो नवाज शरीफ का संदेश भी दिया। शहबाज ने दोनों पीपीपी नेताओं से पाकिस्तान में राजनीतिक और आर्थिक स्थिरता के लिए पीएमएल-एन नेतृत्व के साथ सरकार में शामिल होने को कहा।
इधर सूत्रों ने दावा किया कि जरदारी और शहबाज पंजाब और केंद्र में सरकार बनाने पर सहमत हुए हैं। दोनों पार्टियां अगली बैठक में अपने-अपने विचार पेश करेंगी और सत्ता-बंटवारे के फार्मूले के संबंध में सभी मामलों को अंतिम रूप देंगी। बता दें कि पाकिस्तान में अब तक नेशनल असेंबली की 265 में से 244 सीटों के परिणाम घोषित किए जा चुके हैं। इनमें से 96 सीट पर पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पीटीआई समर्थित निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है। निर्वाचन आयोग की ओर से परिणाम घोषित करने में देरी करने पर चुनाव में धांधली के आरोप लगाए गए हैं। मतगणना अब भी जारी है।
हालांकि आम चुनाव में किसी पार्टी को बहुमत नहीं मिला लेकिन इमरान समर्थित निर्दलीयों ने सबसे ज्यादा सीटें जीतीं हैं। कुछ सीटों के नतीजे आने बाकी है लेकिन सबसे ज्यादा 100 सीटें निर्दलीयों ने जीती जिन्हें इमरान समर्थित माना जा रहा है। नवाज शरीफ की पार्टी को 71 सीटें मिली है जबकि सहयोगी पार्टी पीपीपी 53 सीटें जीती। इसी तरह एमक्यूएम चौथी सबसे बडी पार्टी बनी और उसको 17 सीटें मिली। यहां 264 सीटों पर चुनाव हुआ था और बहुमत का आंकडा 134 है। अब सरकार बनाने के लिए नवाज शरीफ और बिलावल भुट्टों तैयार है। जबकि इमरान खान की पार्टी ने भी कहा कि उनके सबसे ज्यादा सांसद जीते हैं इसलिए वो केंद्र में सरकार बनाएगी।
अब जानकार बता रहे हैं कि चुनावी सफलता के बावजूद, इमरान खान की पार्टी पीटीआई को नुकसान हुआ है। चुनाव आयोग के फैसले के कारण उनका चुनावी चिह्न बल्ला जब्त हो गया था इसलिए अल्पसंख्यक सीटों का कोटा आवंटित नहीं किया जाएगा। दरअसल पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में 10 सीटें वहां के अल्पसंख्यकों हिंदुओं और ईसाइयों के लिए आरक्षित रहती हैं। कुल 336 सीटों में से 266 सीटों पर जनता के वोटों के जरिए सीधे चुनाव होता है और बची हुई 70 सीटें रिजर्व होती हैं जिनमें से 10 सीटें अल्पसंख्यकों (हिंदू और ईसाइयों) तथा 60 सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व रहती है। इन सीटों का बंटवारा नेशनल असेंबली में जो दल चुनाव जीतकर आते हैं उनकी सीटों के अनुपात में होता है। ऐसे में इमरान को यहां अल्पसंख्यक सीटों का कोटा नहीं मिलेगा है।