वोडाफोन आइ‎डिया इक्विटी के जरिये जुटाएगी 45,000 करोड़ रुपये

Feb 28, 2024

-बोर्ड की मंजूरी ‎मिलते ही शेयरों पर हुआ असर, 6 फीसदी की हुई बढ़त

नई दिल्ली । दूरसंचार कंपनी वोडाफोन आइडिया इक्विटी के जरिये 45,000 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी कर रही है। इससे 4जी सेवा का दायरा बढ़ाने के साथ 5जी नेटवर्क तैयार करने में ‎मदद मिलेगी। वहीं बोर्ड की इस मंजूरी से शेयर बाजार में कंपनी के शेयर 6 फीसदी बढ़ गए हैं। ताजा जानकारी के अनुसार कंपनी के निदेशक मंडल ने कर्ज और इक्विटी के जरिये 45,000 करोड़ रुपये तक जुटाने के प्रस्ताव को आज मंजूरी दे दी। कंपनी इस पैसे का इस्तेमाल अपनी 4जी सेवा का दायरा बढ़ाने, 5जी नेटवर्क तैयार करने तथा क्षमता विस्तार पर करेगी। कंपनी ने जारी एक बयान में कहा कि अगली तिमाही तक नया निवेश लाकर इक्विटी और, या इक्विटी से जुड़े दूसरे साधनों के जरिये 20,000 करोड़ रुपये तक जुटाने की उसकी योजना है।

जानकारों की मानें तो बाहरी निवेशक से पूंजी जुटाने पर बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है मगर इसके बारे में ज्यादा खुलासा नहीं ‎‎किया है। बोर्ड ने पूंजी जुटाने की योजना को अमली जामा पहनाने के लिए कंपनी को बैंकर, वकील और सलाहकार नियुक्त करने की जिम्मेदारी दे दी है।

कंपनी ने कहा कि इक्विटी पूंजी बॉन्ड, परिवर्तनीय डिबेंचर, वारंट, ग्लोबल डिपॉजिटरी रिसीट, अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट या विदेशी मुद्रा परिवर्तनीय बॉन्ड के सार्वजनिक निर्गम, निजी नियोजन, तरजीही निर्गम अथवा पात्र संस्थागत नियोजन जैसे किसी भी माध्यम से जुटाई जा सकती है। 2 अप्रैल को शेयरधारकों की बैठक बुलाई जाएगी और इक्विटी पूंजी जुटाने के प्रस्ताव पर उनसे मंजूरी ली जाएगी। इक्विटी जुटाने के प्रस्तावित अभियान में प्रवर्तक भी भागीदारी करेंगे। वोडाफोन आइडिया में आदित्य बिड़ला समूह की 18.1 फीसदी, केंद्र सरकार की 33 फीसदी और ब्रिटेन के वोडाफोन ग्रुप की 32.3 फीसदी हिस्सेदारी है। अतीत में वोडाफोन समूह ने भारतीय इकाई में और पूंजी लगाने से इनकार कर दिया था। मंजूरी की इस खबर का असर वोडा-आइडिया के शेयर पर भी दिखा। 

बंबई स्टॉक एक्सचेंज पर कंपनी का शेयर आज 6 फीसदी चढ़कर 16 रुपये पर बंद हुआ, जिससे कंपनी का कुल बाजार मूल्य 77,254 करोड़ रुपये रहा। शेयर बाजार के जानकरों की मानें तो कंपनी के शेयर पर कल दबाव दिख सकता है क्योंकि बाजार नए निवेश की घोषणा की उम्मीद कर रहा था, जो अभी नहीं आया है। इससे पहले भी कंपनी पूंजी जुटाने के इस तरह के प्रस्ताव मंजूर कर चुकी है। वहीं कंपनी ने कहा कि वह कर्ज जुटाने के लिए ऋणदाताओं से भी बात कर रही है मगर यह काम इक्विटी पूंजी जुटाने के बाद किया जाएगा। अभी कंपनी पर बैंकों का करीब 4,500 करोड़ रुपये का कर्ज भी बकाया है। 




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