शुभमन गिल की चोट ने बढ़ाई चिंता, श्रीलंका टेस्ट में चौथे नंबर पर तीन दावेदार

नई दिल्ली । कोलंबो में श्रीलंका एकादश के खिलाफ तीन दिवसीय वॉर्मअप मैच के पहले ही दिन भारतीय खेमे से चिंताजनक खबर सामने आई। भारतीय कप्तान शुभमन गिल दाहिने हाथ की रिंग फिंगर में चोट के कारण मैदान पर नहीं उतर सके। यह चोट उन्हें अभ्यास सत्र के दौरान गेंद लगने से लगी थी। नेट सेशन में बल्लेबाजी करते समय गिल को हाथ पर दो बार गेंद लगी, जिसके बाद उन्हें तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी पड़ी। हालांकि गिल का इस अभ्यास मैच से बाहर रहना एहतियाती कदम माना जा रहा है, लेकिन 15 अगस्त से गॉल में शुरू हो रहे पहले टेस्ट मैच में अब केवल एक सप्ताह का समय बचा है। ऐसे में गिल का रिकवरी टाइमलाइन अनिश्चित होना भारतीय टीम प्रबंधन के लिए सिरदर्द बन गया है। अगर चोट के कारण गिल पहले टेस्ट से बाहर होते हैं, तो चौथे नंबर के अहम बल्लेबाजी क्रम पर उनकी जगह लेने के लिए तीन मुख्य दावेदार रेस में शामिल हैं, जिन पर टीम प्रबंधन विचार कर सकता है।

शुभमन गिल की जगह चौथे नंबर पर उतरने के लिए देवदत्त पडिक्कल सबसे मजबूत और तार्किक दावेदार नजर आते हैं। वह एक विशेषज्ञ बल्लेबाज के रूप में दौरे का हिस्सा हैं। पडिक्कल घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन करते रहे हैं और रणजी ट्रॉफी में बीते कुछ सालों में सबसे निरंतर रन बनाने वाले बल्लेबाजों में शामिल रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने चौथे नंबर पर काफी बल्लेबाजी की है, जिससे उन्हें अनुभव का लाभ मिल सकता है।

अगर टीम प्रबंधन दाएं-बाएं हाथ के बल्लेबाजी संयोजन और सीधे विकल्प की तलाश में है, तो ध्रुव जुरेल सबसे सटीक नाम हैं। दाएं हाथ के इस युवा बल्लेबाज ने अब तक अपने छोटे से टेस्ट करियर में नंबर चार से लेकर नंबर छह के बीच नौ पारियां खेली हैं। कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में जुरेल ने 34।14 की औसत से 478 रन बनाए हैं। उनके ये आंकड़े साबित करते हैं कि वह केवल ऋषभ पंत के बैकअप विकेटकीपर ही नहीं, बल्कि एक विशेषज्ञ बल्लेबाज के रूप में भी अंतिम एकादश में शामिल होने का दम रखते हैं।

गिल के स्थान की भरपाई के लिए रवींद्र जडेजा को ऊपर भेजना कोई सीधा फेरबदल नहीं होगा, लेकिन यह एक रणनीतिक कदम हो सकता है। हाल ही में रविचंद्रन अश्विन ने जडेजा के बढ़ते बल्लेबाजी योगदान और उम्र को देखते हुए उन्हें ‘बैटिंग ऑलराउंडर’ के रूप में परिभाषित किया था। श्रीलंकाई परिस्थितियों में भले ही स्पिन की जिम्मेदारी कुलदीप यादव, मानव सुथार या सारांश जैन के कंधों पर अधिक रहे, लेकिन जडेजा का अनुभव टीम के बेहद काम आ सकता है।

वह उपमहाद्वीप की पिचों पर स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ भारत के सबसे भरोसेमंद मध्यक्रम बल्लेबाजों में से एक हैं। भविष्य के समीकरणों को प्रभावित किए बिना एक टेस्ट के लिए उन्हें चौथे नंबर पर आजमाना एक स्मार्ट शॉर्ट-टर्म फिक्स साबित हो सकता है। दिलचस्प बात यह है कि जडेजा पहले भी टेस्ट में नंबर चार पर बल्लेबाजी कर चुके हैं, जब उन्होंने 2019 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 32 गेंदों में 40 रनों की तेज तर्रार पारी खेली थी।

गॉल टेस्ट से ठीक पहले गिल की चोट ने भारतीय टीम संयोजन को थोड़ा उलझा दिया है, अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कप्तान की अनुपस्थिति में टीम प्रबंधन किस पर भरोसा जताता है।



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