मंशा क्या है ? बात-बात में भारत की तारीफ करते दिख रहे मुइज्जू
Jul 29, 2024
माले । भारत ने मालदीव के सहयोग में कभी कसर नहीं छोड़ी। जब जहां जरुरत पड़ी भारत सबसे पहले मालदीव के साथ खड़ा रहा। जैसे ही सत्ता की बागडोर राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने संभाली उन्होंने भारत से पंगा लेना शुरु कर दिया। नतीजा ये हुआ कि दोनों देशों के बीच मतभेदों की खाई बढ़ने लगी। अब हालात बदल रहे हैं मुहज्जू बात बात पर भारत की तारीफ करते नजर आ रहे हैं। ऐसे में सवाल उठने लगा कि आखिर उनकी मंशा क्या है?शुक्रवार को मालदीव के 59वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित एक आधिकारिक समारोह में फिर एक बार ऐसा किया। उन्होंने कहा कि भारत मालदीव का करीबी देश बना रहेगा, इसमें कोई शक नहीं है। उन्होंने कहाकि उनके देश का लोन चुकाने में भारत सबसे अधिक सहायता करते हैं। हालांकि उन्होंने इसके साथ ही चीन का भी नाम लिया, लेकिन तवज्जो भारत को अधिक दी। मुइज्जू ने उनके देश की कमजोर अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद करने के लिए भारत और चीन का आभार जताया। साथ ही कहा कि देश के ऋण संकट को दूर करने में नई दिल्ली और बीजिंग की भूमिका महत्वपूर्ण है।
मुइज्जू के हवाले से कहा कि मैं मालदीव के लोगों की ओर से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, हमारी आर्थिक संप्रभुता को कायम रखने और मालदीव के लोगों की खातिर इस प्रयास में उनके सहयोग के लिए चीन सरकार और भारत सरकार का आभार व्यक्त करता हूं। उन्होंने भारत द्वारा दी गई 400 करोड़ रुपये की सहायता की भी सराहना की। बता दें कि मुइज्जू ने सरकार में आने के बाद भारत के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। इसके चलते मालदीव के साथ भारत के संबंधों में खटास भी आई थी। भारत ने कई अहम फैसले लिए थे, जिससे मालदीव के आर्थिक हालात बिगड़ने लगे थे। इतना ही नहीं, मालदीव जाने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या में भी बड़े पैमाने पर कमी आई थी। इसके बाद मुइज्जू सरकार के मंत्री और खुद प्रेसीडेंट मुइज्जू ने भी भारत की तारीफ शुरू कर दी। मुइज्जू पीएम मोदी के तीसरे कार्यकाल के शपथग्रहण में भी शामिल हुए थे। मुइज्जू ने यह भी बताया कि मालदीव भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट करने की प्रक्रिया में है।