मृतकों का रिकार्ड में जीवित रख निकालते रहे वेतन पीएचई विभाग का कारनामा, 71 खातों में गया पैसा

Aug 24, 2023


भोपाल । प्रदेश के ग्वालियर जिले में हुए पीएचई घोटाले की जांच में नया खुलासा हुआ है। इस मामले में आरोपियों ने कर्मचारियों की मौत होने के बावजूद उन्हें रिकार्ड में जिंदा रखा और इनके नाम से वेतन और भत्ते निकालते रहे।

यह पैसा 71 खातों में गया। अब इस संबंध में विभाग से जानकारी मांगी जा रही है कि कितने कर्मचारी पिछले 5 साल में मृत हुए हैं। इस खुलासे के बाद इसमें पूरे सिस्टम की ही मिलीभगत पुलिस मान रही है। विभाग के जिन कर्मचारियों की मौत हो चुकी है, उनकी हाजिरी से लेकर ड्यूटी पर मौजूदगी तक दर्शाई गई। पीएचई विभाग में 16.42 करोड़ रुपये के घोटाले के खुलासे के बाद पूरा महकमा हिला हुआ है। इस मामले में क्राइम ब्रांच थाने में एफआईआर दर्ज की गई। पंप अटेंडर हीरालाल और उसके भतीजे राहुल आर्य की भूमिका सामने आई है। इन दोनों पर ही एफआइआर दर्ज की गई है।

एएसपी ऋषिकेष मीणा ने बताया कि राहुल आर्य अभी रिमांड पर है। उससे पूछताछ चल रही है। अब तक 71 बैंक खाते ऐसे हैं, जिनमें पैसा गया। इन्हें फ्रीज करवाया गया है। लेकिन इसके अलावा भी करीब 200 ऐसे खाते हैं, जो संदिग्ध है। अभी पूरा रिकार्ड जब्त नहीं हुआ है। राहुल आर्य से पूछताछ हुई तो उसने बुधवार को नया खुलासा किया।

उसने पूछताछ में बताया कि पीएचई के ऐसे नियमित और संविदा कर्मचारी, जिनकी पिछले कुछ सालों में मौत हुई है। उन्हें रिकार्ड में जीवित रखा गया। बाकायदा फर्जीवाड़ा करन उनकी हाजिरी लगाई गई, उन्हें ड्यूटी पर दर्शाया गया। उनके नाम से वेतन-भत्ते इन खातों में जाते रहे। ऐसे कई कर्मचारी हैं, जिनके मृत होने के बाद भी उनके नाम से वेतन निकलता रहा। 



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