लापरवाह चालकों के हाथ में है डीटीसी बसों की स्टीयरिंग ड्राइविंग के वक्त बरत रहे लापरवाही

नई दिल्ली । इस महीने के 23 दिन के भीतर डीटीसी बस अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त होने की चार घटनाओं के लिए कौन जिम्मेदार है, यह तो जांच का विषय है, लेकिन एक बाद एक लगातार हादसों ने राजधानी की सार्वजनिक परिवहन परिचालन से लेकर चालकों की साख पर सवाल जरूर उठने लगा है। इन चार हादसों के बाद पड़ताल में सामने आया कि सार्वजनिक परिवहन परिचालन के जुड़े चालक गंभीर लापरवाही बरत रहे हैं। बस चलाते समय कोई मोबाइल पर बात करता मिला तो धूम्रपान करता। एक चालक तो लापरवाही की हद से आगे निकल गया, एक हाथ में मोबाइल लेकर किसी से बात रहा था और दूसरे हाथ से गियर बदल रहा था। यानी, स्टेयरिंग छोड़कर बस दौड़ाता रहा। पिछले तीन दिन के दौरान दैनिक जागरण ने डीटीसी व डीआईएमएस (दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टीमाडल ट्रांसपोर्ट सर्विस) की बसों के चालकों के परिचालन के तौर-तरीकों की पड़ताल की।

बस चालकों की लापरवाही देख हर कोई सकते में आ सकता है। मुकरबा चौक जीटी करनाल रोड से लेकर नंगली पूना के बीच बस चालकों कार्यप्रणाली पर गौर किया। जीटीके डिपो के सामने सवारियों से भरी बस जीटी करनाल रोड पर दौड़ती रही और चालक मोबाइल पर बातों में मशगूल दिखाई दिए। मोबाइल पर बात करते हुए ही गियर बदलते रहे। जब-जब गियर बदला, तब-तब चालक के दोनों हाथ स्टेयरिंग से हट गए। डीटीसी के सेवानिवृत्त चीफ जनरल मैनेजर जेएस मल्होत्रा का कहना है कि यह गंभीर मसला है, इसलिए कारणों की तह में जाना जरूरी है। दो चीजों पर गौर आवश्यक है, चालक का प्रशिक्षण और बसों का रखरखाव। हाल के दिनों में दिल्ली में बसों की संख्या एकाएक बढ़ गई है, इसलिए चालकों की भी खूब भर्ती हुई हैं।

देखने वाली बात यह है कि नई तकनीक की बसों को चलाने वाला भी उतना दक्ष है, या नहीं। चालकों की दक्षता व प्रशिक्षण पर गंभीरता दिखानी होगी। बसों के रखरखाव पर भी ध्यान इतना ही जरूरी है। वे ये मान कर चल रहे हैं कि किलोमीटर स्कीम वाले तो ज्यादा से ज्यादा किलोमीटर निकालने के लिए बसों को दौड़ाएंगे ही। बस चलाते हुए चालक की तबीयत खराब हो रही है तो यह स्ट्रेस भी हो सकता है। इसलिए मोटर व्हीकल रूल के हिसाब से ही चालक की काम के घंटे तय होने भी जरूरी हैं। रही बात, ड्राइविंग सीट पर बैठा चालक अगर मोबाइल पर बात कर रहा है तो यह सीधे तौर पर लापरवाही है। डीटीसी और डीआईएमएस (दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट सर्विस) को अपने चालकों को अनुशासन सिखाना होगा और लापरवाह पर सख्ती करनी होगी।



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