हाई कोर्ट में बैठी तीन जजों की विशेष त्रिपल पीठ ने मामले में निर्णय युगलपीठ द्वारा लेने का कहा :मामला वरिष्ठ नागरिक अधिनियम में बच्चे अपील कर सकते हैं, या नहीं,

Sep 20, 2025

इन्दौर  मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ इन्दौर में चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा, जस्टिस विवेक रुसिया और जस्टिस विनय सराफ की बैठी विशेष त्रिपल पीठ ने वरिष्ठ नागरिक अधिनियम से संबंधित एक याचिका की सुनवाई करते निर्णय दिया कि इस मामले में फैसला युगलपीठ करेंगी। याचिका वरिष्ठ नागरिक अधिनियम में बच्चे अपील कर सकते हैं या नहीं इसको लेकर लगाई गई थी जिस पर सुनवाई हेतु कल इन्दौर खंडपीठ में मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई में त्रिपल पीठ बैठी और उसने याचिका पर फैसला हाई कोर्ट की युगलपीठ करेगी यह निर्णय लिया। 

तीन जजों की इस त्रिपल पीठ के समक्ष प्रस्तुत इस याचिका पर कल हुई लंबी बहस के बाद पीठ ने यह तय किया कि चूंकि पूर्व में इस मामले में एकलपीठ सुनवाई कर चुकी है, इसलिए इसकी अपील युगलपीठ को सुनना चाहिए। तीन जजों की पीठ को नहीं। इसके बाद याचिका को युगलपीठ को रैफर कर दिया गया जहां सोमवार 22 सितंबर को इस मामले में सुनवाई करेगी।

याचिकाकर्ता एडवोकेट अभिनव धानोतकर के अनुसार इंदौर के शीलनाथ कैंप निवासी शांतिबाई ने एसडीएम न्यायालय में वरिष्ठ नागरिक अधिनियम के प्रविधानों के तहत प्रकरण दर्ज किया था। उनका कहना था कि उनकी बेटी ने उनके मकान पर कब्जा कर लिया है। उन्हें मकान का कब्जा दोबारा दिलवाया जाए। एसडीएम न्यायालय ने मामले में फैसला सुनाते हुए बेटी को 30 दिन के भीतर मकान खाली करने के लिए कहा था। इस फैसले को चुनौती देते हुए बेटी ने अपर कलेक्टर के समक्ष अपील प्रस्तुत की।

अपर कलेक्टर ने यह मानते हुए कि एसडीएम ने गलत आदेश जारी किया है, मकान खाली करने के आदेश को निरस्त कर दिया। इस आदेश को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिका प्रस्तुत हुई। इस बीच ऐसे ही दो अलग-अलग मामलों में हाई कोर्ट की एकल पीठों के दो अलग-अलग निर्णय सामने आए। ये दोनों ही विरोधाभासी थे। एक में वरिष्ठ नागरिक अधिनियम में बच्चों को अपील का अधिकार देने की बात कही गई तो दूसरे में ऐसे किसी अधिकार से इंकार किया गया।

दो विरोधाभासी फैसलों के सामने आने के बाद एकलपीठ ने इस मामले को चीफ जस्टिस को भेजते हुए विस्तृत पीठ के समक्ष सुनवाई की बात कही जिस पर कल तीन जजों की विस्तृत पीठ ने सुनवाई करते मामले में निर्णय युगलपीठ द्वारा लिए जाने का कहा।



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