चंद्र ग्रहण के कारण एक दिन पहले 27 अक्टूबर को मनेगी शरद पूर्णिमा
Oct 06, 2023
भोपाल । 28 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा है।74 साल बाद शरद पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण पड़ने जा रहा है। शरद पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण होने के कारण सूतक लगने से मंदिर के द्वार बंद रहेंगे।
चंद्र ग्रहण के कारण 27 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा पर्व की पूजा पाठ अनुष्ठान तथा के सभी कार्यक्रम 27 अक्टूबर को मना लिए जाएंगे।
ज्योतिषयों के अनुसार 28-29 की दरयानी रात 1:05 पर चंद्र ग्रहण शुरू हो जाएगा। 2:23 पर चंद्र ग्रहण का मोक्ष होगा। सूतक शाम 4:05 से शुरू हो जाएगा। सूतक का प्रभाव रात्रि 2:33 तक रहेगा।ऐसी स्थिति में यदि भगवान को खीर का भोग लगाना है, तो 2:33 के बाद खीर तैयार कर,भगवान को भोग लगाया जा सकता है। खीर को भक्तों के बीच में भी बांटा जा सकता है।
इसके पहले 1949 में भी शरद पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण पड़ा था। जिसके कारण मंदिरों ने अपने कार्यक्रम में बदलाव किया है। 27 अक्टूबर को शरद उत्सव मनाने का निर्णय लिया गया है।इसी के हिसाब से पूजा पाठ भी किए जाएंगे।

ज्योतिषयों के अनुसार सूतक 2:23 पर खत्म होने के बाद,पूजन स्नान दान तथा खीर इत्यादि का भोग लगाने का कार्यक्रम किया जाना चाहिए। मान्यता है कि चंद्रमा से अमृत गिरने की अवधि ब्रह्म बेला तक होती है। ऐसी स्थिति में 2:33 के बाद ही ब्रह्म बेला में खीर बनाने और भगवान की भजन पूजन पाठ दान पुण्य सब करने चाहिए।