यूएनएससी का प्रस्ताव बेअसर, इजरायली सेना हमास पर कोई भी रियायत देने के मूड में नहीं

जिनेवा।इजराइल और हमास द्वारा यूएनएससी के प्रस्ताव को मानने से इनकार करने के बाद अब और ज्यादा तबाही होने के आसार बन रहे हैं। अमेरिकी नेता राफा शहर में जमीनी हमले के खिलाफ लगातार इजरायल को चेता रहे हैं लेकिन, इजरायल पर अमेरिका की चेतावनी का कोई असर देखने को नहीं मिल रहा है। अमेरिका और इजरायल के बीच खटपट की खबरों की तब पुष्टि हुई जब यूएनएसी बैठक में बहुमत के साथ गाजा में संघर्षविराम का प्रस्ताव पास हुआ।

इस प्रस्ताव में सिर्फ अमेरिका ने वोटिंग नहीं की लेकिन, इजरायल का आरोप है कि उसका दोस्त होने के नाते अमेरिका को इस प्रस्ताव के खिलाफ वीटो शक्ति का इस्तेमाल करना चाहिए था। उधर, अमेरिका ने इजरायल से आग्रह किया है कि वे गाजा शहर में आम नागरिकों को टारगेट न करे बल्कि, उनकी रक्षा करे। अमेरिकी रक्षा क्षेत्र के अधिकारियों ने इज़रायल के अपने समकक्षों से कहा कि दक्षिणी शहर रफा में कोई भी सैन्य अभियान आम नागरिकों की सुरक्षा और सहायता वितरण को ध्यान में रखते हुए चरणबद्ध तरीके से किया जाना चाहिए। पेंटागन ने बताया कि इजरायल के रक्षा मंत्री ने अमेरिकी अधिकारियों की बात पर गौर जरूर किया है लेकिन, यह साफ नहीं है कि इस बैठक का गाजा में इजरायली सेना द्वारा चलाए जा रहे जमीनी अभियान पर कितना असर देखने को मिलेगा।

इजरायल और हमास के बीच खतरनाक युद्ध का यूएनएससी में पास हुए संघर्षविराम प्रस्ताव का कोई असर देखने को नहीं मिल रहा है। अमेरिका का कहना है कि इजरायल और हमास के बीच युद्धविराम की वार्ता में गतिरोध अवश्य आया है लेकिन, बंधकों की रिहाई को लेकर वार्ता चल रही है। इस बीच बुधवार को स्थानीय मीडिया ने खुलासा किया कि कतर में नवीनतम दौर की वार्ता की विफलता के बाद इजरायली सेना हमास पर कोई भी रियायत देने के मूड में नहीं है और उसने अपने अगले लक्ष्य के रूप में राफा शहर पर जमीनी अभियान की तैयारी तेज कर दी है।हिज़्बुल्लाह समर्थक एक अख़बार ने मिस्र के सूत्रों का हवाला देते हुए बताया कि वे इज़रायल रक्षा बलों के अधिकारियों के संपर्क में थे।

उन्होंने बताया कि इजरायल का नया और बड़ा हमला ईद-उल-फितर के बाद होगा। 12 अप्रैल या अधिक से अधिक मई की शुरुआत में इजरायल राफा शहर पर जमीनी हमला शुरू कर सकता है। अखबार ने आशंका जताई है कि इजरायली सेना गाजा शहर की तरह राफा को भी मरघट बनाने की तैयारी कर रही है। सूत्रों ने कहा है कि गाजा पट्टी में हमास के आखिरी गढ़ के अंदर जमीनी घुसपैठ चार से आठ सप्ताह तक चल सकती है।

बता दें कि राफा शहर में इस वक्त 1.5 मिलियन की आबादी शरण लिए हुए है। ये वे लोग हैं, जो गाजा पट्टी में इजरायली सेना के कहर से खुद को बचाते हुए भाग गए थे। अब इन लोगों पर जीवन का खतरा मंडरा रहा है। रिपोर्ट है कि इजरायली सेना का शुरुआती हमला राफा में हमास के ठिकानों को बर्बाद करना होगा। साथ ही आम नागरिकों का रेस्क्यू करना होगा। इजरायली सेना बीते कुछ दिनों से राफा शहर में आम लोगों से सुरक्षित स्थान चले जाने का आह्वान कर रही है।

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