कभी-कभी खुद पर हंसना भी सीखना चाहिए: मनोज बाजपेयी
Sep 02, 2026
मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता मनोज बाजपेयी ने कहा कि अगर किसी बात को आपसी सहजता और मजाक के तौर पर कहा जा रहा है तो उसे लेकर अनावश्यक विवाद नहीं होना चाहिए। यह बात उन्होंने कॉमेडियन समय रैना के चर्चित शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के दूसरे सीजन में बिहार के लोगों को लेकर किए गए मजाक पर विवाद बढ़ने को लेकर कही।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हास्य के दौरान दूसरे व्यक्ति और उसकी पृष्ठभूमि के प्रति सम्मान बनाए रखना बेहद जरूरी है। अपनी आगामी फिल्म ‘लास्ट मैन इन टॉवर’ के प्रचार के दौरान बातचीत में मनोज बाजपेयी ने कहा कि लोगों को कभी- कभी खुद पर और एक-दूसरे पर हंसना सीखना चाहिए। उनके अनुसार, स्वस्थ हास्य वही है जिसमें किसी की भावनाओं को जानबूझकर ठेस न पहुंचाई जाए और मजाक के पीछे आपसी सम्मान कायम रहे।
दरअसल, शो के एक एपिसोड में समय रैना और शेरोन वर्मा के बीच मजाकिया बातचीत के दौरान बिहार को लेकर टिप्पणी की गई थी। समय रैना ने मजाक में शेरोन वर्मा के बिहार से मुंबई नौकरी की तलाश में आने की बात कही, जिस पर शेरोन ने भी पलटकर जवाब दिया।
सोशल मीडिया पर इस बातचीत के बाद कुछ लोगों ने बिहारियों को लेकर किए गए मजाक पर आपत्ति जताई और मामला चर्चा में आ गया। मनोज बाजपेयी ने कहा कि अगर दो लोग एक-दूसरे के साथ सहज हैं तो वे अक्सर आपस में मजाक करते हैं और एक-दूसरे पर हंसते भी हैं। लेकिन इस दौरान यह समझना जरूरी है कि हास्य की सीमा कहां तक है। उन्होंने कहा कि इंसान के भीतर खुद को लेकर हास्यबोध होना चाहिए, लेकिन साथ ही अपने और सामने बैठे व्यक्ति के सम्मान का भी ध्यान रखना चाहिए।
अभिनेता ने अपने शुरुआती दिनों का एक किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष की उम्र में जब वह दिल्ली में नए थे, तब बस के नियमों से अनजान होने के कारण सामने वाले दरवाजे से बस में चढ़ने की कोशिश कर रहे थे। इस पर बस चालक ने उन्हें डांटते हुए ‘ए बिहारी, पीछे के गेट से चढ़ो’ कहा।
मनोज बाजपेयी के मुताबिक, चालक को शायद यह नहीं पता था कि वह वास्तव में बिहार से ही हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें उस घटना का बुरा नहीं लगा, क्योंकि वह शहर में नए थे और बस के नियमों से परिचित नहीं थे।
बाद में अलग-अलग राज्यों के लोगों से दोस्ती के दौरान वे एक-दूसरे की पृष्ठभूमि को लेकर मजाक भी करते रहे, लेकिन आपसी समझ के कारण किसी को ठेस नहीं पहुंचती थी। मनोज बाजपेयी ने कहा कि असली समस्या तब पैदा होती है जब किसी समुदाय या व्यक्ति को जानबूझकर अपमानित किया जाए या उसे परेशानी पहुंचाने की कोशिश हो।