सीएटीपी को कारण बताओ नोटिस जारी

Jun 12, 2024

नई दिल्ली । चार साल लंबी चली जद्दोजद के बाद गाजियाबाद का नया मास्टर प्लान 2031 सोमवार को लखनऊ में उच्च स्तरीय समिति के सामने पेश किया गया। मास्टर प्लान का प्रजेंटेशन जीडीए के मुख्य नगर नियोजक व अन्य अधिकारी ठीक ढंग से नहीं कर पाए। उच्च स्तरीय समिति ने मास्टर प्लान में भू-उपयोग तय करने व अन्य मानकों पर सवाल पूछे तो जीडीए अधिकारी कोई जवाब नहीं दे पाए। विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि इस पर उच्च स्तरीय समिति की अध्यक्षता कर रहे अपर मुख्य सचिव नितिन रमेश गोकर्ण ने मास्टर प्लान का काम देख रहे जीडीए अधिकारियों जमकर फटकार लगाई।

मामले को गंभीरता से लेते हुए जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने जीडीए के मुख्य नगर नियोजक (सीएटीपी) को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए कड़े शब्दों में लिखा है कि मास्टर प्लान को लेकर उच्च स्तरीय समिति की बैठक के संबंध में 29 मई को पत्र भेजकर सूचना दे दी गई थी। फिर भी आपकी नींद नहीं टूटी। आप बिना तैयारी के बैठक में पहुंचे और समिति के सवालों का कोई जवाब नहीं दे सके। शहर के विकास की रूपरेखा तैयार करने के लिए बनाए जा रहे मास्टर प्लान को लेकर यह लापरवाही पूर्ण कृत्य घोर अनुशासनहीनता है। आप पद पर रहने लायक नहीं है। सूत्रों ने बताया कि बैठक के दौरान उच्च स्तरीय समिति ने मनमाने तरीके से भू-उपयोग परिवर्तित करने, आवासीय व अन्य भू-उपयोग को व्यावसायिक में परिवर्तित करते व पूर्व में दर्शायी गई महागुनपुरम व लैंडक्राफ्ट के बीच की 45 मीटर चौड़ी रोड को खत्म करने व अन्य रोड को खत्म करने और मानक के अनुरूप मास्टर प्लान 2031 का ड्राफ्ट तैयार न होने व क्षेत्रफल की सारणी में गड़बड़ी होने को लेकर कड़ी आपत्ति लगाई और संशोधन के सुझाव दिए।


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