एसबीआई का खुलासा, पिछले चार साल में 5.2 करोड़ युवाओं को मिलीं नौकरी
Sep 13, 2023
नई दिल्ली । भारत में फाइनेंशियल ईयर 2020 और फाइनेंशियल ईयर 23 के बीच लगभग 5.2 करोड़ युवाओं को नौकरियां मिली हैं। एसबीआई ने यह खुलासा कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, राष्ट्रीय पेंशन योजना और कर्मचारी राज्य बीमा निगम के डेटा के विश्लेषण पर आधारित एक रिपोर्ट के अनुसार किया है। इसमें शुद्ध रूप से 2.27 करोड़ नई नौकरियां हैं। सरकार अप्रैल 2018 से घोष और घोष रिपोर्ट द्वारा दी गई सिफारिशों के आधार पर ईपीएफओ, एनपीएस और ईएसआईसी से मासिक पेरोल डेटा जारी कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले चार सालों से पेरोल के ईपीएफओ पेरोल डेटा रुझान से पता चलता है कि फाइनेंशियल ईयर 2020-23 के दौरान शुद्ध नए ईपीएफओ ग्राहकों की संख्या 4.86 करोड़ थी। इसमें नया पेरोल (पहला पेरोल), दूसरा पेरोल और औपचारिक पेरोल शामिल हैं। एसबीआई की रिसर्च की रिपोर्ट में कहा गया है कि इसमें पुनः शामिल/पुन: सदस्यता लेने वाले सदस्यों और औपचारिकता के लिए समायोजित शुद्ध नया पेरोल दर्शाता है कि फाइनेंशियल ईयर 20-23 के दौरान वास्तविक शुद्ध नया पेरोल 2.27 करोड़ था। इसमें से पहली नौकरियां कुल शुद्ध नए वेतन वृद्धि का 47 प्रतिशत थीं और दूसरी नौकरियां इन चार सालों के दौरान 2.17 करोड़ थीं। एसबीआई के समूह मुख्य आर्थिक सलाहकार सौम्य कांति घोष की मानें तो इन सालों में शुद्ध वृद्धि 42 लाख थी।
यदि फाइनेंशियल ईयर 2024 के पेरोल डेटा के रुझान को देखा जाए, तो यह उत्साहजनक है। क्योंकि इस दौरान 44 लाख शुद्ध नए ईपीएफ ग्राहक जुड़े हैं, जिनमें से पहला पेरोल 19.2 लाख था। रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि यह प्रवृत्ति शेष फाइनेंशियल ईयर 2024 तक जारी रहती है, तो शुद्ध नया पेरोल 160 लाख का आंकड़ा पार कर जाएगा, जो 70-80 लाख की सीमा में पहले पेरोल के साथ अब तक का सबसे अधिक होगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि एनपीएस डेटा से पता चलता है कि फाइनेंशियल ईयर 2023 में 8।24 लाख नए ग्राहक आए। जिनमें से राज्य सरकार का वेतन 4.64 लाख था, इसके बाद 2.30 लाख की गैर-सरकारी नौकरियां और केंद्र सरकार में 1.29 लाख थे।