बारिश ने दिल्ली को गर्मी से दी राहत खतरे के निशान के पार यमुना

नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त पर पूरे देश ने आजादी का जश्न मनाया। वहीं इस दौरान दिल्ली एनसीआर के कई इलाकों में बारिश हुई। इसके बाद राजधानी का मौसम सुहाना हो गया। वहीं लोगों को उमस भरी गर्मी से आजादी मिली।

कई इलाकों में तेज तो कहीं मध्यम बारिश हुई। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ों में बाढ़ की स्थिति लगातार बनी हुई है वहीं उसका असर अब यमुना नदी पर भी दिख रहा है। इस वजह से यमुना खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। आज सुबह की बात करें तो यमुना का जलस्तर 206 मीटर के ऊपर दिखाई दिया। वहीं राजधानी में बारिश के साथ ठंडी हवाएं भी चलीं, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज किया गया।

बता दें कि मौसम विभाग दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में बारिश का अनुमान जताया था। हालांकि आईएमडी के मुताबिक 16 अगस्त को मौसम फिर शुष्क हो जाएगा। वहीं अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है। पिछले दो दिनों में यमुना का जलस्तर दो मीटर तक बढ़ा है जो आगे और बढ़ने की आशंका है क्यूंकि पहाड़ों में आज भी बारिश का एलर्ट जारी किया गया है। उधर हाथिनीकुंड बैराज से भी लगातार पानी छोड़ा जा रहा है, जिसके कारण जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है।

हालांकि सेंट्रल वॉटर कमीशन के एक अधिकारी ने बताया कि जुलाई में जिस तरह बाढ़ की स्थिति हुई थी वैसी स्थिति इस बार नहीं होने की संभावना है लेकिन इसके बावजूद यमुना किनारे के कुछ इलाके इस बढ़ते जलस्तर के कारण जलमग्न हो सकते हैं। दिल्ली में यमुना के खतरे के निशान से ऊपर बहने के बावजूद बहरहाल किसी तरह का एलर्ट जारी नहीं किया गया है। पुरानी दिल्ली का लोहा पुल भी फिलहाल ट्रेन और छोटे वाहनों के लिये भी चालू रखा गया है।

हालांकि अगर जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो प्रशासन को ऐहतियाती कदम उठाने होंगे। हिमाचल प्रदेश के शिमला में क्षतिग्रस्त शिव मंदिर के मलबे में से मंगलवार को एक और व्यक्ति का शव बरामद होने और कृष्णा नगर इलाके में शाम को भूस्खलन के कारण दो लोगों की मौत के बाद राज्य में बारिश के कारण हुई घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 56 हो गई है। यहां कृष्णानगर इलाके में भूस्खलन के बाद कम से कम आठ घर ढह गए और एक बूचड़खाना मलबे में दब गया। शिमला के पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी ने बताया कि ताजा भूस्खलन में दो शव बरामद किए गए हैं। इस बीच, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने मूसलाधार बारिश को देखते हुए शिक्षण गतिविधियों को 19 अगस्त तक निलंबित कर दिया है।

विश्वविद्यालय का पुस्तकालय भी 20 अगस्त तक बंद रहेगा। मंगलवार को विश्वविद्यालय के अधिसूचना के अनुसार, अध्यापक और शिक्षणेतर कर्मी अपनी ड्यूटी पर आम दिनों की तरह आएंगे। राज्य में 12 में से 11 जिलों में 857 सड़कों पर यातायात अवरुद्ध है तथा 4,285 ट्रांसफार्मर और 889 जल आपूर्ति योजनाएं बाधित हैं। राज्य आपात अभियान केंद्र के अनुसार, 22 जून से 14 अगस्त तक मानसून के दौरान हिमाचल प्रदेश को 7,171 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।



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