इलेक्ट्रिक बसों का इंतजार...लाल बसों का चक्काजाम
Jul 14, 2025
- 10 से ज्यादा रूटों में सिटी बसें बंद, यात्री हो रहे हैं परेशान
भोपाल । राजधानी भोपाल के कई रूटों में सिटी बसें बंद होने से शहर के यात्रियों की परेशानी बढ़ हुई है। राजधानी में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की रीढ़ कही जाने वाली बीसीएलएल कंपनी की लाल बसें अब लोगों की परेशानी की वजह बन रही हैं। एक समय शहर की बड़ी आबादी को राहत देने वाली ये बसें आज सडक़ों से गायब होती जा रही हैं। करीब 10 प्रमुख रूटों पर बसों का संचालन पूरी तरह बंद हो गया है जबकि चालू रूटों पर भी बसों की संख्या बेहद सीमित हो चुकी है। बीसीएलएल की बस सेवाएं सीमित हो गई हैं। फिलहाल केवल छह रूटों पर ही बसें संचालित हो रही हैं। जिस कारण शहर के अधिकांश लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। इसके साथ साथ आइएसबीटी बस स्टैंण्ड पर करोड़ों की लागत से खरीदी गई बसें जंग खा रही है।
वहीं अब नगर निगम 100 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की तैयारी तेज कर दी है। इससे पहले भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (बीसीएलएल) एक आधुनिक मेंटेनेंस हब तैयार करेगा। यहां करीब 50 ई-बसों के लिए डिपो बनाया जाएगा, जिसमें रिपेयरिंग से लेकर चार्जिंग तक की सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके लिए नगर निगम ने टेंडर जारी कर दिया है। जानकारी के लिए बता दें कि यह परियोजना केंद्र और राज्य सरकार दोनों के संयुक्त सहयोग से संचालित की जा सकेगी। नगर निगम ने भोपाल के बैरागढ़ और कस्तूरबा नगर भेल क्षेत्र में ई-बसों के डिपो बनाने की तैयारी कर ली है। अब भेल प्रबंधन द्वारा कस्तूरबा नगर से सटी लगभग 3 एकड़ भूमि नगर निगम को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, जिससे ई-बसों के संचालन को और मजबूती मिलेगी।
इन रूटों पर चल रही लाल बसें
फिलहाल जिन रूटों पर लाल बसें संचालित हो रही हैं, उनमें एसआर-2 (नेहरू नगर से कटारा हिल्स) 15 बस, एसआर-4 (बैरागढ़ चीचली से करोंद) 15 बस, एसआर-5 (चिरायु अस्पताल से अवधपुरी) 20 बस, टीआर-4बी (गांधीनगर से मंडीदीप) 26 बस, 403 (कोकता से नीलबड़) 10 बस, टीआर-4 (चिरायु से एम्स) 20 बस शामिल है। इन रूटों पर प्रतिदिन बसों की संख्या को बढ़ाया घटाया जाता रहता है। शहर के सभी रूटों पर लगगभ 110 बसें दौड़ रही हैं।
एक साल से बंद है एक कंपनी की बसें
भोपाल में फिलहाल चार ऑपरेटरों के जरिए लाल बसें संचालित होती हैं, लेकिन इनमें से एक प्रमुख ऑपरेटर मां एसोसिएट की 149 बसें बीते एक साल से अधिक समय से बंद हैं। और कुछ अन्य ऑपरेटरों की बसों को मिलाकर कुल 210 से अधिक बसें बस स्टैंण्ड में खड़ी-खड़ी जग खा रही है। बाकी तीन ऑपरेटरों की स्थिति इस प्रकार है।
इन रूटों पर बसें हुई बंद
हालांकि जिन रूटों पर बसें बंद हो चुकी हैं, उनमें बस नंबर 306 (श्री नरहरिदास बस स्टैंड से एम्स), बस नंबर 304 (नीलबड़ से नादरा बस स्टैंड),बस नंबर 307 (ओरिएंटल कॉलेज से गणेश मंदिर), बस नंबर 309 (करोंद से बरखेड़ा पठानी),बस नंबर एसआर-8 बैरागढ़ चीचली से कोच फैक्ट्री, बस नंबर ञ्जक्र-1,आकृति इको सिटी से चिरायु, बस नंबर 208 कोकता से लेकर लालघाटी, बस नंबर 115 अयोध्या नगर से लेकर गांधी नगर , बस नंबर 303 रंग महल से लेकर अयोध्या नगर और बस नंबर एसआर-वी1 बैरागढ़ चीचली से चिरायु नाका की शामिल हैं। बीसीएलएल कंपनी के डायरेक्टर मनोज राठौर ने कहा कि शहर के अधिकांश रूटों पर बसें धीरे-धीरे बंद हो रही हैं जिससे यात्रियों की परेशानी बढ़ रही है। मैं मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री को एक दो दिन में पत्र लिख इस समस्या को अवगत कराने वाला हूं ताकि भोपाल के रूटों पर फिर से बसों का संचालन हो सके।