नगरनिगम का दर्जा दिलाने एकजुट हुए पक्ष-विपक्ष, विशेष प्रस्ताव पारित
Sep 08, 2023
(सीताराम नाटानी) गुना-। नगरपालिका गुना को नगर निगम का दर्जा मिल सके, इसके लिए शुक्रवार को नगर पालिका में एक विशेष सम्मेलन का आयोजन किया। जिसमें पक्ष और विपक्ष दोनों के पार्षदों ने एकजुटता दिखाते हुए प्रस्ताव पारित किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार केा आयोजित नपा के विशेष सम्मेलन में नपा को नगर निगम का दर्जा प्राप्त हो सभी पार्षदों ने अपनी सहमति दर्ज की। ग्राम पंचायतों के 28 ग्रामों को इसमें शामिल करने का निर्णय लिया गया। नगर पालिका गुना के इस प्रस्ताव को नगर निगम का दर्जा दिलाने के लिए राज्य शासन को भेजा जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि शहर की जनसंख्या लगभग ढाई लाख के करीब है। इन ग्रामों को मिलाकर कुल जनसंख्या लगभग 3:30 लाख के करीब हो जाएगी। इस दौरान प्रस्ताव की संक्षेपिका का विवरण पार्षदों के बीच विधायक प्रतिनिधि अरविंद गुप्ता ने रखी। वही नेता प्रतिपक्ष शेखर वशिष्ट के साथ सभी पार्षदों ने ध्वनि में से इस प्रस्ताव को पास कर दिया। इस अवसर पर नपाध्यक्ष सविता गुप्ता ने सभी पार्षदों का आभार व्यक्त किया। वहीं पहली बार नगर पालिका में विधायक प्रतिनिधि के रूप में पहुंचे पूर्व पार्षद अरविंद गुप्ता का सभी पार्षदों ने उनका भव्य स्वागत किया।
इन गांवों को किया जाएगा शामिल
गुना को नगरनिगम बनाने के लिए जिन गांवों को शामिल किया गया है। उनमें खेजरा, पीताखेड़ी, बजरंगगढ़, विनायकखेड़ी, मुहालपुर, सोजना, हिलगना, हीरापुर, गादेर, बमोरी बुजुर्ग, पुरापोसर, सुमेर, गणेशपुरा, भावपुर, सिंघाड़ी, बरोदियाखुर्द, बिलोनिया, कुडी मंगवार, पिपरोदाखुर्द, सिंगवासा, चक सकतपुर, बोरखेड़ागिर्द, मावन, गढ़लागिर्द एवं देवरी डांग शामिल हैं। इन 28 गांवों की कुल आबादी लगभग 65 हजार के आसपास है।
इनका कहना है
गुना नगरपालिका को नगरनिगम बनाने के लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया है। इस संबंध में विधायक गोपीलाल जाटव ने भी पूर्व में सीएम को पत्र लिखा था। विगत दिनों गुना प्रावास पर आए सीएम के समक्ष नपाध्यक्ष और पार्षदों ने गुना को निगम बनाने के लिए पत्र दिया था। नपा द्वारा प्रस्ताव पारित होने के बाद नपा मप्र शासन को काम करना है। भाजपा-कांग्रेस दोनों के पार्षदों ने इसे ध्वनिमत से पास किया। इसके लिए मैं सभी का आभारी हूं। हमने आसपास के 28 गांवों को शामिल किया है। इनमें आवश्यकतानुसर घटाया-बढ़ाया जा सकता है। हमने शिवपुरी से सबक लेते हुए दूर के गांवों को इसमें शामिल नहीं किया है। मुरैना, छिंदवाड़ा गुना से छोटे हैं और वह निगम बन सकते हैं तो गुना क्यों नहीं। - अरविंद गुप्ता, नपाध्यक्ष पति एवं विधायक प्रतिनिधि
- नपाध्यक्ष द्वारा आहूत विशेष बैठक में हम सबने मिलकर गुना को नगरनिगम का दर्जा दिलाने प्रस्ताव पारित किया है। प्रदेश में कई नगरनिगम ऐसे हैं जो गुना से जनसंख्या और क्षेत्रफल की दृष्टि से छोटे हैं, लेकिन वह निगम बन चुकी है। गुना को यह सौगात मिलना चाहिए। इसके लिए हम सब एकजुट है। इसके लिए हमें सीएम हाउस से लेकर जहां तक दौड़ लगानी पड़ेगी वहां हम सब एकजुट होकर जाएंगे।- शेखर वशिष्ठ, नेता प्रतिपक्ष नपा गुना