मुंबई की प्यास बुझाने वाली 7 झीलों में से 4 झीलें हुई लबालब

मुंबई, । पिछले दो-तीन दिनों से मुंबई समेत उपनगरों में भारी बारिश का दौर जारी है. इसके चलते मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाले बांधों में जल भंडारण में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाले 7 झीलों में से 4 झीलें 100 प्रतिशत भर गई हैं। इसलिए अब पूरे साल भर मुंबईकरों की पीने के पानी की समस्या हल हो गई है और पानी की कमी का संकट भी टल गया है। बता दें कि मुंबई को 7 झीलों तानसा, मोडक सागर, भातसा, मध्य वैतरणा, अप्पर वैतरणा, विहार और तुलसी से पानी की आपूर्ति की जाती है।

मुंबई को प्रतिदिन 3,850 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति की जाती है। मुंबईकरों की एक साल की प्यास बुझाने के लिए 14 लाख 47 हजार 363 मिलियन लीटर पानी की जरूरत होती है। इस साल जुलाई महीने की पहली बारिश में ही मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाली झीलों में जल भंडारण में भारी बढ़ोतरी हुई. इनमें से 3 झीलें लबालब भर गईं।


हालांकि, अगस्त के पूरे महीने में बारिश ने मुंबई से मुंह मोड़ लिया। इससे झील क्षेत्र में जमा पानी तेजी से कम हुआ. इसलिए इस बात की पूरी संभावना थी कि मुंबईकरों को एक बार फिर पानी की कमी के संकट का सामना करना पड़ेगा। हालांकि, गुरुवार और शुक्रवार को मुंबई समेत उपनगरों में भारी बारिश के कारण झील क्षेत्र में जल भंडारण बढ़ रहा है. सभी सात जलापूर्ति झीलों में जल भंडारण 96.20 प्रतिशत तक पहुंच गया है. इनमें से तुलसी, विहार, तानसा और मोडक सागर झीलें लबालब हो चुकी हैं और लबालब हो रही हैं। इसलिए ऐसा लग रहा है कि मुंबई शहरों में जल संकट अभी दूर है. अगले दो से तीन दिनों में इस जल भंडारण में और बढ़ोतरी की संभावना है. पिछले साल सितंबर की शुरुआत में मुंबई की सभी सात झीलों में 98.17 फीसदी पानी जमा था.

- मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाली झीलों में जल भंडारण की स्थिति 

अप्पर वैतरणा बांध में 87.13 प्रतिशत जल भंडारण

मोडक सागर एवं तानसा में 100 प्रतिशत जल भंडार

मध्य वैतरणा 97.61 प्रतिशत जल भण्डारण

भातसा 97.05 प्रतिशत जल भण्डारण

विहार एवं तुलसी में 100 प्रतिशत जल भण्डारण

स्वेता/संतोष झा- १२.१५/०९ सितंबर/२०२३/ईएमएस


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