नार्वे की संस्कृति भी भारत जैसी थी
Oct 06, 2023
खुदाई में सोने की पन्नी में देवी देवता का चित्रांकन
नई दिल्ली । जिस तरह से भारत में भवन निर्माण के पहले भूमि पूजन किया जाता है। जमीन में सोना चांदी और पंचरत्न रखने के बाद निर्माण कार्य किया जाता है।इसी तरह की संस्कृति नार्वे में भी पाई गई है।
नार्वे के पुरातत्वविदों ने एक प्राचीन इमारत के पास खुदाई की। इसमें 75 छोटी-छोटी पन्नियों में नार्वे के देवता और देवी का चित्रांकन पाया गया है। कागज के टुकड़े जैसी पन्नीयों को 1400 साल पहले का बताया गया है। माना जा रहा है, कि धार्मिक अनुष्ठान के दौरान इन पन्नियों का उपयोग किया जाता होगा।
नार्वे की लिलेहेमर के विग्रोम गांव के होव फॉर्म के पास खुदाई में तीन दर्जन सोने की पन्निया मिली है।इन्हें इमारत की बीम में पैक किया गया था। कुछ पन्निया दीवार पर भी पाई गई हैं। सोने से निर्मित इन पन्नियों की संरचना नाखून के आकार के बराबर हैं। निर्माण के दौरान भारतीय परंपराओं जैसी परंपराएं नार्वे में भी थी। इससे इसकी पुष्टि होती है। नार्वे में यह खुदाई यूनिवर्सिटी आफ ओस्लो के पुरातत्वविद कैथरीन स्टेन के नेतृत्व में की जा रही है।