ईरान में भीषण गर्मी और जल संकट, कई शहरों में जनजीवन थम सा गया

तेहरान,। वर्तमान में ईरान भीषण गर्मी की लहर की चपेट में है, जहां तापमान 50 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। राजधानी तेहरान सहित कई शहरों में जनजीवन थम सा गया है। ईरान की नेशनल मेट्रोलॉजिकल सर्विस के अनुसार, यह साल का सबसे गर्म सप्ताह है। देश भीषण जल संकट से भी जूझ रहा है, पिछले पांच साल से सूखे की मार झेल रहा है। इस साल स्थिति और भी खराब है, क्योंकि बारिश न के बराबर हुई है। ऊर्जा मंत्री अब्बास अलीअबादी ने बताया कि तुर्कमेनिस्तान, अफगानिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान से पानी आयात करने की बातचीत चल रही है। 1950 के दशक से देश में सैकड़ों बांध बनाए गए हैं, लेकिन सूखे और अत्यधिक तापमान के कारण उनकी क्षमता बेहद कम हो गई है। बिजली की कटौती आम हो गई है, कई इलाकों में रोजाना 9 से 12 घंटे तक पानी और बिजली नहीं मिल रही है।

तेहरान में 40-41 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है, लेकिन निवासियों का कहना है कि यह 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक महसूस होता है, जिससे चमड़ी जलने जैसा अनुभव होता है। मशहद जैसे शहरों में भी जल आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिसका एक कारण अफगानिस्तान के हेरात प्रांत में बना बांध भी है। जलवायु वैज्ञानिक मैक्सिमिलियानो हरेरा के अनुसार, ईरान के शबनकरेह शहर में तापमान 52.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो इस साल का सबसे अधिक तापमान हो सकता है। अबादन और अहवाज़ जैसे दक्षिण-पश्चिमी शहरों में भी 50 डिग्री सेल्सियस से ऊपर तापमान दर्ज किया गया है। राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने चेतावनी दी है कि जलवायु परिवर्तन ने हर हीटवेव को और अधिक भयंकर और बार-बार होने वाला बना दिया है। 


Subscribe to our Newsletter