यूक्रेन की सुरक्षा गारंटी में शामिल होगी 90 अरब डॉलर की हथियार योजना: जेलेंस्की

वाशिंगटन,। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूरोपीय नेताओं के साथ उनकी बातचीत में यूक्रेन के लिए 90 अरब डॉलर के अमेरिकी हथियार खरीदने की योजना शामिल है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह खरीदारी यूरोपीय फंड से की जाएगी और यह यूक्रेन की सुरक्षा गारंटी का हिस्सा होगी। जेलेंस्की ने सोमवार को कहा था कि सुरक्षा गारंटी का एक हिस्सा यूक्रेन में ड्रोन निर्माण होगा, जिनमें से कुछ अमेरिका द्वारा खरीदे जाएंगे। व्हाइट हाउस की बैठक के बाद उन्होंने कहा कि इस पर अभी चर्चा चल रही है और कोई औपचारिक समझौता नहीं हुआ है। अगले एक से डेढ़ हफ्ते में समझौता अंतिम रूप ले लेगा।

रिपोर्ट में दस्तावेज के मुताबिक इस प्रस्ताव में अमेरिकी भागीदारों के साथ 50 अरब डॉलर का ड्रोन उत्पादन सौदा भी शामिल है। जेलेंस्की और ट्रंप की व्हाइट हाउस में मुलाकात से पहले एक प्रस्ताव पैकेज तैयार किया गया था। यह पैकेज ट्रंप के अमेरिकी उद्योग के आर्थिक फायदों पर जोर को ध्यान में रखकर बनाया गया है। ट्रंप ने कहा कि हम कुछ भी मुफ्त में नहीं दे रहे, हम हथियार बेच रहे हैं। दस्तावेज में इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि स्थायी शांति रियायतों और पुतिन को मुफ्त उपहार देने पर आधारित नहीं होगी, बल्कि एक मजबूत सुरक्षा ढांचे पर आधारित होगी जो भविष्य में होने वाली आक्रामकता को रोकेगी। 

यूक्रेन ने रूस के उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है, जिसमें डोनेट्स्क और लुहान्स्क के कुछ हिस्सों से सैनिक हटाने के बदले वॉर फ्रंटलाइन को स्थिर रखने की बात कही गई थी। यूक्रेन ने चेतावनी दी है कि ऐसी रियायतें मास्को को देश में और अंदर तक घुसने का मौका दे सकती हैं। जर्मन चांसलर ने वाशिंगटन में कहा कि पहले युद्ध विराम होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि अगली बैठक बिना युद्धविराम के हो सकती है।

यूक्रेन का दस्तावेज कहता है कि रूस को युद्ध के नुकसान की भरपाई करनी चाहिए, संभवतः पश्चिमी देशों में रखे गए 300 अरब डॉलर के जमे हुए रूसी संपत्तियों के माध्यम से। दस्तावेज में इस बात पर भी जोर दिया कि किसी भी प्रतिबंध में ढील तभी दी जानी चाहिए जब मास्को शांति समझौते का पालन करे। ये प्रस्ताव ट्रंप और पुतिन की अलास्का में हुई मुलाकात के कुछ दिन बाद आया, जहां ट्रंप ने बड़ी प्रगति की बात कही, लेकिन युद्ध खत्म करने का कोई समझौता नहीं हुआ।

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