वोडाफोन ने इंडस टावर्स में हिस्सेदारी बेचकर जुटाए 15,300 करोड़

Jun 20, 2024

नई दिल्ली । ब्रिटेन की दूरसंचार दिग्गज वोडाफोन पीएलसी ने टावर मैनेजमेंट कंपनी इंडस टावर्स के 48.47 करोड़ शेयर बेचकर 15,300 करोड़ रुपये जुटा लिए। जेपी मॉर्गन के अनुसार यह रा‎शि वोडाफोन समूह के मौजूदा लेनदारों के कर्ज भुगतान में जाएगी लेकिन इंडस टावर्स को खुद 4,250 करोड़ रुपये से कम रा‎शि मिलेगी। हिस्सेदारी बिक्री के बाद इंडस टावर्स में वोडाफोन पीएलसी की हिस्सेदारी 21.5 फीसदी से घटकर 3.1 फीसदी रह गई है। भारती एयरटेल ने एक्सचेंजों को सूचित किया है कि उसने 2.89 करोड़ शेयर का अधिग्रहण किया है और कंपनी की कुल हिस्सेदारी अब करीब 49 फीसदी हो गई है।

वोडाफोन पीएलसी ने कहा ‎कि उसे कुल 153 अरब रुपये प्राप्त हुए हैं। इसका उपयोग वोडाफोन के मौजूदा लेनदारों के कर्ज को चुकाने में होगा जो वोडाफोन की भारतीय परिसंपत्तियों के बदले ली गई 1.8 अरब यूरो की उधारी से संबंधित है। जेपी मॉर्गन ने कहा कि इंडस टावर्स का वोडाफोन पीएलसी की मूल 21 फीसदी हिस्सेदारी को इंडस टावर्स ने भी गिरवी रखा है। उन्होंने इंडस टावर्स के एक व‎रिष्ठ अ‎धिकारी के साथ बैठक के बाद यह बात कही। विश्लेषक नोट में उसने कहा कि बिक्री के बाद वोडाफोन पीएलसी सबसे पहले प्राथमिक गिरवीदारों के बकाये का भुगतान करेगी और बाकी रकम इंडस टावर्स के बकाए में जाएगी जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर अधिकतम 4,250 करोड़ रुपये हो सकती है।

भारती इन्फ्राटेल और इंडस टावर्स के विलय के दौरान तय सिक्योरिटी पैकेज में इस बात पर सहमति थी कि वोडाफोन पीएलसी की इंडस टावर्स में 21 फीसदी हिस्सेदारी उसके लेनदारों की तरफ से प्राथमिक गिरवी थी, जो वोडाफोन पीएलसी की तरफ से 2019 में आइडिया के राइट्स इश्यू में भागीदारी के लिए लिए गए 1.4 अरब डॉलर के कर्ज के बदले थी। 

 


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