सेबी ने दिया बीएसई को बड़ा झटका
Aug 21, 2024
अतिरिक्त रेगुलेटरी फीस के भुगतान पर राहत देने से किया इंकार
नई दिल्ली । बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) को मार्केट रेगुलेटर भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) से तगड़ा झटका लगा है। सेबी ने एनुअल टर्नओवर के आधार पर अतिरिक्त रेगुलेटरी फीस के भुगतान पर स्टॉक एक्सचेंज को कोई राहत देने से इनकार कर दिया है।
बीएसई ने एक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसने 31 मार्च, 2024 को समाप्त वित्तीय वर्ष के लिए रेगुलेटरी फीस का भुगतान करने के लिए 169.77 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था। जिसमें से उसे 167.33 करोड़ रुपये बतौर रेगुलेटरी फीस चुकाना होगा। सेबी ने अप्रैल में बीएसई को ‘प्रीमियम टर्नओवर’ के बजाय एनुअल टर्नओवर के नोशनल वैल्यू के आधार पर रेगुलेटरी फीस का भुगतान करने का निर्देश दिया था। चूंकि इस बदलाव से रेगुलेटरी फीस के रूप में अधिक भुगतान करना पड़ेगा, इसलिए एक्सचेंज ने जून में सेबी को लिखे एक पत्र में रिव्यू का अनुरोध किया था। पिछले हफ्ते सेबी द्वारा बीएसई के रिव्यू के अनुरोध के जवाब में भेजे गए पत्र के बाद, बीएसई के बोर्ड ने अतिरिक्त रेगुलेटरी फीस का भुगतान करने की सलाह दी है। सेबी ने अपने जवाब में कहा, “यह दोहराया जाता है कि बोर्ड को नियामक शुल्क का भुगतान करने के उद्देश्य से ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए एनुअल टर्नओवर की गणना हमेशा उनके नोशनल वैल्यू के आधार पर की गई है।”
सेबी ने आगे कहा कि, चूंकि कोई निर्धारित सीमा अवधि नहीं है, ब्याज के साथ अतिरिक्त रेगुलेटरी फीस की वसूली के लिए वित्त वर्ष 2014-15 से शुरू होने वाली 10 साल की लुक-बैक अवधि को उचित माना गया है। बता दें कि सेबी के दिशानिर्देश के मुताबिक, बीएसई को ‘प्रीमियम टर्नओवर’ के बजाय नोशनल टर्नओवर के आधार पर रेगुलेटरी फीस का भुगतान करना होगा।