भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या घटी, तुर्की, थाईलैंड देशों से पीछे हम
Sep 02, 2026
-ठगी, सुरक्षा चिंताएं, परिवहन मुश्किलें और जटिल वीजा प्रक्रियाएं रही हैं वजह
नई दिल्ली,। भारत अपने विशाल सांस्कृतिक और प्राकृतिक आकर्षणों के बावजूद विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए संघर्ष कर रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या 8.1फीसदी से घटकर 91.5 लाख रह गई है।
पिछले साल भारत में आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या 91.5 लाख रही, जो 2019 के 1.09 करोड़ के मुकाबले करीब 16फीसदी कम है। हैरानी की बात है कि 30 लाख से भी कम आबादी वाले अल्बानिया में भारत से ज्यादा विदेशी पर्यटक पहुंचे। पर्यटन मंत्रालय के मुताबिक पिछले साल भारत आए 91.5 लाख विदेशी पर्यटकों में से करीब आधे उत्तरी अमेरिका और यूरोप से थे।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पर्यटकों और पर्यटन उद्योग से जुड़े अधिकारियों ने भारत में विदेशी पर्यटन के कमजोर आंकड़ों के पीछे कई कारण बताए हैं। इनमें ठगी, सुरक्षा संबंधी चिंताएं, परिवहन की मुश्किलें और जटिल वीजा प्रक्रियाएं शामिल हैं। भारत का पर्यटन उद्योग अब तेजी से घरेलू यात्रियों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
पिछले साल घरेलू यात्राओं की संख्या 46फीसदी बढ़कर 429 करोड़ हो गई, जो महामारी से पहले के स्तर से करीब दोगुनी है. बढ़ती आय, बेहतर बुनियादी ढांचा और धार्मिक स्थलों की यात्रा में बढ़ती दिलचस्पी ने इस वृद्धि को गति दी है। इस बदलाव ने विदेशी पर्यटकों के लिए यात्रा की लागत भी बढ़ाई है और पर्यटन उद्योग को भारतीय यात्रियों की जरूरतों के हिसाब से अपनी सेवाएं तैयार करने के लिए प्रेरित किया है। कमजोर रुपए ने भारतीयों के लिए विदेश यात्रा को महंगा बना दिया है, पीएम मोदी ने भी नागरिकों से अपनी यात्रा का बजट देश के भीतर ही खर्च करने की अपील की है।
भारत में विदेशी पर्यटन के कमजोर आंकड़ों का असर पर्यटन से होने वाली कमाई पर भी दिखाई देता है। सरकार के थिंक टैंक नीति आयोग ने जून में जारी एक रिपोर्ट में कहा था कि भारत की 35 अरब डॉलर की विदेशी पर्यटन आय तुर्की, थाईलैंड और सऊदी अरब जैसे छोटे पर्यटन बाजारों से भी पीछे है।
यह स्थिति तब है जब रिपोर्ट के मुताबिक भारत के पास “सांस्कृतिक, प्राकृतिक और अनुभवात्मक” पर्यटन की कहीं ज्यादा है। पर्यटन उद्योग से जुड़े कुछ अधिकारियों का कहना है कि 91.5 लाख का आंकड़ा भी वास्तविक विदेशी घूमने-फिरने वाले
पर्यटकों की संख्या को बढ़ाकर दिखाता है, क्योंकि इसमें इलाज और परिवार से मिलने जैसे अन्य कारणों से भारत आने वाले लोग भी शामिल हैं। इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स के अध्यक्ष का अनुमान है कि वास्तव में भारत आने वाले विदेशी अवकाश पर्यटकों की संख्या केवल करीब 20 लाख से 30 लाख है।