अमेरिकी भारतवंशी सांसदों ने क्यों कहा.....पहले अमेरिका सुधरे
May 18, 2024
वाशिंगटन । अमेरिका में भारतीय मूल के सांसदों का कहना है कि वे भारत के साथ मानवाधिकारों का मुद्दा उठाते रहने वाले हैं। हालांकि, भारत उन पर काम नहीं करेगा। अमेरिका में गुरुवार को देसी डिसाइड्स नाम की एक समिट हुई। समिट के दौरान सांसद आर ओ खन्ना ने कहा कि अमेरिका को मनवाधिकारों के मुद्दों पर भारत की लीडरशिप से बात करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत पर 100 साल तक विदेशी हुकूमत का राज था।
समिट में भारतवंशी सांसदों से पीएम मोदी और मुस्लिम समुदाय के साथ उनके संबंधों पर सवाल किया गया था। इस पर खन्ना ने कहा कि भारत लेक्चर सुनने की बजाय तब अपने लोकतंत्र की खामियों को सुधारेगा, जब अमेरिका भी अपनी गलतियों को स्वीकार करेगा। उन्होंने कहा कि भारत से बात करने का यही अच्छा तरीका है। इस पर दूसरे भारतवंशी सांसद बेरा ने खन्ना से सहमति जाहिर की। बेरा ने कहा कि मैंने भारतीय विदेश मंत्री से भी मानवाधिकारों के मुद्दों पर बात की थी। बेरा ने कहा कि हमारे यहां अभी भी जीवंत लोकतंत्र है। हमारे पास एक विपक्षी दल है। हम प्रेस की स्वतंत्रता में विश्वास रखते हैं। यह सभी चीजें हैं, जो मुझे भारत के लिए चिंतित करती हैं। बेरा ने कहा कि मैं उम्मीद करता हूं कि भारत का लोकतंत्र जीवित रहेगा।