
अमेरिका में पढ़ने के लिए छात्रों को चाहिये होता है ये वीजा
Mar 27, 2025
भारत में बहुत से छात्रों का सपना विदेश में पढ़ने का सपना होता है। इसी कारण अमेरिका में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है और ये आंकड़ा तीन लाख से अधिक पहुंच गया है। अमेरिका में पढ़ाई करने के लिए स्टूडेंट्स को वीजा की जरूरत होती है। इस वीजा के जरिए विदेशी छात्रों को देश में आकर पढ़ाई करने का मौका मिलता है। लेकिन अमेरिका में पढ़ने से पहले यहां पर मिलने वाले स्टूडेंट वीजा को समझना जरूरी होता है। अमेरिका में छात्रों को दो तरह का वीजा दिया जाता है, इस वीजा को एम वन-1 और एम-1 वीजा के रूप में जाना जाता है।
अमेरिका में पढ़ाई करने से पहले यह जानना छात्रों के लिए बहुत जरूरी होता है कि स्टूडेंट वीजा होता क्या है। किसी मान्यता प्राप्त कॉलेज या शैक्षणिक संस्थान में पढ़ाई के मकसद से अमेरिकी स्टूडेंट वीजा विदेशी नागरिकों को अमेरिका में आने की इजाजत देता है। हालांकि किस छात्र को किस कैटेगरी के वीजा के लिए अप्लाई करना है, यह उसके कोर्स पर निर्भर करता है। छात्र वीजा नॉन-इमिग्रेंट वीजा होता है, जिसका मतलब यह होता है कि ये वीजा स्थायी तौर पर रहने के लिए दिया जाता है। वहीं कोर्स खत्म होने के बाद स्टूडेंट्स को अपने देश वापस लौटना पड़ेगा।
एफ-1 और एम-1 वीजा दोनों ही विदेशी छात्रों को दिए जाने वाले नॉन-इमिग्रेंट वीजा हैं। यह अलग-अलग तरह की जरूरतें पूरी करते हैं। कोर्स खत्म होने के बाद वीजा धारकों को देश छोड़ना पड़ता है। वहीं अगर छात्रों को इस दौरान नौकरी मिल जाती है, तो वह वर्क वीजा में शिफ्ट होकर अमेरिका में रह सकते हैं।
एफ-1 वीजा अमेरिका में पढ़ने के लिए ये वीजा मिलता है, जोकि सबसे आम वीजा होता है। मान्यता प्राप्त अमेरिकी संस्थानों में पढ़ाई के लिए यह वीजा दिया जाता है। इसके पूरा होने के बाद छात्रों को वापस लौटना पड़ता है। इसके साथ ही पढ़ाई का पूरा खर्च भी स्वयं उठाना पड़ता है।
एम-वन वीजा अमेरिका में वोकेशनल ट्रेनिंग प्रोग्राम्स के लिए दिया जाता है। जैसे - कुकिंग, टेक्निकल ट्रेनिंग और फ्लाइट ट्रेनिंग आदि के लिए यह वीजा दिया जाता है। हालांकि कुछ स्पेशलाइज्ड प्रोग्राम के लिए यह वीजा दिया जाता है। जिसको पूरा करने के लिए डिप्लोमा या डिग्री हासिल हो। आमतौर पर एम-वन वीजा धारकों को पढ़ाई के दौरान काम करने की इजाजत नहीं होती है, कुछ खास हालातों को छोड़ दें तो। इन्हें भी ट्रेनिंग पूरी होने के बाद वापस लौटना होता है।