महिला आरक्षण विधेयक से महाराष्ट्र को जल्द मिलेगी महिला मुख्यमंत्री?
Sep 20, 2023
मुंबई, । केंद्र सरकार द्वारा बुलाए गए संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण बिल पेश किया गया. इस कानून के जरिए लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा. इस बीच अगर विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण पारित हो गया तो स्थापित नेताओं को झटका लग सकता है. क्योंकि, अगर महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण का कानून विधानसभा में पारित हो गया तो महाराष्ट्र में 95 महिला विधायक होंगी. फिलहाल महाराष्ट्र विधानसभा में महिला विधायकों की संख्या सिर्फ 25 है. इसका मतलब है कि विधान सभा में महिलाओं का प्रतिनिधित्व लगभग चार गुना हो जाएगा।
तो क्या राज्य को मिलेगी पहली महिला मुख्यमंत्री? दरअसल महिला आरक्षण बिल पेश होने के बाद अब ऐसी चर्चा शुरू हो गई है. इस बीच अगर महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण का कानून विधानसभा में पारित हो जाता है तो राज्य की राजनीति में कई बदलाव होने की संभावना है. इसलिए स्थापित लोगों को बड़ा झटका लगने की आशंका है. इससे पहले महाराष्ट्र स्थानीय निकायों में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण देने का कानून बना चुका है. इस अधिनियम के कारण महानगर पालिकाओं, नगर पालिकाओं, ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों, जिला परिषदों में पहले से ही 50 प्रतिशत महिला राज है। अब राज्य विधानसभा में 33 फीसदी महिलाएं नजर आएंगी. इस बदलाव से मुख्यमंत्री पद की उम्मीद लगाए बैठे कुछ स्थापित नेताओं को झटका लगेगा.
- वर्तमान में महाराष्ट्र में कितनी महिला विधायक हैं?
फिलहाल महाराष्ट्र विधानसभा में महिला विधायकों की संख्या 25 है. विद्या ठाकूर, सीमा हिरे, सुमनताई पाटील, भारती लवेकर, मंजुला गावित, वर्षा गायकवाड, मंदा म्हात्रे, माधुरी मिसाल, यामिनी जाधव, लता सोनवणे, देवयानी फरांदे, मोनिका राजले, यशोमती ठाकूर, श्वेता महाले, नमिता मुंदडा, प्रतिभा धानोरकर, मेघना बोर्डीकर, अदिती तटकरे, प्रणिती शिंदे, गीता जैन, सरोज अहिरे, सुलभा खोडके, मनीषा चौधरी, अश्विनी जगताप आदि।