म्युचुअल फंड इंडस्ट्री की कुल संपत्ति पहली बार 50 लाख करोड़ के पार
Jan 09, 2024
- वर्ष 2023 में एमयूएम में रिकॉर्ड इजाफे के पीछे शेयर बाजार में जोरदार तेजी प्रमुख वजह रही
नई दिल्ली । म्युचुअल फंड (एमएफ) उद्योग ने पिछले वर्ष 2023 में अपनी कुल परिसंपत्ति में रिकॉर्ड 10 लाख करोड़ रुपये जोड़े। इसकी वजह से म्युचुअल फंड के पास मौजूद कुल संपत्ति (एयूएम) दिसंबर में पहली बार 50 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गईं। म्युचुअल फंड के एयूएम में 20 फीसदी इजाफा शेयर बाजार में तेजी से आया। साथ ही 2023 में सक्रिय इक्विटी योजनाओं में 1.62 लाख करोड़ रुपये की आवक भी हुई, जितनी अभी तक किसी भी वित्तीय वर्ष में नहीं हुई थी। म्युचुअल फंड उद्योग के संगठन एम्फी के आंकड़ों का विश्लेषण करने से पता चलता है कि एयूएम को 30 लाख करोड़ रुपये से 40 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने में 24 महीने लग गए थे, लेकिन अगले 10 लाख करोड़ रुपये केवल 13 महीने में जुड़ गए।
एम्फी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि म्युचुअल फंड उद्योग की एयूएम को शून्य से 10 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने में पूरे 50 साल लग गए थे मगर यह 40 लाख करोड़ रुपये से 50 लाख करोड़ रुपये तक साल भर से कुछ ज्यादा अरसे में ही हो गया। 2023 में एमयूएम में रिकॉर्ड इजाफे के पीछे शेयर बाजार की ऊंची उछाल का हाथ रहा है। पिछले साल सेंसेक्स में 18.7 फीसदी और निफ्टी में 20 फीसदी तेजी दर्ज की गई। इस दौरान मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में दोगुना इजाफा हुआ, जिससे इनमें निवेश करने वाले एमएफ में निवेशकों का रुझान बढ़ा है।
बाजार विशेषज्ञों ने कहा कि वर्ष 2023 में सबसे ज्यादा इक्विटी निवेश जुटाने वाली शीर्ष 5 श्रेणियों के हिस्से 1.62 लाख करोड़ रुपये के कुल निवेश में से तकरीबन 85 फीसदी आया है। इनमें स्मॉलकैप 25 फीसदी, थीम आधारित श्रेणी 19 फीसदी, मिडकैप 14 फीसदी, मल्टीकैप 12 फीसदी और लार्ज तथा मिडकैप 12 फीसदी प्रमुख हैं। इसके विपरीत लार्ज कैप से 3,000 करोड़ रुपये और फोकस्ड स्कीम से 2,700 करोड़ रुपये बाहर गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अप्रैल में डेट फंडों पर कर नहीं बढ़ाया जाता तो एयूएम में और भी इजाफा हो जाता। 2023 की शुरुआत में ज्यादा यील्ड के कारण डेट फंडों में ज्यादा निवेश आने की उम्मीद थी। इस दौरान सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) से जुड़ी एयूएम भी बीते 6 साल में 39 फीसदी सालाना चक्रवृद्धि दर से बढ़कर 10 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। एसआईपी की एयूएम बीते ढाई साल में दोगुनी हुई है और मासिक निवेश में तेजी बनी हुई है। 2023 में एमयूएम में रिकॉर्ड इजाफे के पीछे शेयर बाजार की ऊंची उछाल का हाथ रहा है।