एक व्यक्ति के जन्मदिन के लिए हजारों बेघर, खरबों का नुकसान : माकपा
Sep 26, 2023
भोपाल। ओंकारेश्वर बांध खोलने से आई तबाही का प्रशासन न तो कारण बता रहा है और न ही नुकसान का पूरा आकलन बता रहा है। चार सौ दुकानों और दो सौ मकानों के बह जाने से हुए नुकसान को सिर्फ 70 लाख का बताना पीडि़तों के जख्मों पर नमक छिडक़ना है।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने उक्त बयान जारी करते हुए कहा है कि यदि खेती के हुए नुकसान का आंकलन किया जाए तो कृषि विभाग के अनुसार 2 लाख हेक्टेयर में सोयाबीन, 56 हजार हेक्टेयर भूमि पर कपास और 37 हजार हेक्टेयर पर मक्का की खड़ी फसल का नुकसान हुआ है। जिससे करीब दो लाख किसानों का नुकसान हुआ है, मगर कार्यकर्ता कुंभ में मघन सरकार को इस नुकसान का सर्वे करने की भी फुर्सत नहीं है।
माकपा नेता ने कहा है कि यह बाढ़ प्राकृतिक आपदा के कारण नहीं बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर को सरदार सरोवर बांध भरने और फिर सारे गेट खोलने की जिद का परिणाम है। इसके लिए पिछले बांधों का पानी तो छोड़ा जा रहा था, लेकिन सरदार सरोवर के सारे गेट न केवल बंद किए गए थे बल्कि 1200 मेगावाट बिजली पैदा करने वाली एक हाईडल इकाई को भी 7 सितंबर से 16 सितंबर तक बंद करके रखा गया था, जिसके संचालन से 18 लाख क्यूसेक पानी हर रोज छोड़ा जा सकता था। यह एक नेता के सामंती अहंकार को संतुष्ट करने के लिए लाखों के जीवन को दांव पर लगाने और खरबों की फसल और घरों, मकानों और दुकानों का नुकसान करने की सामंती गुलामी का प्रतीक है। एक नेता को खुश करने के लिए करीब दस दिन मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र को बिजली के हिस्से से भी वंचित रखा गया।
जसविंदर सिंह ने कहा है कि यह भाजपा और उसकी सरकार के जनविरोधी आचरण का ही परिणाम है कि इस नुकसान के बाद प्रधानमंत्री की ओर से कोई संवेदना तक भी व्यक्त नहीं की गई है।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने इस नुकसान का सही सही और तत्काल सर्वे करने और नुकसान का पूरा मुआवजा देने की मांग की है।