भोपाल सहित 13 जिलों में बिजली गिरने की आशंका -वेदर सिस्टम पडऩे लगे कमजोर

Sep 19, 2022

 मध्य प्रदेश में बारिश का सिलसिला थम सा गया है। वेदर सिस्टम कमजोर पड़े हैं। बंगाल की खाड़ी एवं अरब सागर से नमी आना कम हो गई है। इससे बारिश की गतिविधियां रुक गई हैं।  हालांकि एक-दो दिन बाद फिर मौसम बदल सकता है। बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी कर कई जिलों में बिजली गिरने की आशंका जताई है।

मौसम केंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक बीते 24 घंटों में रीवा, शहडोल, सागर, जबलपुर, भोपाल, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा दर्ज की गई। रीठी, बरगी, रैपुरा, बिछुआ, शाहपुरा, जबलपुरी, टीकमगढ़, मोहनगढ़, सीहोरा, नागौद, पन्ना, नरसिंहपुर, पृथ्वीपुर में 1 सेमी बारिश हुई है।  अगले 24 घंटों के लिए मौसम विभाग का पूर्वानुमान बता रहा है कि रीवा, शहडोल, जबलपुर संभागों के जिलों में कुछ स्थानों पर, सागर, भोपाल, नर्मदापुरम, इंदौर, उज्जैन संभागों के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

मौसम विभाग का यलो अलर्ट बता रहा है कि नर्मदापुरम एवं इंदौर संभाग के जिलों में तथा अनूपपुर, शहडोल, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ एवं धार जिलों में कहीं-कहीं बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है। 21-22 सितंबर से  वर्षा की गतिविधियों में बढ़ोतरी की संभावना है। आंकड़ों को देखें तो प्रदेश का तापमान भी लगातार उछल रहा है। पूर्वी मप्र में ज्यादा बढ़ोतरी रही। अधिकतम तापमान एक बार फिर 34 डिग्री के पार जाने लगा है। प्रदेश में सबसे गर्म ग्वालियर रहा, यहां 34.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। जबलपुर जिले में 11 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज की गई।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अलग-अलग स्थानों पर एक्टिव वेदर सिस्टम कमजोर पड़ गए हैं। मानसून ट्रफ के भी हिमालय की तरफ खिसकने के कारण मध्य प्रदेश में वर्षा का सिलसिला थमने लगा है। हालांकि बंगाल की खाड़ी में हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। इसके मंगलवार को कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित होने की संभावना है। इससे प्रदेश के कई इलाकों में बारिश होने की संभावना है।

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