मानसून सत्र में अब तक तीन विधेयकों को मिली संसद की मंजूरी
Aug 05, 2026
-आठ सूचीबद्ध विधेयकों को है मंजूरी का इंतजार
नई दिल्ली,। संसद के मानसून सत्र में विधायी कार्यों की रफ्तार तेज हो गई है। अब तक सूचीबद्ध आठ विधेयकों में से तीन को लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों की मंजूरी मिल चुकी है, जबकि शेष पांच महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने के लिए सरकार प्रयासरत है। सरकार का फोकस अब लंबित विधेयकों को दोनों सदनों से पारित कराने पर है।
लोकसभा में मंगलवार को टैक्सेशन एंड अदर्स लॉ (संशोधन) विधेयक पारित हो गया। इससे पहले वंदे मातरम विधेयक, पब्लिक एग्जामिनेशन (संशोधन) विधेयक तथा सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक संसद के दोनों सदनों से पारित हो चुके हैं। इन विधेयकों को सरकार की प्राथमिक विधायी उपलब्धियों के रूप में देखा जा रहा है।
संसद की मंजूरी की प्रतीक्षा कर रहे विधेयकों में जन्म-मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, आयकर (संशोधन) विधेयक, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विकास (संशोधन) विधेयक, विदेशी अंशदान (एफसीआरए) संशोधन विधेयक तथा विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक शामिल हैं। इन सभी विधेयकों को लेकर सरकार ने अपनी रणनीति तैयार कर ली है और उन्हें मौजूदा सत्र के दौरान पारित कराने का प्रयास किया जाएगा।
हालांकि, संसद के दोनों सदनों में विभिन्न राजनीतिक मुद्दों को लेकर लगातार हंगामे की स्थिति बनी हुई है। इसके बावजूद सरकार विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध दिखाई दे रही है। संसदीय कार्य मंत्री और सरकार के वरिष्ठ नेताओं की ओर से विपक्ष के साथ संवाद के प्रयास भी जारी हैं, ताकि आवश्यक विधेयकों पर चर्चा और मतदान की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
आगे यदि सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलती है, तो लंबित विधेयकों पर चर्चा के बाद उन्हें पारित कराने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हो सकती है। ऐसे में मानसून सत्र के शेष दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव के साथ-साथ विधायी गतिविधियों पर भी सभी की नजर बनी रहेगी।