वैतरणा खाड़ी में अवैध रेत खनन से रेलवे पुल को खतरा

मुंबई, । मुंबई से सटे पालघर जिले में वैतरणा खाड़ी में सक्शन पंपों और नावों से रेत निकाली जा रही है और इससे वैतरणा रेलवे पुल को खतरा पैदा हो गया है. इसलिए 2018 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने यहां पंपों से रेत खनन बंद करने का आदेश दिया था. लेकिन इस आदेश पर अमल नहीं होने पर हाई कोर्ट में नई अर्जी दाखिल की गई है. अर्जी पर बुधवार (13 सितंबर) को न्यायमूर्ति नितिन जामदार और न्यायमूर्ति मंजूषा देशपांडे की पीठ के समक्ष सुनवाई हुई। इस सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने स्थानीय प्रशासन पर कड़ी नाराजगी जताई. हाई कोर्ट ने पालघर जिला कलेक्टर को आदेश दिया है कि पंपों की मदद से इस रेत खनन को रोकने के लिए क्या उपाय किए जाएंगे, इसका हलफनामा दाखिल करें. हाईकोर्ट ने पालघर जिला प्रशासन पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वर्ष 2018 में दिया गया विस्तृत आदेश लागू नहीं हुआ तो यह ठीक नहीं है. इस रेत खनन से वैतरणा खाड़ी पर रेलवे पुल को खतरा पैदा हो गया है।

साथ ही रेत खनन से मैंग्रोव और कृषि भी प्रभावित होती है। हमारा आदेश कौन लागू करेगा? हाई कोर्ट ने भी आपसे अभी ये बात कहने को कहा है. इसके लिए कोर्ट ने पालघर जिला कलेक्टर को हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है और सुनवाई चार हफ्ते के लिए टाल दी गई है. कोर्ट की चेतावनी के बाद भी क्या पालघर जिला प्रशासन रेत खनन के खिलाफ कोई ठोस कदम उठाता है? ये देखना अहम होगा.



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