इजरायल मामले में एकमत नहीं हैं एनडीए के नेता, जेडीयू विपक्ष का दे रहा साथ
Aug 26, 2024
तेल अबीब। केंद्र की एनडीए सरकार में शामिल राजनैतिक दल इजरायल मामले में एकमत नहीं हैं। इस मुद्दे पर जेडीयू विपक्ष के साथ खड़ी दिखाई दे रही है। जेडीयू के एक सीनियर पदाधिकारी ने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी का समर्थन करते हुए कहा है कि केंद्र सरकार को इजरायल की मदद तत्काल बंद कर देनी चाहिए। उनका कहना है कि भारत सरकार मासूम फिलिस्तीनियों की जान लेने वाले इजरायल को हथियारों की सप्लाई कर रहा है जिसपर तुरंत रोक लगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि फिलिस्तीनियों के नरसंहार में भारत इजरायल का साथ नहीं दे सकता।
एक संयुक्त् बयान में कहा गया, हम इजरायल द्वारा फिलिस्तीनियों पर हो रहे अत्याचार और नरसंहार की निंदा करते हैं। इस तरह का अत्याचार मानवता के खिलाफ है और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का भी उल्लंघन करता है। ऐसे में केंद्र सरकार से निवेदन है कि वह इजरायल को मिलने वाली हथियारों की सप्लाई पर रोक लगा दे। एक राष्ट्र के रूप में हम हमेशा ही मानवता की वकालत करते हैं और इस तरह से नरसंहार में शामिल नहीं हो सकते।नई दिल्ली में अल गुद्स के महासचिव मोहम्मद मकराम बलावी ने एक बैठक का आयोजन किया था। इसमें जेडीयू के महासचिव केसी त्यागी और समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद जावेद अली खान भी शामिल हुए थे। त्यागी और खान के अलावा समाजवादी पार्टी के लोकसभा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी और पूर्व सांसद मोहम्मद अदीब, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह, पंकज पुष्कर, कांग्रेस प्रवक्ता मीम अफजल और पूर्व लोकसभा सांसद कुंवर दानिश अली ने भी बयान पर साइन किए।महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का उदाहरण देते हुए कहा गया है कि हम उन देशों में शामिल थे जिसने अरब देशों के अलावा सबसे पहले 1988 में फिलिस्तीन को मान्यता दी थी। ऐसे में फिलिस्तीनियों के आत्मसम्मान, संप्रभुता और स्वतंत्रता की रक्षा करना भी हमारा कर्तव्य है। इस कठिन समय में हम फिलिसतीनियों के साथ खड़े हैं। हमारा कर्तव्य है कि हम शांति का मार्ग तलाशें।
बता दें कि अक्टूबर में हमास ने इजरायल पर हमला करके करीब 1200 लोगों को मार डाला था। उसके बाद से ही इजरायल गाजा में तबाही मचा रहा है। भारत का रुख इस मामले को लेकर काफी बैलेंसिंग रहा है। भारत ने हमास की भी निंदा की है और मानवाधिकारों का हवाला देते हुए गाजा में हो रहे नरसंहार की आलोचना भी की है। इजरायल और हमास के युद्ध को लेकर संयुक्त राष्ट्र महासभा में हुई वोटिंग से भारत ने खुद को अलग कर लिया था। रिपोर्ट के मुताबिक केसी त्यागी ने कहा कि जनता पार्टी के समय से ही वह फिलिस्तीन का समर्थन करते हैं। भारत सरकार, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी फिलिस्तीन का समर्थन करते थे। हम चाहते हैं कि गाजा में बूढ़े, बच्चों, महिलाओं और मासूमों पर अत्याचार रुके।