मेट्रो ट्रेन में प्रदूषण पर हुआ चौंकाने वाला खुलासा
Sep 15, 2022
अधिकांश लोग मेट्रो ट्रेन में सफर करते हुए यह सोचते हैं कि मेट्रो के भीतर हवा बाहर के मुकाबले शुद्ध रहती है। इस कारण कई मेट्रो सिटीज में लोग सेहत की दृष्टि से भी मेट्रो ट्रेन से ट्रैवल करना उचित समझते हैं। हालांकि हाल ही में फ्रांस की मेट्रो पर हुई एक स्टडी ने लोगों के इस भ्रम को तोड़ दिया। अन्सेस स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी ने पेरिस क्षेत्र मेट्रो सहित सात भूमिगत परिवहन नेटवर्क में प्रदूषण के स्तर की गहनता से जांच पड़ताल की तो पाया कि मेट्रो के भीतर ‘महीन कण प्रदूषण’ बाहरी हवा के मुकाबले औसतन तीन गुना अधिक थे। शोधकर्ताओं ने पाया कि भूमिगत मेट्रो के स्टेशन पर मौजूद हवा में धातु तत्वों की एक उच्च मात्रा होती है। इस हवा में विशेष रूप से लोहाऔर कार्बनिक कार्बन के बेहद महीन कण मौजूद रहते हैं। शोध में पाया गया कि मेट्रो के ब्रेक के पटरियों से रगड़ने के कारण यह प्रदूषण पैदा होता है और सुरंगों के माध्यम से चलने वाली ट्रेनों द्वारा इन्हें हवा में धकेल दिया जाता है। फिलहाल इस प्रदूषण का यात्रियों के स्वास्थ्य पर प्रभाव दिखाने के लिए पर्याप्त डेटा उपलब्ध नहीं है, लेकिन यह प्रदूषण कार्डिओ वैस्कुलर प्रभाव, सूजन और ऑक्सीडेटिव तनाव पैदा कर सकता है। विशेषज्ञों ने बताया कि मेट्रो प्रणाली में प्रदूषण को केवल प्लेटफार्म पर मापा जाता है, जबकि इसे हॉलवे और ट्रेन कारों में भी मापा जाना चाहिए। हवा की गुणवत्ता में सुधार के लिए ट्रेनों को बदला जाना चाहिए, सूक्ष्म कणों के निर्माण से बचने के लिए ब्रेक सिस्टम को अपग्रेड करना और साथ ही वेंटिलेशन में सुधार किया जाना चाहिए।