आपसी रिश्तों के माध्यम से बताया जीवन का दर्शन
Aug 12, 2023
शहीद भवन में नाटक बड़े भाई साहब का मंचन
युग प्रदेश, भोपाल।
नमृता थवानी ने नारी चरितम् नृत्य नाटिका का नृत्य प्रस्तुत किया वहीं उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की कहानियों में हमारा परिवार और सामाजिक परिवेश उभर कर आता है। उनकी कहानियों में रिश्तों और पारिवारिक मूल्य प्रधान होते हैं। इन के जरिये समाज की विसंगतियों पर प्रहार करते हैं।
शहीद भवन में शुक्रवार शाम खेला गया नाटक हमारी शिक्षा प्रणाली पर कटाक्ष करता है। इसलिए यह कहानी हर दौर में समसामयिक है। हर उम्र और हर वर्ष को ये कहानी हंसाते -गुदगुदाते जीवन जीने की सीख देती है। यह कहानी 1910 में मुंशी प्रेमचंद जी ने लिखी थी। इसे नाट्य रूप में रूपांतरित कर सहर्ष कल्चरल सोसयटी द्वारा प्रस्तुत किया गया। छोटा भाई बड़ भाई की करता है अनसुनीयह नाटक दो भाईयों की बीच की कहानी है।
जिसमें छोटा भाई अपने बड़े भाई की बात को हमेशा अनसुना करता है। दोनों भाई एक छात्रावास में रहते हैं, बड़ा भाई 9वीं क्लास में पढ़ता है और छोटा भाई छठी क्लास में पढ़ता है, दोनों भाईयों के बीच में तीन साल का अंतर है। बड़ा भाई पढ़ाई में अच्छा है, लेकिन वह फिर भी फेल हो जाता है, वहीं छोटा भाई जो हमेशा मस्ती करता रहता है लेकिन वह लगातार पास होता है।
इसके बावजूद बड़ा भाई छोटे भाई को समझता है कि मस्ती कम करा करो, लेकिन छोटा भाई उसकी बात नहीं मानता। नाटक में शिक्षा प्रणाली को लेकर भी कटाक्ष दर्शकों को देखने को मिले। उम्र ही नहीं अनुभव में भी बड़ाजब छोटा भाई मस्ती करने के बावजूद पास होता है, वहीं बड़ा भाई पढ़ने के बाद भी फेल हो जाता है। फिर भी बड़ा भाई अपना कर्तव्य निभाते हुए उसे पढ़ाई पर ध्यान देने को कहता है। वह कहता है कि तुम भले ही कितने भी बड़े हो जाओ पर मेरा बराबर जीवन का अनुभव तुम्हें नहीं है। इसका नाट्य रूपांतरण प्रिया भदौरिया ने किया तथा निर्देशन मो. फैजान का रहा। मंच पर हरीश शर्मा, पुष्पेंद्र सिंह ठाकुर,आदित्य पंडया आदि कलाकारों का अभिनय रहा।