(आजमगढ़) ओवैसी की पार्टी से जुड़कर आतंकी संगठन खड़ा करना चाहता था सबाउद्दीन आजमी -यूपी एटीएस की पूछताछ में आईएसआईएस संदिग्ध ने दी जानकारी
Aug 10, 2022
यूपी एटीएस ने मंगलवार को आजमगढ़ जिले से आईएसआईएस के संदिग्ध आतंकी सबाउद्दीन आजमी को गिरफ्तार किया है। यूपी एटीएस द्वारा की गई पूछताछ में सामने आया है कि सबाउद्दीन आजमी के इरादे बेहद खतरनाक थे। वह असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम से जुड़कर अपना आतंकी संगठन तैयार करने की कोशिश कर रहा था। उसके संपर्क आईएसआईएस से जुड़े लोगों से भी थे, जिनकी मदद से वह भारत में वैसा ही मुस्लिम आतंकी संगठन खड़ा करने का प्रयास कर रहा था, ताकि भारत में इस्लाम और शरिया कानून लागू किया जा सके।
इसके लिए वह युवाओं का ब्रेनवाश कर उन्हें अपने साथ जोड़ने की कोशिश तो कर ही रहा था, साथ ही स्वतंत्रता दिवस पर देश में धमाकों के लिए आईइडी बनाने की कोशिश में भी जुटा था। गिरफ्तार सबाउद्दीन आगामी नगर पालिका के चुनाव में सभासद का चुनाव भी लड़ने वाला था। सूत्रों के मुताबिक वह पार्टी के प्रचार के बहाने लोगों को गुमराह कर अपने मिशन के लिए उन्हें तैयार कर रहा था। उसके इस खतरनाक इरादे के सामने आने के बाद हर कोई हैरान है। माना जा रहा है कि उसके और भी साथी जिले में हो सकते हैं। उल्लेखनीय है कि आजमगढ़ जिले का आतंकवाद से गहरा नाता रहा है। वर्ष 1993 में हुए बम धमाकों से लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में हुई आतंकी वारदातों में आजमगढ़ का नाम आ चुका है। बटला एनकाउंटर में भी यहां के दो आतंकी मारे गए थे। अभी भी जिले के आधा दर्जन आतंकी फरार है।
अब यूपी एटीएस ने मुबारकपुर थाना क्षेत्र के अमिलो वार्ड संख्या-9 महमूदपुरा से आईएसआईएस के संदिग्ध आतंकी सबाउद्दीन आजमी को गिरफ्तार किया है। उसके पास से एटीएस ने आईइडी बनाने का सामान भी बरामद किया है। एटीएस के मुताबिक सबाउद्दीन के इरादे बहुत खतरनाक थे। वह कश्मीर में मुजाहिदों के साथ हो रही कार्रवाई से नाराज था और बदला लेना चाहता था।
सबाउद्दीन ने स्वतंत्रता दिवस पर देश में बड़े धमाके का प्लान भी तैयार किया था। जिसके लिए वह आईइडी तैयार कर रहा था। सूत्रों की माने तो सबाउद्दीन ने आईएएमआईएम सिर्फ इसलिए ज्वाइन किया ताकि वह राजनीतिक दल में काम करते हुए भारत में भी एआईएसआई जैसा एक बड़ा आतंकी संगठन तैयार कर सके। वह अपने वार्ड से नगर पालिका सभासद का चुनाव भी लड़ने की तैयारी में था, ताकि उसकी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच हो सके।
यूपी एटीएस के मुताबिक वह युवाओं को बरगलाकर जेहाद के लिए तैयार करता था। सबाउद्दीन आईएसआईएस के रिक्रूटर से सीधे संपर्क में था। यही नहीं व्हाट्सएप व टेलीग्राम से जिहादी विचारधारा को फैलाने का भी काम कर रहा था। वह आतंकी बिलाल, मूसा और खत्ताब के सीधे संपर्क में था। आईएसआईएस के अबू बकर अल-सामी से भी उसकी सीधी बात होती थी। भारत में इस्लामिक संगठन के दिशा में वह काफी आगे बढ़ चुका था। सबाउद्दीन ने आरएसएस के सदस्यों को टार्गेट करने के उद्देश्य से आरएसएस के नाम से मेल आईडी व उससे फेसबुक का एकाउंट भी बनाया था, ताकि प्लान के तहत उन्हें निशाना बनाया जा सके।