विधानसभा का सत्र दिल्ली सेवा कानून पर हंगामे के आसार
Aug 16, 2023
नई दिल्ली । दिल्ली विधानसभा का दो दिवसीय मानसून सत्र शुरू हो रहा है। राष्ट्रीय राजधानी में सेवा विभाग पर नियंत्रण वाले जीएनसीटीडी (संशोधन) अधिनियम 2023 के लागू होने के बाद बुधवार से शुरू हो रहे दिल्ली विधानसभा सत्र में सत्तारूढ़ आप के विधायकों और भाजपा के विधायकों के बीच शोर-शराबा होने की संभावना है।
जहां सत्ता पक्ष दिल्ली की चुनी हुई सरकार के अधिकारों को लेकर आवाज उठाने की तैयारी कर रही है, वहीं विपक्ष सत्ता पक्ष से जनता के सवालों को लेकर घेरने की तैयारी में है। मानसून सत्र 16 से 17 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान दिल्ली की चुनी हुई सरकार के अधिकारों को लेकर सत्ता पक्ष प्रस्ताव लाकर चर्चा करा सकता है, क्योंकि संसद में दिल्ली सेवा विधेयक पास होने के बाद कानून बन जाने पर अब दिल्ली में सरकार मतलब एलजी है।
दिल्ली सरकार में तबादले से लेकर तैनाती और सभी फाइलों को एलजी के पास भेजना अनिवार्य हो गया है। इसे लेकर दिल्ली सरकार लगातार विरोध कर रही है। उधर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने घोषणा कर दी है कि चुनी हुई सरकार के अधिकारों को वापस दिलाने की उनकी लड़ाई सुप्रीम कोर्ट में जारी रहेगी। संसद में दिल्ली सेवा विधेयक लाए जाने के दौरान आप के दो राज्यसभा सदस्यों व एक इकलौते लोकसभा सदस्य को लोकसभा सदन से निलंबित कर दिए जाने से आप नाराज है। इसका असर भी दिल्ली विधानसभा सदन में दिखाई पड़ सकता है।
दिल्ली विधानसभा में अनुपूरक बजट प्रस्ताव भी आने की उम्मीद है। वित्तीय वर्ष 2023-24 के पहले तिमाही बीत जाने के बाद कुछ विभागों ने बजट की कमी बताई है। इसे लेकर बजट प्रस्तावों को नए सिरे से पैसा अलाट करने के लिए यह अनुपूरक बजट आ सकता है। इसमें दिल्ली में पूंजीगत योजनाओं के बजट बढ़ाने का प्रस्ताव भी आ सकता है, जो कि 10 हजार करोड़ रुपये होगा।