अब नीदरलैंड में इजराइली विदेश मंत्री समेत दो नेताओं की एंट्री पर लगाया बैन
Jul 30, 2025
एम्सटर्डम,। गाजा में संघर्ष में हजारों बेगुनाह लोगों की मौत के चलते इजराइल का यूरोप में विरोध हो रहा है। एक तरफ फ्रांस ने फिलिस्तीन को मान्यता देने की बात कही है तो वहीं ब्रिटेन का कहना है कि जब तक गाजा में जंग नहीं रुकती है, तब तक वह भी ऐसे कदम पर विचार कर सकता है। वहीं नीदरलैंड ने भी इजराइल के विदेश मंत्री बेजालेल स्मॉट्रिक और सिक्योरिटी मिनिस्चर इतामार बेन ग्विर के प्रवेश पर बैन लगा दिया है। यूरोपीय देशों ने इजराइल के लिए रिसर्च फंडिंग में कटौती का ऐलान कर दिया है। इस तरह इजराइल अब अकेला पड़ गया है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका इजराइल का खुला समर्थन कर रहा है, लेकिन पश्चिमी देशों की तरफ से हाथ खींचा जाना चिंता की बात है। इजराइल ने फ्रांस के कदम पर आपत्ति जताई है। इजराइल का कहना है कि फिलिस्तीन को मान्यता देना तो हमास के आतंकवाद का समर्थन करना और उसे फंड देने जैसा है। वहीं यूरोपीय देश कह रहे हैं इजराइल गाजा में खाने पीने की चीजों को पहुंचने में रुकावट पैदा कर रहा है जिससे वहां के हालात बेहद अमानवीय हैं मासूम बच्चे भूख से मर रहे हैं। इन देशों के दबाव के चलते ही इजराइल ने हर दिन 10 घंटे जंग रोकने की बात कही है ताकि लोगों तक मदद पहुंच सके।
वहीं नीदरलैंड का कहना है कि हमारा फैसला इसलिए सही है ताकि गाजा में अमानवीय हालात रोके जा सकें। नीदरलैंड ने कहा कि गाजा में जो हालात हैं, उसे रोकना जरूरी है। नीदरलैंड की ओर से इजराइल के राजदूत मोदी एफरैम को भी तलब किया जाएगा। नीदरलैंड के विदेश मंत्री कासपर वालदेकाम्प की ओर से जारी पत्र में सांसदों से कहा गया है कि इजराइल के इन दो नेताओं की एंट्री पर बैन लगा दिया गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि इन लोगों ने फिलिस्तीन के लोगों के खिलाफ हिंसा भड़काने वाली बात कही है। इन्हीं के चलते गाजा के हालात और बिगड़ गए हैं। बता दें यूरोपियन यूनियन इस मामले में अमेरिका की राय से सहमत नहीं है।