महिला सफाई कर्मचारी और स्टाफ नर्स ले गई थी शिशु को
Sep 19, 2023
पति ने नवजात को नाजायज बताते हुए अपनाने से किया था इंकार
भोपाल । प्रदेश के अनूपपुर के कोतमा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से एक नवजात बच्चा गायब हो गया था । इस घटना से हडकंप मच गया था। बाद में पता चला है कि अस्पताल में पदस्थ महिला सफाई कर्मचारी और स्टाफ नर्स इस बच्चे को ले गई थी। महिला के पति ने नवजात को नाजायज बताते हुए अपनाने से इंकार कर दिया था। इसके बाद नर्स ने इस बच्चे को पालने की इच्छा जताई थी। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने दोनों कर्मचारियों से पूछताछ की तब स्टाफ नर्स चंदा ने बच्चा अपने पास रखने की बात कबूली। नर्स ने नवजात को एक दूसरे स्थान पर रखा हुआ था।
पुलिस ने नवजात को बरामद कर जिला अस्पताल अनूपपुर के वन स्टाफ सेंटर में भेज दिया था। जहां पूरी प्रक्रिया के बाद सोमवार को नवजात शिशु उसकी मां को सुपुर्द किया गया। हालांकि पुलिस ने अभी स्टाफ नर्स और महिला सफाई कर्मचारी सीमा के खिलाफ पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की है। पुलिस का कहना है कि नवजात के स्वजनों ने स्वेच्छा से बच्चे को सौंपा था इसलिए प्रारंभिक रूप से कोई अपराध नहीं बन रहा है। बच्चों की मां ग्राम उरतान कोतमा थाना क्षेत्र की निवासी है।
9 सितंबर को इस बच्चे को नाजायज बताया गया था तथा नर्स ने इसे बच्चे की चाहत में अपने पास रख लिया था। इस बारे में खंड चिकित्सा अधिकारी आर के वर्मा ने कहा कि मामले की जानकारी से मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी का अवगत करा दिया गया है जैसे निर्देश प्राप्त होंगे विभागीय कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी। मामला यह है कि कोतमा तहसील के एक गांव की नवविवाहिता 7 सितंबर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराई गई जो कि गर्भवती थी। सुबह के समय महिला ने तीन किलोग्राम वजन के एक स्वस्थ बालक को जन्म दिया।
महिला का यह पहला बच्चा रहा। हालांकि छठवें माह में ही महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया था। ताया गया नवजात को जन्म देने वाली महिला का बच्चा हुआ तो पति ने नाजायज बताकर अपनाने से इनकार कर दिया था। 9 सितंबर तक महिला अस्पताल में रही। दोपहर करीब दो बजे प्रसूता अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद अपने गांव ससुराल चली गई, लेकिन बच्चे के साथ नहीं। महिला जब तक अस्पताल में रही तो सास और पति भी मौजूद था। अस्पताल के जिस महिला सफाई कर्मचारी और स्टाफ नर्स के ऊपर बच्चा ले जाने का आरोप लगा है।
प्रसूता महिला की सास और मां ने भी यह बात कबूली है कि अस्पताल में रहने के दौरान दोनों ने बच्चा लेने की सहमति जताई थी और वह तैयार हो गए थे। बताया गया बच्चा नाजायज होने की जानकारी जब नर्स और सफाई कर्मचारी को हुई तो महिला के सास और मन से लोगों ने कहा कि उन्हें बच्चे की आवश्यकता है हमें दे दो। महिला की सास तैयार हो गई थी जबकि महिला की मां का कहना था कि बच्चा रख रहे हैं वह ठीक है, लेकिन मेरी जानकारी में रहे।
अस्पताल के डाक्टर और बीएमओ को मामले की जानकारी हुई तो सीसीटीवी कैमरे से 9 सितंबर के फुटेज देखे गए जिसमें स्पष्ट नजर आया कि महिला सफाई कर्मचारी मेटरनिटी वार्ड से एक बच्चे को लेकर निकली और अस्पताल के पीछे के रास्ते से चली गई। इसी तरह महिला की सास और मां ने भी अस्पताल की नर्स और महिला सफाई कर्मचारी पर बच्चा रखने की बात सीधे तौर पर स्वीकारी थी। महिला की सास जब शनिवार को कोतमा अस्पताल आई तो और नर्स और सफाई कर्मचारी से बच्चा दिखाने कहा गया तो नहीं दिखाया गया टालमटोल किया गया, इसके बाद यह मामला उजागर हुआ।