रीवा में टूरिज्म कॉन्क्लेव 25 से, खुलेंगे समृद्धि के द्वार
Jul 24, 2025
- रीजनल इंडस्ट्री के बाद अब टूरिज्म कॉन्क्लेव की बारी
भोपाल । मप्र के पर्यटन क्षेत्र के दिन बदलने वाले हैं। दरअसल प्रदेश में पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की तर्ज टूरिज्म कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें देशभर के पर्यटन निवेशक, टूर ऑपरेटर, होटल व्यवसायी और पर्यटन से जुड़े प्रमुख स्टेक होल्डर्स शामिल होंगे। रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन प्रदेश के सभी संभागों में किया जाएगा।
बता दें कि मप्र में पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए सरकार ने अब पर्यटन उद्योग को गति देने की योजना बनाई है। इसके लिए प्रदेश में सबसे पहले रीवा में टूरिज्म कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है। 25 से 27 जुलाई के बीच रीवा के कृष्णा राज कपूर ऑडिटोरियम में इस तीन दिवसीय कॉन्क्लेव का आयोजन होगा। इसमें सरकार द्वारा पर्यटन क्षेत्र में किस प्रकार की नीतिगत मदद और फेसीलिटेशन निवेशकों को उपलब्ध कराना है, इस पर चर्चा की जाएगी। इस आयोजन के जरिए न केवल रीवा बल्कि पूरे विंध्य के जिलों के पर्यटन स्थलों पर फोकस किया गया है।
सीएम करेंगे कॉन्क्लेव का शुभारंभ
25 जुलाई को टूरिज्म कॉन्क्लेव का शुभारंभ करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रीवा जाएंगे। दिन में सीएम इस कॉन्क्लेव में देशभर के पर्यटन निवेशक, टूर ऑपरेटर, होटल व्यवसायी और पर्यटन से जुड़े प्रमुख स्टेक होल्डर्स को संबोधित करेंगे।
इन सेक्टरों में होगा 12473 करोड़ का निवेश
मप्र टूरिज्म बोर्ड की असिस्टेंड प्रबंध संचालक विदिशा मुखर्जी ने बताया कि इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य रीवा और उसके आसपास के पर्यटन स्थलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है। इस आयोजन में प्राकृतिक पर्यटन, धार्मिक पर्यटन और हेरिटेज टूरिज्म पर विस्तृत चर्चा की जाएगी, और निवेश के लिए संभावनाएं तलाशी जाएंगी। दरअसल रियासतकालीन समय में रीवा विंध्य की राजधानी रहा है। यहां पर कई ऐतिहासिक इमारतें और स्थल हैं, जो पर्यटकों का आकर्षण बढ़ाते हैं। वाइल्ड लाइफ की दृष्टि से भी रीवा सहित पूरा विंध्य महत्वपूर्ण है। वहीं रीवा प्रदेश का ऐसा जिला है जहां सबसे अधिक जलप्रपात हैं। यहां धार्मिक और पुरातात्विक महत्व के भी कई स्थान हैं। लेकिन वर्तमान में संसाधनों की कमी के चलते कम संख्या में बाहरी पर्यटक आ रहे हैं। इसीलिए अब रीवा में टूरिज्म कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है, जिससे यहां पर्यटन की आधारभूत संरचनाओं को मजबूत किया जा सके।
उत्तर प्रदेश का गेटवे है रीवा
बता दें कि रीवा प्रयागराज और अयोध्या जैसे उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों को जोड़ता है। पर्यटन विभाग का मानना है कि जो पर्यटक उत्तर प्रदेश आता है, उनके लिए ऐसा कॉरिडोर बनाया जाए कि वे विंध्य के पर्यटन स्थल पर आए। पिछले दिनों पर्यटन विभाग ने उत्तर प्रदेश में दो रोड शो भी किए थे।
ग्वालियर-इंदौर में भी होगा आयोजन
विदिशा मुखर्जी ने बताया कि टूरिज्म कॉन्क्लेव के माध्यम से अधोसंरचना विकास, संस्कृति का संरक्षण एवं प्रोत्साहन और पर्यटन क्षेत्र में निजी सहभागिता को बढ़ावा देने के सुनियोजित एवं एकीकृत प्रयास किए जा रहे हैं। टूरिज्म को सस्टेनेबल और अनुभवात्मक बनाने के लिए काम किया जा रहा है, जिससे लोकल कम्युनिटी को भी फायदा मिल सके। मुखर्जी ने बताया कि रीवा के बाद अगस्त में ग्वालियर और सितंबर में इंदौर में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव आयोजित होगी। इसके बाद अक्टूबर में भोपाल में ट्रैवल मार्ट का आयोजन किया जाएगा।