रूस के साथ सीजफायर पर यूक्रेन ने रखी शर्त: नाटो की भूमिका अहम
Nov 30, 2024
कीव,। रूस-यूक्रेन युद्ध, जो फरवरी 2022 से दुनिया को झकझोर रहा है, अब खत्म होने की संभावना बन रही है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने युद्धविराम के लिए रूस के साथ समझौते की इच्छा जताई है, और इसके लिए उन्होंने नाटो की प्रमुख भूमिका और सुरक्षा गारंटी की शर्त भी रखी है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने अपने एक बयान में कहा है, कि यदि नाटो यूक्रेन के नियंत्रण में बचे क्षेत्रों को अपने सुरक्षा दायरे में शामिल करता है, तो यूक्रेन सीजफायर के लिए तैयार है। इसी के साथ ही ज़ेलेंस्की ने नाटो से आग्रह किया है कि वह यूक्रेन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सीमाओं को स्वीकार करे। उन्होंने स्पष्ट किया है कि रूस द्वारा कब्जे में लिए गए पूर्वी क्षेत्रों को फिलहाल सीजफायर समझौते में शामिल नहीं किया जाएगा। ज़ेलेंस्की ने अपने बयान में कहा, कि यदि हम युद्ध को रोकना चाहते हैं, तो हमें नाटो की सुरक्षा कवच के तहत यूक्रेन के नियंत्रण वाले क्षेत्रों को लाना होगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि पुतिन भविष्य में यूक्रेन पर हमला नहीं करेंगे। हालांकि, रूस ने अभी तक इस प्रस्ताव पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
रूस-यूक्रेन विवाद
रूस और यूक्रेन के बीच यह संघर्ष तब शुरू हुआ जबकि रूस ने यूक्रेन के क्रीमिया और डोनबास क्षेत्र पर कब्जा कर लिया। इसके बाद पूर्वी यूक्रेन के कई हिस्से रूस के नियंत्रण में चले गए, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ता चला गया।
अमेरिका और नाटो की भूमिका
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में इस युद्ध को खत्म करने की योजना बनाई जा रही है। यदि नाटो यूक्रेन को अपने संगठन में शामिल करता है, तो यह रूस और यूक्रेन के बीच शांति समझौते का आधार बन सकता है।
ज़ेलेंस्की के बयान से संकेत मिलता है कि यूक्रेन अब अपने शेष क्षेत्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए तैयार है, भले ही रूस द्वारा कब्जाई गई जमीन पर समझौता करना पड़े। इस पहल को युद्ध समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है। हालांकि, इसका वास्तविक असर और रूस की प्रतिक्रिया इस पर निर्भर करेगी कि नाटो और अन्य अंतरराष्ट्रीय शक्तियां इसे कितना समर्थन देती हैं।