आपसी संघर्ष से घट रहा बांधवगढ़ नेशनल पार्क में बाघों को कुनबा

Sep 21, 2023

- छह माह के भीतर 10 से ज्यादा बाघों की मौत

भोपाल । बांधवगढ़ नेशनल पार्क में बाघों के आपसी संघर्ष के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में प्रवेश कर इनके हमलावर होने के मामले आए दिन सामने आ रहे हैं। इन घटनाओं से बाघों की मौत के साथ ही जन व पशु हानि के मामले बढ़ रहे हैं। बाघों का घनत्व बढऩे व पार्क सीमा सीमित होने की वजह से यह स्थितियां निर्मित हो रही है। बाघ अपना वर्चस्व बनाने जहां आपस में द्वंद्व कर रहे हैं, वहीं नई टेरिटेरी बनाने कोर एरिया से बाहर बफर की ओर रुख कर रहे हैं। यह दोनों ही घटनाएं बाघों के साथ जन सामान्य के लिए भी घातक साबित हो रही हैं। पिछले छह माह में बांधगवढ़ नेशनल पार्क के कोर व बफर एरिया में 10 से अधिक बाघों की मौत हो चुकी है। अधिकांश की मौत का कारण आपसी संघर्ष या फिर वयस्क बाघों के हमले को बताया जा रहा है।

ताला गेट के समीप मृत मिला बाघ

बुधवार की सुबह ताला कोर एरिया में गश्ती दल को बाघ का शव मिला है। मृत बाघ की उम्र लगभग 8-9 वर्ष बताई जा रही है। गश्ती दल ने घटना की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही पार्क प्रबंधन मौके पर पहुंच आस-पास के क्षेत्र को सील कराते हुए पड़ताल शुरु की। ताला परिक्षेत्र अधिकारी रंजन सिंह परिहार ने बताया कि बाघ की गर्दन टूटी हुई है, पैर व गले में गंभीर घाव हैं व कई जगह नाखून के निशान है। बाघ की मौत का कारण टेरीटोरियल फाइट बताई जा रही है। फिलहाल पार्क प्रबंधन ने शव को अपने कब्जे में लेते हुए अंतिम संस्कार कर जांच प्रारंभ कर दी है।

लगातार हो रही मौत, हमले भी बढ़े

बांधवगढ़ नेशनल पार्क के कोर व बफर जोन में जहां बाघों की मौत का ग्राफ बढ़ा है वहीं बाघों के हमले की घटनाओं में भी इजाफा हुआ है। पिछले छह माह में 10 से ज्यादा बाघों की मौत हो चुकी है। इनमें 2 मार्च को खेतौली रेंज में, 1 अप्रेल को मगधी रेंज में, 3 अप्रेल को पनपथा में, 8 मई को पनपथा रेंज में, 16 जुलाई को मानपुर बफर जोन में, 21 जुलाई को मानपुर बफर जोन में, 27 अगस्त को मानपुर बफर जोन में, 16 सितम्बर मानपुर बफर जोन के बाद अब 20 सितम्बर को ताला कोर एरिया में बाघ का शव मिला है। इसकी जांच में प्रबंधन जुटा हुआ है।

रिपोर्ट का इंतजार, टेरिटोरियल फाइट बताया

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व मानपुर बफर जोन अंतर्गत ग्राम पंचायत पटेहरा गांव के पास नाले में मृत मिले बाघ की मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। पार्क प्रबंधन को पीएम रिपोर्ट का इंतजार है। बताया जा रहा है कि बाघ के शरीर के कुछ अंग गायब थे, जिसे लेकर शिकार की आशंका जताई जा रही थी। मानपुर वन परिक्षेत्र अधिकारी मुकेश अहिरवार ने बताया कि शव चार से पांच दिन पुराना था। बाघ की गर्दन टूटी हुई थी इससे प्रथम दृष्टया टेरिटोरियल फाइट की वजह से मौत की संभावना है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट हो पाएगा कि बाघ की मौत किन कारणों से हुई।



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