लोकसभा में बिना चर्चा तीन मिनट में पास हुआ टैक्स संशोधन बिल

Aug 05, 2026

विदेशी निवेश और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को बढ़ावा देने की तैयारी

नई दिल्ली,। लोकसभा ने मंगलवार को ‘टैक्सेशन एंड अदर लॉज़ (अमेंडमेंट) बिल, 2026’ को बिना चर्चा के महज तीन मिनट में पारित कर दिया। जिस समय सदन में विपक्षी सांसद अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मुद्दे पर हंगामा कर रहे थे, उसी दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दोपहर 2 बजकर 12 मिनट पर विधेयक पेश किया।

करीब तीन मिनट बाद इसे मंजूरी दे दी गई। इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य भारत को वैश्विक निवेश, विनिर्माण और कारोबार के लिए अधिक भरोसेमंद और आकर्षक स्थान बनाना है। इसमें विदेशी पूंजी को बढ़ावा देने, फंड मैनेजरों को भारत लाने की प्रक्रिया आसान करने और घरेलू विनिर्माण को मजबूत करने से जुड़े कई प्रावधान शामिल हैं।

विधेयक में विदेशी निवेश को लेकर नियमों को सरल बनाने का प्रस्ताव किया गया है। इसके तहत वैश्विक निवेश कोषों के फंड मैनेजरों को भारत में काम करने के लिए अधिक स्पष्ट और आसान व्यवस्था उपलब्ध कराने की बात कही गई है। मौजूदा नियमों में कई शर्तों के कारण विदेशी फंड मैनेजर भारत आने से बचते थे।

नए प्रावधानों में केवल जरूरी शर्तों को बनाए रखने का प्रस्ताव है, ताकि दुरुपयोग और धन की हेराफेरी को रोका जा सके। इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए भी अहम प्रस्ताव किए गए हैं। विदेशी कंपनियां जो भारत में अनुबंध विनिर्माण करने वाली फैक्टरियों को मशीनरी, उपकरण और पुर्जे उपलब्ध कराती हैं, उन्हें मिलने वाली आयकर छूट को वित्त वर्ष 2040-41 तक बढ़ाने का प्रस्ताव है। इसमें मोबाइल फोन, लैपटॉप, कंप्यूटर, टैबलेट, सर्वर और उनके प्रमुख उपकरणों से जुड़े क्षेत्र शामिल हैं।

विधेयक में डेटा सेंटर से जुड़े नियमों को भी आसान बनाने का प्रावधान है। भारतीय डेटा सेंटर का इस्तेमाल करने वाली विदेशी क्लाउड कंपनियों के लिए मंजूरी प्रक्रिया को सरल करने का प्रस्ताव किया गया है।

इसके अलावा डेटा सेंटर को केवल सीधे स्वामित्व के बजाय पट्टे के आधार पर संचालित करने की अनुमति देने की बात कही गई है। निवेशकों को राहत देने के लिए रियल एस्टेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर इनवेस्टमेंट ट्रस्ट के निवेशकों को मिलने वाले लाभांश को कर-मुक्त बनाए रखने का प्रस्ताव किया गया है। यह सुविधा तब भी जारी रहेगी, जब संबंधित कंपनी नई आयकर व्यवस्था अपनाती है। 


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