70 साल बाद जापान में बदल रहा यूएस मिलिट्री कमांड
Jul 30, 2024
- पुतिन और किम की दोस्ती से ज्यादा निशाने पर चीन
टोक्यो । अमेरिका का कहना है कि वह जापान में अपनी सैन्य कमान का नए सिरे से गठन कर रहा है, क्योंकि दोनों देश चीन से सबसे बड़ी रणनीतिक चुनौती का सामना कर रहे हैं। अमेरिकी रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन का कहना है कि 70 साल पहले सैन्य गठबंधन के बनने के बाद से यह सबसे महत्वपूर्ण बदलाव है। वाशिंगटन और टोक्यो का कहना है कि वे इलाके में तेजी से बदलते सुरक्षा के माहौल से चिंतित हैं। इसके साथ ही दोनों देशों ने चीन पर पूर्वी और दक्षिण चीन सागर, ताइवान के आसपास और पूरे इलाके में यथास्थिति को बदलने के लिए बलपूर्वक बर्ताव करने का आरोप लगाया है।
अमेरिका और जापान के मिलिट्री कमांड का नए सिरे से यह गठन ऐसे समय में हुआ है, जब चीन अपने परमाणु हथियारों को बढ़ा रहा है और रूस उत्तर कोरिया के साथ सैन्य संबंधों को मजबूत कर रहा है। मगर सबसे बड़ा सवाल है कि यह नया गठबंधन अमेरिका और जापान के बीच सुरक्षा संबंधों को कैसे बदलेगा? और चीन इस पर क्या प्रतिक्रिया देगा? बहरहाल यह घोषणा टोक्यो में अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन तथा उनके जापानी समकक्षों योको कामिकावा और मिनोरू किहारा के बीच सुरक्षा वार्ता के बाद की गई। ऑस्टिन ने मीडिया से कहा कि अमेरिका अपने सैनिकों की संख्या के साथ ही जापान में ज्वाइंट फोर्स के मुख्यालय में उन्नत करेगा। यह अमेरिकी सेना की जापान में तैनाती के बाद से सबसे महत्वपूर्ण बदलाव होगा और 70 साल में जापान के साथ हमारे सैन्य संबंधों में सबसे मजबूत सुधारों में से एक होगा। मंत्रियों ने एक संयुक्त बयान में कहा कि नई कमान संरचना मार्च 2025 तक सेनाओं के लिए एक संयुक्त कमान कायम करने की टोक्यो की अपनी योजनाओं के साथ लागू की जाएगी।