आतंकवाद मानवता के विरुद्ध अपराध, पालने वालों को कटघरे में लाएं
Jun 25, 2025
-एससीओ की बैठक में डोभाल ने आतंक के खिलाफ कार्रवाई पर दिया जोर
बीजिंग,। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने बीजिंग में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सदस्य देशों की सुरक्षा परिषद सचिवों की 20वीं बैठक में भाग लिया। मंगलवार को बैठक को संबोधित करते हुए डोभाल ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरे मापदंड छोड़ने और संयुक्त राष्ट्र से प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों और उनके नेटवर्क के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने की जरुरत पर बल दिया।
डोभाल ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले और उसके जवाब में भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आतंक के ढांचे को नष्ट करने और सीमा पार से भारत में घुसपैठ की कोशिशों को रोकने के लिए एक संतुलित और गैर-उकसाने वाला कदम था। उन्होंने कहा कि टीआरएफ ने इस हमले में 26 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। एनएसए ने कहा कि भारत को लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, अल-कायदा, आईएसआईएस और उनके सहयोगी संगठनों से बने यूएन द्वारा नामित आतंकी संगठनों से लगातार खतरा बना है, जिनका मुख्यालय पाकिस्तान में है और जिन्हें राज्य का समर्थन प्राप्त है।
उन्होंने एससीओ देशों से आग्रह किया कि वे आतंकवाद को मानवता के विरुद्ध अपराध मानें और उसके प्रायोजकों, आयोजकों, वित्तीय मददगारों और हमलावरों को न्याय के कटघरे में लाने में मदद करें। डोभाल ने एससीओ मंच पर भारत की ओर से कई प्रस्ताव भी रखे। इनमें अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठनों के खिलाफ संयुक्त कार्यों का एक ‘एल्गोरिदम ऑफ जॉइंट एक्शन्स’, आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद की ओर ले जाने वाले कट्टरपंथ से निपटने के लिए संयुक्त उपाय और आतंकी विचारधाराओं से मुकाबला करने के लिए संयुक्त सूचना अभियान शामिल है।
उन्होंने इन प्रस्तावों को समर्थन देने के लिए अन्य सदस्य देशों का आभार भी जताया। इससे पहले, अजीत डोभाल ने चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग और रूस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के उप सचिव अलेक्ज़ेंडर वेनेडिक्टोव से भी मुलाकात की। रूस ने जल्द ही भारत-रूस रणनीतिक संवाद के अगले चरण के लिए डोभाल को आमंत्रित किया।