हिंदी में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू

Aug 09, 2023


- मंत्री सारंग बोले-जो काम 75 साल में नही हुआ वो हमने चार माह में किया

भोपाल । मध्य प्रदेश में अंग्रेजी में होने वाली एमबीबीएस यानी चिकित्सा विषय में स्नातक की पढ़ाई अब हिंदी में शुरू हो गई है। गुरुवार को हमीदिया अस्पताल के सभागार में एमबीबीएस के प्रथम वर्ष की पाठ्य पुस्तक वितरण का कार्यक्रम हुआ। इस अवसर पर प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि जो काम 75 साल में नहीं हुआ, वह हमने चार महीने में कर दिया। प्रदेश में सरकारी मेडिकल कॉलेज में 2275 एमबीबीएस की सीट है। आज के कार्यक्रम में 748 पुस्तक छात्रों को बांटी गई। वहीं, अधिकारियों ने बताया कि 650 किताबों की मांग और प्राप्त हुई है। हमीदिया अस्पताल में हुए कार्यक्रम में मंत्री विश्वास सारंग ने एमबीबीएस प्रथम वर्ष की हिंदी पाठ्यपुस्तकों का नि:शुल्क वितरण किया। साथ ही मंत्री ने एमबीबीएस प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों से संवाद भी किया। इसमें हिंदी माध्यम एवं ग्रामीण परिवेश से आने वाले विद्यार्थियों के पठन-पाठन में पुस्तकों की उपयोगिता के संबंध में चर्चा की गई। बता दें, 16 अक्टूबर को भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में एमबीबीएस की हिंदी किताबों का विमोचन केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने किया था।

मप्र के लिए गर्व का विषय

इस अवसर पर मंत्री सारंग ने कहा कि देश में पहली बार हिंदी में मेडिकल की पढ़ाई प्रारंभ करना मध्यप्रदेश के लिये गर्व का विषय है। सारंग ने कहा कि हमने मुश्किल काम को आसान करके दिखाया है और हम हिंदी में एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले देश के पहले राज्य बन गए हैं। मंत्री ने कहा की हम आउट ऑफ बॉक्स काम करेंगे, तभी लोग हमें पहचान पाएंगे।

हिंदी में मेडिकल की पढ़ाई वाला पहला राज्य

मंत्री सारंग ने कहा कि मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है, जो हिंदी में मेडिकल की पढ़ाई करा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले चरण में हिंदी में पढ़ाई करने वाले छात्रों को दो महीने हिंदी और दो महीने अंग्रेजी में शिक्षा दी जाएगी।

दो माह में दूसरे वर्ष की पुस्तक भी हिंदी में

हिंदी में एमबीबीएस 2.0 की प्रक्रिया भी मिशन मोड में शुरू हो गई है। मंत्री ने दावा किया की सितंबर माह तक एमबीबीएस के दूसरे वर्ष की पुस्तक भी हिंदी में तैयार होगी। इसके बाद तीसरे और चौथे वर्ष की हिंदी किताबें तैयार होंगी। कार्यक्रम में वर्चुअली 12 मेडिकल कॉलेज भी जुड़े। प्रथम वर्ष की किताबों का प्रदेश के सभी शासकीय मेडिकल कॉलेजों में नि:शुल्क वितरण किया गया।



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