अब सांसदों को नहीं लगानी होगी लाइन सीट पर बैठे-बैठे लगा सकेंगे हाजिरी

Jul 15, 2025

नई दिल्ली भारत की लोकसभा ने सांसदों की हाजिरी प्रक्रिया को डिजिटल बना दिया है। अब सांसद अपनी सीटों से ही मल्टीमीडिया कार्ड, पिन नंबर या अंगूठे के निशान से हाजिरी लगा सकते हैं। ये बदलाव सदन में समय की बचत और व्यवधानों में कमी लाने के लिए किया गया है। लॉबी में हाजिरी रजिस्टर अब भी रहेगा, पर सांसदों को अपनी सीट से हाजिरी लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। अब भारत की लोकसभा और सांसद दोनों पहले से ज्यादा डिजिटल फ्रेंडली होने जा रहे हैं। संसद के मॉनसून सत्र से लोकसभा सांसदों को हाजिरी लॉबी की जगह अब अपनी सीट से ही लगानी होगी। अब तक लॉबी में रखे हुए रजिस्टर में ही सांसद अपनी हाजिरी लगाते आ रहे हैं।

हालांकि, नई पहले के बावजूद लोकसभा की लॉबी में रखे रजिस्टर को फिलहाल हटाया नहीं जाएगा। मगर, सांसदों को अपने सीट पर बैठकर ही हाजिरी लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इस तरह लोकसभा सांसदों की सदन में हाजिरी को अब हाईटेक बनाया गया है। अब सभी लोकसभा सांसद अपनी अटेंडेंस सीट पर बैठकर ही तीन तरीके से दर्ज कर सकते हैं। इसमें पहला तरीका- वो अपने मल्टीमीडिया कार्ड के जरिए पंच कर सकते हैं। दूसरा तरीका- लोकसभा सांसद अपने पिन नंबर से ही अपनी हाजिरी लगा सकते हैं। तीसरा तरीका ये है कि सांसद अपने अंगूठे के निशान से अपनी सीट पर लगे इंप्रेशन ग्रैबर का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके पहले हाउस के बाहर हाजिरी लगाने के लिए हस्ताक्षर करने के जाना पड़ता था। कई बार भीड़ भी लगती थी। सांसदों को होने वाली इस परेशानी की वजह से लोकसभा अध्यक्ष ने ये फैसला लिया है।

लोकसभा अध्यक्ष की ओर से इससे पहले जुलाई महीने के पहले सप्ताह में बड़ी जानकारी दी गई थी। उन्होंने कहा था, संसद में बार-बार होने वाले व्यवधानों में कमी आई है। इससे संसद के काम और चर्चा में इजाफा हुआ है। लोकसभा अध्यक्ष ने ये बात गुरुग्राम में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शहरी स्थानीय निकायों के अध्यक्षों के राष्ट्रीय सम्मेलन के मौके पर कही थी। उन्होंने कहा था, लोकसभा में देर रात तक सत्र चलते हैं। लंबे समय तक चर्चा होती है। वाद-विवाद होता है, जो ये दिखाता है कि लोकतांत्रिक संस्कृति परिपक्व और जिम्मेदार हो रही है। उन्होंने शहरी स्थानीय निकायों से जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को और मजबूत करने के लिए बैठकें करने और लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए कहा था।


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