सितंबर में औसत से कम हो सकती है बारिश, सूखे का डर, किसानों को टेंशन

Sep 01, 2026

-देश के 312 जिलों में सामान्य से कम बारिश, 38 जिलों में भारी कमी दर्ज 

नई दिल्ली,। मॉनसून का आखिरी शुरू हो गया है। इस बार पूरे मॉनसून के मौसम में अल-नीनो का प्रकोप हावी रहा है, ऐसे में सितंबर को लेकर भी अनुमान लगाए जा रहे हैं। मौसम विभाग ने भी इस महीने में बारिश को लेकर जो चेतावनी दी है जिससे टेंशन बढ़ा गई है। भारत मौसम विभाग के मुताबिक सितंबर में बारिश औसत से कम रह सकती है और मॉनसून का यह पूरा चक्र सूखे नोट पर खत्म होने का अनुमान है। 

जानकारी के मुताबिक अगस्त में देशभर में कुल बारिश 213.3 एमएम रही है। यह सामान्य से 16.3फीसदी कम है। सिर्फ बारिश ही कम नहीं रही बल्कि अगस्त का महीना 125 साल के इतिहास में सबसे गर्म भी रहा। इस महीने में औसत न्यूनतम तापमान 24.36 डिग्री सेल्सियस रहा, जो 1901 से अब तक का सबसे ज्यादा और गर्म रहा। वहीं पूरे महीने का औसत तापमान देखें तो वह भी 28.01 डिग्री सेल्सियस रहा, जो इन वर्षों के रिकॉर्ड में सबसे गर्म रहा है।

मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि देश के कई हिस्सों में सितंबर में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। हालांकि उत्तर-पश्चिम, पूर्वोत्तर, पूर्वी, पूर्व-मध्य और दक्षिण-पूर्वी प्रायद्वीपीय भारत के कुछ क्षेत्रों में सामान्य या सामान्य से ज्यादा बारिश हो सकती है। इस साल मानसून काफी असमान रहा।

अल-नीनो के असर के चलते जून में बारिश 35 फीसदी तक कम हुई। जुलाई में थोड़ी स्थिति सुधरी और बारिश सामान्य रही लेकिन अगस्त के अंत तक कुल घाटा 14 फीसदी पर पहुंच गया। देश के 741 जिलों में से 312 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई, जबकि 38 जिलों में भारी कमी दर्ज की गई है।

सितंबर में कम बारिश होने से खेती पर दबाव बढ़ सकता है। ज्यादातर खरीफ फसलों की बुआई लगभग पूरी हो चुकी है, लेकिन इस बार पिछले साल की तुलना में कुल बोया गया क्षेत्र लगभग 2 फीसदी कम है। अगर बारिश नहीं हुई तो किसानों को सिंचाई पर ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है या सिंचाई न हो पाने की स्थिति में इससे उनकी लागत बढ़ेगी।

आईएमडी का कहना है कि फिलहाल भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में मजबूत अल नीनो की स्थिति बनी हुई है। समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से ज्यादा है। अगस्त 2026 में मॉनसून काफी सुस्त रहा है। इस महीने में मौसम इतना गर्म रहा कि 125 साल का रिकॉर्ड टूट गया। पिछले महीने में कम बारिश के कारण तापमान ज्यादा रहा है।

आईएमडी के मुताबिक सितंबर की सामान्य बारिश 167.9 एमएम है, लेकिन देश के कई हिस्सों में करीब 9 फीसदी कम बारिश तक हो सकती है। एक अनुमान के मुताबिक इस बार सामान्य के मुकाबले 91फीसदी बारिश होने की संभावना है। वहीं अगर चार महीनों के पूरे मानसून सीजन की बात करें तो जून से 31 अगस्त तक बारिश की कमी 13.8फीसदी हो चुकी है, सितंबर भी अगर सूखा रहता है तो यह कमी और भी बढ़ सकती है।

पूर्वानुमान है कि अल नीनो के चलते सितंबर में सिर्फ कम बारिश की संभावना नहीं है बल्कि देश के ज्यादातर हिस्सों में औसत अधिकतम तापमान सामान्य से ज्यादा रह सकता है। औसत न्यूनतम तापमान भी ज्यादा रह सकता है। जिसकी वजह से गर्मी पड़ सकती है और सूखे जैसी स्थिति आ सकती है। कम बारिश के चलते इस बार देरी से ठंड पड़ने की भी संभावना है।


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