ट्रेड-सीक्रेट केस में अमेरिकी कोर्ट ने टीसीएस पर लगाया 1752 करोड़ का जुर्माना

वाशिंगटन । ट्रेड-सीक्रेट केस में अमे‎रिकी कोर्ट ने देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) पर 1752 करोड़ का जुर्माना लगाया है। हालां‎कि एक हफ्ते पहले ही अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने एपिक सिस्टम्स की याचिका पर इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टीज की चोरी के मामले में टीसीएस पर 14 करोड़ डॉलर का जुर्माना लगाया था। अब इसके करीब एक हफ्ते बाद ही टेक्सास कोर्ट ने एक और ट्रेड-सीक्रेट केस में इसे डीएक्स्सी टेक को 21 करोड़ डॉलर (1751.73 करोड़ रुपए) चुकाने का निर्देश दिया है। यह केस कंप्यूटर साइंसेज कॉरपोरेशन ने फाइल किया था जो एचपीई के एंटरप्राइज सर्विसेज बिजनेस से मिलने के बाद डीएक्ससी टेक बन गई। पिछले हफ्ते टीसीएस ने कहा था कि सितंबर तिमाही में इसकी कमाई को 12.5 करोड़ डॉलर का झटका लगा सकता है। बता दें ‎कि डलास के टेक्सास फेडरल कोर्ट में एक जूरी ने टीसीएस को अपना खुद का प्लेटफॉर्म बनाने के लिए डीएक्ससी के सॉफ्टवेयर से जुड़ी गोपनीय जानकारियों के गलत इस्तेमाल का दोषी पाया। जूरी के मुताबिक टीसीएस ने लाइफ इंश्योरेंस और एन्यूटी पॉलिसी को मैनेज करने वाले सॉफ्टवेयर वैंटेज-वन और साइबरलाइफ सॉफ्टवेयर का अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया। 

बताया जा रहा है ‎कि जूरी के एडवायजरी फैसले से टीसीएस असहमत है और टीसीएस के प्रवक्ता ने सभी आरोपों से इनकार किया है। प्रवक्ता ने कहा कि अब इस मामले में अदालत फैसला करेगी और कंपनी की योजना इस मुकदमे को जारी रखने की है। प्रवक्ता ने मामला पेंडिंग होने के कारण अधिक टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। हालां‎कि जूरी ने इससे पहले कहा था कि डीएक्ससी के ट्रेड सीक्रेट के गलत इस्तेमाल के लिए टीसीएस पर 7 करोड़ डॉलर और जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण तरीके से गलत इस्तेमाल के लिए अतिरिक्त 14 करोड़ डॉलर का बकाया है। सीएससी ने यह मामला 2019 में दायर किया था। इसमें दावा किया गया था कि टीसीएस ने 2018 में ट्रांसअमेरिका के 2,200 कर्मचारियों को काम पर रखा था जिनके जरिए उसे प्रतिस्पर्धी लाइफ इंश्योरेंस प्लेटफॉर्म बनाने के लिए सीएससी के सॉफ्टवेयर, इसके सोर्स कोड और बाकी प्रोप्रॉयटरी इंफॉर्मेशन तक एक्सेस हो गया।



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