पाकिस्तान द्वारा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता का दुरुपयोग: कश्मीर और ओआईसी का एजेंडा

न्यूयॉर्क । संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता मिलने के बाद पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी छवि चमकाने और भारत विरोधी गतिविधियों को बढ़ने में लगा है। इसके तहत पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे को नए सिरे से उठाने की तैयारी में है, साथ ही मुस्लिम देशों के संगठन (ओआईसी) को संयुक्त राष्ट्र के मंच पर मजबूत करने की भी कोशिश कर रहा है।

पाकिस्तान वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अध्यक्ष है। इसी हफ्ते पाकिस्तान के विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय खुली बहस होने वाली है, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय झगड़ों के शांतिपूर्ण समाधान पर चर्चा होगी। इस दौरान पाकिस्तान कश्मीर का मुद्दा उठाने की तैयारी में है। 1 जुलाई को संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि आसिम इफ्तिखार अहमद ने बयान जारी कर कश्मीर विवाद का हल ढूंढने की बात कही थी। भारत ने स्पष्ट किया है कि वह पाकिस्तान के इस कदम का मजबूती से जवाब देगा। 

इसके अलावा, पाकिस्तान एक और मुहिम में लगा हुआ है, जिसके तहत वह इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) को संयुक्त राष्ट्र में मजबूत करना चाहता है। पाकिस्तानी विदेश मंत्री डार की अध्यक्षता में होने वाली एक अन्य बैठक में ओआईसी और संयुक्त राष्ट्र की साझेदारी पर चर्चा होगी। ओआईसी , जिसकी स्थापना 1969 में हुई थी और जिसमें 57 सदस्य देश हैं, कश्मीर मुद्दे पर लगातार भारत के खिलाफ बयानबाजी करता रहा है, खासकर 2019 में अनुच्छेद 370 हटने के बाद।

भारत ओआईसी और संयुक्त राष्ट्र के बीच इस तरह की साझेदारी को लेकर सहज नहीं है, क्योंकि ओआईसी का भारत के प्रति पूर्व का रवैया ठीक नहीं रहा है। माना जा रहा है कि भारत सुरक्षा परिषद में इस मुद्दे को उठाएगा। नवंबर 2024 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने ओआईसी के साथ अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, मानवाधिकार, आतंकवाद विरोधी और मानवीय मुद्दों पर सहयोग का संकल्प लिया था।


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